Humpback whale: समंदर की गहराइयों में रहने वाली हंपबैक व्हेल ने ऐसा कारनामा कर दिखाया है, जिसने वैज्ञानिकों को भी चौंका दिया। एक व्हेल ऑस्ट्रेलिया से हजारों किलोमीटर दूर ब्राजील पहुंच गई, जबकि दूसरी ब्राजील से ऑस्ट्रेलिया तक तैरती हुई मिली। वैज्ञानिकों के मुताबिक यह अब तक की सबसे लंबी रिकॉर्ड की गई व्हेल यात्रा मानी जा रही है। रिसर्च में यह भी सामने आया कि हंपबैक व्हेल सिर्फ लंबी दूरी तय नहीं करतीं, बल्कि अपने गानों और जीन के जरिए दूसरे व्हेल समूहों को भी प्रभावित करती हैं। यही वजह है कि वैज्ञानिक इस खोज को बेहद अहम मान रहे हैं।
रिसर्च में क्या सामने आया?
रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया भर के वैज्ञानिकों की एक टीम ने हंपबैक व्हेल की पूंछ की हजारों तस्वीरों का अध्ययन किया। हर व्हेल की पूंछ का पैटर्न अलग होता है, जिससे उनकी पहचान की जा सकती है। वैज्ञानिकों ने पाया कि एक व्हेल को साल 2007 में ऑस्ट्रेलिया के क्वींसलैंड में देखा गया था। इसके करीब 12 साल बाद वही व्हेल ब्राजील के साओ पाउलो के पास दिखाई दी। दोनों जगहों के बीच समुद्री दूरी करीब 14,200 किलोमीटर थी। वहीं दूसरी व्हेल पहले ब्राजील के बाहिया तट पर नजर आई थी। करीब 22 साल बाद वही व्हेल ऑस्ट्रेलिया के हर्वे बे में देखी गई। इस यात्रा की दूरी लगभग 15,100 किलोमीटर बताई गई है।
Humpback whale: अब तक की सबसे लंबी दर्ज यात्रा
वैज्ञानिकों का कहना है कि पहली बार किसी एक हंपबैक व्हेल की दो तस्वीरों के बीच इतनी लंबी दूरी दर्ज की गई है। आमतौर पर इतनी विशाल यात्रा हंपबैक व्हेल के लिए बेहद दुर्लभ मानी जाती है। हंपबैक व्हेल करीब 55 फीट तक लंबी हो सकती हैं और उनका वजन कई टन तक होता है। इतनी विशालकाय होने के बावजूद उनका हजारों किलोमीटर तक तैरना वैज्ञानिकों के लिए बड़ी खोज माना जा रहा है।
Humpback whale: दूसरे महासागर के गाने भी सीखती हैं व्हेल
रिसर्च से जुड़ी वैज्ञानिक स्टेफनी स्टैक ने बताया कि ऐसी यात्राएं व्हेल की आबादी को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करती हैं। जब अलग-अलग क्षेत्रों की व्हेल आपस में मिलती हैं तो उनके जीन भी साझा होते हैं, जिससे जेनेटिक विविधता बनी रहती है। उन्होंने कहा कि हंपबैक व्हेल एक महासागर से दूसरे महासागर तक नए गानों की शैली भी लेकर जाती हैं। वैज्ञानिकों के मुताबिक व्हेल के गाने इंसानों के म्यूजिक ट्रेंड की तरह धीरे-धीरे दूसरे क्षेत्रों में फैल जाते हैं।
जलवायु परिवर्तन भी हो सकता है कारण
Humpback whale: वैज्ञानिकों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन की वजह से दक्षिणी महासागर में बर्फ और अंटार्कटिक क्रिल के फैलाव में बदलाव हो रहा है। क्रिल हंपबैक व्हेल का मुख्य भोजन होता है। ऐसे में भोजन और मौसम के बदलते पैटर्न के कारण व्हेल अब पहले से ज्यादा लंबी यात्राएं कर सकती हैं। रिसर्च में “सदर्न ओशन एक्सचेंज” थ्योरी को भी मजबूत माना गया है, जिसके अनुसार व्हेल कभी-कभी वापसी में नया रास्ता चुनकर किसी दूसरे प्रजनन क्षेत्र में पहुंच जाती हैं।
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