INDIA Bloc Meeting: विपक्षी INDIA गठबंधन की दिल्ली में हुई बैठक के बीच वर्ष 2029 के लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री पद के संभावित चेहरे को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है। शिवसेना (यूबीटी) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत (Sanjay Raut) ने इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि गठबंधन को चुनाव से पहले प्रधानमंत्री पद के चेहरे पर विचार करना चाहिए।
पीएम चेहरे पर सामूहिक निर्णय की वकालत
संजय राउत ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार कोई एक दल या नेता तय नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि यह निर्णय INDIA गठबंधन में शामिल सभी सहयोगी दलों की सामूहिक सहमति से होगा। उनके अनुसार गठबंधन के सभी घटक दलों को साथ बैठकर इस विषय पर फैसला लेना चाहिए।
INDIA Bloc Meeting: बैठक में उठे दो अहम सवाल
बैठक के दौरान राउत से पूछा गया कि 2029 के चुनाव में गठबंधन का प्रधानमंत्री पद का चेहरा कौन होगा और किस नेता में इसकी क्षमता है। इस पर उन्होंने कहा कि यह फैसला किसी एक व्यक्ति के हाथ में नहीं है और सभी दल मिलकर इसे तय करेंगे।
‘अगर मोदी बन सकते हैं तो कोई भी बन सकता है’
क्षमता को लेकर पूछे गए सवाल पर राउत ने कहा कि यदि नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) देश के प्रधानमंत्री बन सकते हैं, तो गठबंधन में मौजूद अन्य नेता भी इस जिम्मेदारी को निभाने की क्षमता रखते हैं। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में संभावित दावेदारों को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं।
INDIA Bloc Meeting: उद्धव ठाकरे का समन्वय बढ़ाने पर जोर
सूत्रों के अनुसार,उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) ने INDIA गठबंधन की बैठकों को अधिक नियमित बनाने और दलों के बीच बेहतर समन्वय तंत्र विकसित करने का सुझाव दिया है। उनका मानना है कि विपक्षी एकता को मजबूत करने के लिए लगातार संवाद जरूरी है।
हेमंत सोरेन के समर्थन का दावा
संजय राउत ने दावा किया कि गठबंधन की नियमित बैठकों के सुझाव से हेमंत सोरेन (Hemant Soren) भी सहमत हैं। उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों के बीच बेहतर तालमेल भविष्य की राजनीतिक रणनीति के लिए महत्वपूर्ण होगा।
INDIA Bloc Meeting: 2029 की तैयारी पर फोकस
INDIA गठबंधन की यह बैठक आगामी विधानसभा चुनावों और 2029 के लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। प्रधानमंत्री पद के चेहरे को लेकर अभी कोई आधिकारिक निर्णय नहीं हुआ है, लेकिन राउत के बयान ने विपक्षी खेमे में नेतृत्व के सवाल को फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है।








