Gandhi Jayanti: हर साल 2 अक्टूबर को गांधी जयंती मनाई जाती है। इस दिन देश के ज्यादातर हिस्सों में शराब की दुकानें बंद रहती हैं और शराब की बिक्री या परोसने पर रोक रहती है। इसे Dry Day कहा जाता है। लेकिन सवाल यह है कि आखिर गांधी जयंती को ही शराब की बिक्री पर रोक क्यों लगाई जाती है? क्या इसके पीछे कोई केंद्रीय कानून है या राज्य सरकारें इसका फैसला करती हैं? इसका जवाब महात्मा गांधी के विचारों, संविधान के प्रावधानों और राज्यों के आबकारी कानूनों से जुड़ा है।
Dry Day क्या होता है?
ड्राई डे का सीधा मतलब उस दिन से है, जब किसी निर्धारित क्षेत्र में शराब की बिक्री पर रोक रहती है। ऐसे दिन शराब की दुकानें बंद रहती हैं और कई जगह बार, पब तथा शराब परोसने वाले अन्य लाइसेंसधारी प्रतिष्ठानों पर भी प्रतिबंध लागू होता है। हालांकि Dry Day का दायरा हर राज्य के नियमों के अनुसार अलग हो सकता है। राजस्थान आबकारी विभाग भी Dry Day को शराब की बिक्री पर रोक वाले दिन के रूप में परिभाषित करता है।
Gandhi Jayanti: गांधी जयंती से Dry Day का कनेक्शन
महात्मा गांधी शराब और नशे के विरोधी थे। स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान उन्होंने नशाबंदी को सामाजिक सुधार के महत्वपूर्ण मुद्दों में शामिल किया। शराब की दुकानों के सामने विरोध-प्रदर्शन और लोगों को नशे से दूर रहने की अपील उनके आंदोलनों का हिस्सा रही। इसलिए गांधी जयंती पर शराब की बिक्री रोकने की परंपरा को उनके विचारों और सामाजिक संदेश से जोड़ा जाता है।
संविधान में शराबबंदी का जिक्र?
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 47 में राज्य को सार्वजनिक स्वास्थ्य सुधारने और औषधीय प्रयोजनों को छोड़कर नशीली शराब तथा स्वास्थ्य के लिए हानिकारक नशीले पदार्थों के सेवन पर रोक लगाने की दिशा में प्रयास करने की बात कही गई है। हालांकि अनुच्छेद 47 नीति-निर्देशक तत्वों का हिस्सा है, इसलिए यह अपने आप में ऐसा बाध्यकारी प्रावधान नहीं है जिसके आधार पर हर जगह शराब की बिक्री स्वतः बंद हो जाए।
Gandhi Jayanti: ड्राई डे का फैसला कौन करता है?
शराब से जुड़े लाइसेंस, बिक्री और आबकारी व्यवस्था मुख्य रूप से राज्यों के अधिकार क्षेत्र में आती है। इसलिए Dry Day की सूची और उसके नियम राज्य सरकारों की आबकारी नीतियों तथा संबंधित कानूनों और अधिसूचनाओं के आधार पर तय होते हैं। यही वजह है कि अलग-अलग राज्यों में Dry Day की संख्या और नियमों में अंतर हो सकता है। कई राज्यों में 2 अक्टूबर को पूरे दिन Dry Day रखा जाता है।
क्या सिर्फ शराब की दुकानें ही बंद रहती हैं?
यह जरूरी नहीं कि हर जगह नियम सिर्फ खुदरा शराब दुकानों तक सीमित हो। किसी राज्य या जिले के आदेश के अनुसार बार, होटल, पब या शराब परोसने वाले अन्य लाइसेंसधारी प्रतिष्ठान भी बंद रखे जा सकते हैं। उदाहरण के तौर पर मेघालय में 2 अक्टूबर 2026 के लिए कुछ जिलों में जारी सरकारी आदेशों में शराब की दुकानों, बार और अन्य संबंधित प्रतिष्ठानों को बंद रखने का निर्देश दिया गया है।
Gandhi Jayanti: ड्राई डे का नियम तोड़ने पर क्या होता है?
ड्राई डे के दौरान शराब बेचने या परोसने पर संबंधित राज्य के आबकारी कानून और नियमों के तहत कार्रवाई हो सकती है। कार्रवाई में जुर्माना, लाइसेंस संबंधी कार्रवाई या प्रतिष्ठान को अस्थायी रूप से सील करना शामिल हो सकता है। उदाहरण के लिए हरियाणा की आबकारी नीति में ड्राई डे के उल्लंघन पर दंडात्मक कार्रवाई के साथ लाइसेंसधारी शराब बिक्री केंद्र को सील करने का प्रावधान दिया गया है। इसलिए 2 अक्टूबर को शराब खरीदने या बेचने से जुड़े नियम अपने राज्य की आबकारी अधिसूचना के अनुसार ही समझने चाहिए। इस तरह गांधी जयंती का Dry Day किसी एक समान केंद्रीय कानून से पूरे देश में लागू होने वाला नियम नहीं है। यह मुख्यतः राज्यों की आबकारी व्यवस्था के तहत लागू होता है, जबकि इसके पीछे गांधीजी के नशाबंदी संबंधी विचार और संविधान के अनुच्छेद 47 की नीति-दिशा भी महत्वपूर्ण संदर्भ हैं।









