Gold Silver Prices: मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच गुरुवार को सोने और चांदी की कीमतों में उछाल देखने को मिला। दोनों की कीमतों में लगभग 0.65 प्रतिशत तक बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिससे निवेशकों का रुझान एक बार फिर इन कीमती धातुओं की ओर बढ़ता दिखा।
एमसीएक्स पर सोने का हाल
भारत का बहुवस्तु विनिमय (एमसीएक्स) पर 5 जून 2026 वाले सोने के कॉन्ट्रैक्ट ने मजबूती के साथ शुरुआत की। पिछली क्लोजिंग 1,49,050 रुपए थी, जबकि यह 449 रुपए यानी 0.30 प्रतिशत की बढ़त के साथ 1,49,499 रुपए पर खुला।
सुबह 9:40 बजे तक इसमें हल्की गिरावट जरूर आई, लेकिन फिर भी यह 200 रुपए या 0.13 प्रतिशत की बढ़त के साथ 1,49,250 रुपए पर बना रहा।दिन के कारोबार में सोने ने 1,49,526 रुपए का उच्च स्तर और 1,49,179 रुपए का न्यूनतम स्तर छुआ।

चांदी की कीमतों में ज्यादा उछाल
चांदी के 3 जुलाई 2026 के कॉन्ट्रैक्ट में सोने के मुकाबले ज्यादा तेजी देखी गई। यह पिछली क्लोजिंग 2,38,254 रुपए से 2,530 रुपए यानी 1.06 प्रतिशत बढ़कर 2,40,784 रुपए पर खुला।खबर लिखे जाने तक चांदी 1,546 रुपए या 0.65 प्रतिशत की बढ़त के साथ 2,39,800 रुपए पर कारोबार कर रही थी।दिन में चांदी ने 2,40,908 रुपए का उच्चतम और 2,39,339 रुपए का न्यूनतम स्तर दर्ज किया।
Gold Silver Prices: अंतरराष्ट्रीय बाजार का असर
वैश्विक बाजारों में भी सोने और चांदी में तेजी देखने को मिली। कॉमेक्स पर सोना 0.05 प्रतिशत बढ़कर 4,563 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया, जबकि चांदी 0.43 प्रतिशत की तेजी के साथ 72.40 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी।इससे साफ है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार की चाल का असर घरेलू कीमतों पर भी पड़ रहा है।

तेजी की वजह क्या है?
सोने-चांदी की कीमतों में इस तेजी का मुख्य कारण Iran और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच बढ़ता तनाव माना जा रहा है।डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कहा है कि जब तक ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम पर समझौता नहीं करता, तब तक उस पर लगी नाकेबंदी नहीं हटेगी। दूसरी ओर, ईरान भी पीछे हटने के मूड में नहीं है, हालांकि वह शांति का प्रस्ताव दे चुका है।इस टकराव ने वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता बढ़ा दी है, जिससे निवेशक सुरक्षित विकल्प के तौर पर सोना-चांदी खरीद रहे हैं।
एक साल में कितनी बढ़ी कीमत?
वैश्विक अस्थिरता का असर पिछले एक साल में साफ दिखा है। इस दौरान सोने की कीमत में 40 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है, जबकि चांदी की कीमत 120 प्रतिशत से अधिक बढ़ चुकी है।यह तेजी बताती है कि संकट के समय में निवेशक इन धातुओं को सबसे सुरक्षित मानते हैं।








