INDIA FTA DEAL: केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने ब्रिटेन के बिजनेस और ट्रेड राज्य सचिव पीटर काइल के साथ वर्चुअल बैठक की। इस दौरान दोनों नेताओं ने भारत और यूके के बीच व्यापार एवं निवेश संबंधों को और मजबूत करने पर विस्तार से चर्चा की।
CETA के प्रभावी क्रियान्वयन पर फोकस
बैठक का मुख्य उद्देश्य भारत-यूके व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौते (CETA) के तहत उपलब्ध अवसरों का अधिकतम लाभ उठाना था। दोनों पक्षों ने व्यापार बढ़ाने, निवेश को प्रोत्साहन देने और आपसी आर्थिक सहयोग को नई गति देने के तरीकों पर विचार किया।
INDIA FTA DEAL: पहले की बैठकों की निरंतरता
यह बातचीत दोनों देशों के बीच पहले से चल रही उच्च-स्तरीय संवाद प्रक्रिया का हिस्सा है। इससे पहले भी व्यापार विस्तार को लेकर कई महत्वपूर्ण बैठकें हो चुकी हैं, जिनमें दीर्घकालिक लक्ष्य तय किए गए थे। भारत-यूके सीईओ फोरम में 2030 तक व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य भी सामने रखा गया था।
भारत की वैश्विक व्यापार रणनीति
भारत लगातार अपने फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) नेटवर्क का विस्तार कर रहा है। हाल के वर्षों में भारत ने कई देशों के साथ नए समझौते किए हैं, जिससे वैश्विक व्यापार में उसकी स्थिति मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2020-21 से 2024-25 के बीच भारत के FTA साझेदार देशों के साथ व्यापार में 92 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
INDIA FTA DEAL: भविष्य की दिशा और आर्थिक संभावनाएं
सरकार का फोकस ऐसे देशों के साथ व्यापार समझौते करने पर है जहां सप्लाई चेन और आर्थिक गतिविधियां पहले से मजबूत हों। भारत अब 38 देशों के साथ 9 FTA समझौतों तक पहुंच चुका है, जो आने वाले समय में देश की आर्थिक वृद्धि और वैश्विक भागीदारी को और गति देने की संभावना रखते हैं।
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