MLA Niece Government Job: कर्नाटक के बागलकोट में सरकारी ‘नम्मा क्लिनिक’ में तैनात एक मेडिकल ऑफिसर को पद से हटा दिया गया है। अधिकारियों का आरोप है कि वह सरकारी ड्यूटी से गैर-हाजिर रहते हुए एक निजी मेडिकल कॉलेज में पोस्ट-ग्रेजुएट (PG) मेडिकल कोर्स कर रही थीं। मामले में कांग्रेस विधायक उमेश मेती की भतीजी डॉ. अंकिता यारगल का नाम सामने आया है।
MLA Niece Government Job: सरकारी नौकरी के साथ PG पढ़ाई का आरोप-
अधिकारियों के मुताबिक, डॉ. अंकिता यारगल को मेडिकल ऑफिसर के तौर पर 70,000 रुपये से अधिक सैलरी या मानदेय मिल रहा था। आरोप है कि वह मार्च 2026 से कई दिनों तक नम्मा क्लिनिक से गैर-हाजिर रहीं और इसी दौरान एक निजी मेडिकल कॉलेज में अपना PG कोर्स भी करती रहीं। अधिकारियों ने इसे बिना अनुमति दोहरी भूमिका निभाने का मामला बताया है। हालांकि, आरोपों की अभी जांच चल रही है और कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
MLA Niece Government Job: जिला पंचायत CEO ने जारी किया नोटिस-
डॉ. अंकिता की लंबे समय तक गैर-हाजिरी के बाद नम्मा क्लिनिक में मेडिकल ऑफिसर नहीं बचा। इसके बाद बागलकोट जिला पंचायत के CEO गजानन बाले ने उन्हें नोटिस जारी किया। नोटिस में उनकी गैर-हाजिरी और कथित तौर पर बिना अनुमति सरकारी नौकरी के साथ PG कोर्स करने को लेकर स्पष्टीकरण मांगा गया।
16 सितंबर को जांच में नहीं हुईं शामिल-
अधिकारियों ने डॉ. अंकिता को 16 सितंबर 2026 को शुरुआती जांच के लिए पेश होने का निर्देश दिया था। बताया गया कि उन्हें एस. निजलिंगप्पा मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल से कार्यवाही में शामिल होने की अनुमति भी मिली थी। इसके बावजूद वह जांच में शामिल नहीं हुईं। अब उन्हें 18 सितंबर को जरूरी दस्तावेजों और लिखित जवाब के साथ जिला पंचायत CEO के सामने पेश होने का निर्देश दिया गया है।
जवाब नहीं देने पर आगे बढ़ सकती है कार्रवाई-
नोटिस में कहा गया है कि अगर डॉ. अंकिता निर्धारित तारीख पर पेश नहीं होती हैं, तो उनके जवाब के बिना भी आगे की कार्रवाई की जा सकती है। जिला स्वास्थ्य अधिकारी राजकुमार यारगल ने उन्हें मेडिकल ऑफिसर के पद से हटा दिया है।
सैलरी की वसूली भी हो सकती है-
अधिकारियों ने संकेत दिया है कि अगर बिना अनुमति दोहरी भूमिका निभाने का आरोप सही पाया जाता है, तो इस अवधि में मिली सैलरी या मानदेय की लागू नियमों के तहत वसूली की जा सकती है। मामला साबित होने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई भी संभव है। अधिकारियों ने प्रोफेशनल मिसकंडक्ट की संभावना को देखते हुए मामले को कर्नाटक मेडिकल काउंसिल और नेशनल मेडिकल कमीशन के पास भेजने की संभावना भी जताई है।
पिता ने बेटी का किया बचाव-
मामले के बीच डॉ. अंकिता यारगल के पिता राजकुमार यारगल ने आरोपों का बचाव किया है। उन्होंने कथित तौर पर इस बात से इनकार किया कि MD कोर्स में शामिल होने के बाद उनकी बेटी को सैलरी मिली थी। डॉ. अंकिता की नियुक्ति में उनके पिता की कथित भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। हालांकि, इस मामले में भी आरोपों की जांच जारी है और अभी तक कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकला है।
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