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पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह करा रहे हैं श्री राम महायज्ञ, चारों पीठों के शंकराचार्यों को निमंत्रण

Bhopal: पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह करा रहे हैं श्री राम महायज्ञ, चारों पीठों के शंकराचार्यों को निमंत्रण
Bhopal: मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह के गृह क्षेत्र राघौगढ़ में 151 कुंडीय श्री राम महायज्ञ होने जा रहा है। दिग्विजय सिंह, पूर्व कांग्रेस सांसद लक्ष्मण सिंह, राघौगढ़ के पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष आदित्य विक्रम सिंह एवं राघौगढ़ विधायक जयवर्द्धन सिंह इस यज्ञ के संरक्षक हैं।

151 कुण्डीय श्री राम महायज्ञ  

दिग्विजय सिंह ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए जानकारी दी है कि 18 से 28 मई तक अभूतपूर्व अनुष्ठान 151 कुण्डीय श्री राम महायज्ञ, वेद पुराण, श्रीमद् भागवत, श्री रामचरितमानस आदि के पाठ का विश्व कल्याणार्थ भव्य आयोजन रखा गया है। उन्होंने आगे बताया कि भैंसाना में होने जा रहे विशाल यज्ञ की दिव्यता और भव्यता का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि यज्ञ स्थल को देखने के लिए हजारों श्रद्धालु दिन प्रतिदिन एकत्रित हो रहे हैं, और पिछले 6 महीने से भैंसाना आश्रम में प्रतिदिन लगभग 5 हजार लोग भंडारा प्रसाद ग्रहण करते हैं।

Bhopal: नेताओं और संतों को आमंत्रण

कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने इस भक्तिमय आयोजन में सनातन धर्म के ध्वज वाहक भगवान स्वरूप चारों पीठों के शंकराचार्य महाराजों को आदर के साथ निमंत्रण दिया है। उन्होंने बताया कि वे राज्यपाल, मुख्यमंत्री व मध्य प्रदेश सरकार के समस्त मंत्रीगण, प्रदेश की समस्त राजनीतिक पार्टियों के सम्माननीय विधायकों, जनप्रतिनिधियों व पदाधिकारियों को विधिवत निमंत्रित करेंगे।
उन्होंने बताया कि ब्रह्मलीन संत पंडित देवप्रभाकर शास्त्री “पूज्य दद्दा” के अतिप्रिय शिष्य, मशहूर फिल्म अभिनेता आशुतोष राणा, 18 मई को भैंसाना यज्ञ प्रांगण में धर्ममय उद्बोधन देंगे एवं अपनी प्रभावी शैली में शिवतांडव स्तोत्र का हिंदी में भावानुवाद प्रस्तुत करेंगे।

Bhopal:  कुमार विश्वास को भी न्योता

कांग्रेस नेता ने आगे बताया कि उन्होंने इस आयोजन में प्रसिद्ध कवि एवं रामकथा वाचक कुमार विश्वास को भी निमंत्रण भेजा है।
दिग्विजय सिंह ने देश-प्रदेश के रामभक्त सनातन धर्म प्रेमियों को सह परिवार, इष्ट मित्रों के साथ यज्ञ में पधारने का आवाहन करते हुए कहा है कि यज्ञ की महिमा अपरम्पार है एवं यज्ञ भारतीय सनातन संस्कृति के आधारस्तंभ हैं, जो देव-पूजा, हवन और दान का मिश्रण हैं। यज्ञ न केवल आध्यात्मिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करते हैं, बल्कि अग्नि के माध्यम से पर्यावरण को शुद्ध कर रोगों का शमन भी करते हैं।
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