Illegal Syrup: गैरकानूनी कफ सिरप के कारोबार मामले को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने बड़ी कार्रवाई को शुरू कर दिया है। बता दें, लखनऊ ज़ोनल ऑफिस की टीम ने शुक्रवार 12 दिसंबर की सुबह को करीब 7:30 बजे एक साथ 25 जगहों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई एक बड़े नेटवर्क के खिलाफ की जा रही है, जिसमें 1000 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध कमाई होने का शक है। ईडी की टीमें इन सभी स्थानों पर दस्तावेज़ और सबूत जुटाने में लगी हुई हैं ताकि पूरे रैकेट का खुलासा किया जा सके।
Illegal Syrup रैकेट के तार कई राज्यों से जुड़े
कफ सिरप के अवैध व्यापार के मामले में पूरे नेटवर्क का पता लगाने के लिए जांच एजेंसियां तेज़ी से कार्रवाई कर रही हैं। बता दें, इस कार्रवाई की ज़द में अब चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) विष्णु अग्रवाल के ठिकाने भी आ गए हैं। अधिकारियों के अनुसार, जिन जगहों पर छापेमारी हो रही है, उसके मुताबिक मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल और उसके करीबियों लोग अलोक सिंह, अमित सिंह और कुछ मैन्युफैक्चरर्स के नाम सामने आ रहे हैं। कफ सिरप को अवैध धंधे में भेजने में इन सभी की मिलीभगत रही थी।

कप सिरप के अवैध धंधे से जुड़े पूरे नेटवर्क का पता लगाने के लिए छापे देश के कई शहरों में चल रहे हैं जैसे लखनऊ, वाराणसी, जौनपुर, सहारनपुर (उत्तर प्रदेश), रांची (झारखंड) और अहमदाबाद (गुजरात)। एजेंसियों ने इस मामले में ECIR दर्ज किया है, जो पिछले दो महीनों में उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों में दर्ज हुई 30 से ज्यादा FIRs के आधार पर है। सभी FIRs कोडीन युक्त कफ सिरप की अवैध जमा करने, परिवहन, बिक्री और सीमा पार सप्लाई से संबंधित हैं।
केस का मुख्य आरोपी विदेश में छिपा?
जांच में यह भी सामने आया है कि पूरा रैकेट हजार करोड़ रुपये से भी ज्यादा के अवैध लेन-देन में शामिल था। इस मामले के आरोपी शुभम जायसवाल अभी भी फरार है और अनुमान है कि वह दुबई में छिपा हुआ है। वहीं उसका पिता, भोला प्रसाद, पुलिस की गिरफ्त में है। अब तक उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा इस कैसे के अंदर 32 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है।








