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मिडिल ईस्ट के बिगड़ते हालात के बीच पीएम मोदी को नेतन्याहू का फोन, जानिए किन मुद्दों पर हुई चर्चा

नेतन्याहू ने पीएम मोदी को किया फोन, हुई चर्चा

India Israel Relations: मिडिल ईस्ट में ईरान और इजरायल के बीच तनाव अभी भी बना हुआ है। इसी बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बात की। दोनों नेताओं ने भारत और इजरायल के रिश्तों के साथ-साथ रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत बनाने पर चर्चा की।28 फरवरी 2026 को ईरान पर इजरायल और अमेरिका के संयुक्त हमले के बाद पूरे मिडिल ईस्ट में तनाव काफी बढ़ गया था। इस दौरान भारत लगातार दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील करता रहा है।

पश्चिमी एशिया के हालात पर हुई चर्चा

फोन पर हुई बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बेंजामिन नेतन्याहू ने पश्चिमी एशिया यानी मिडिल ईस्ट की मौजूदा स्थिति पर भी विस्तार से चर्चा की। दोनों नेताओं ने क्षेत्र में हाल के घटनाक्रमों पर अपने विचार साझा किए।इसके अलावा, दोनों इस बात पर भी सहमत हुए कि भविष्य में भी वे एक-दूसरे के संपर्क में रहेंगे और क्षेत्रीय तथा वैश्विक मुद्दों पर लगातार संवाद बनाए रखेंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को गुरुवार, 6 अगस्त 2026 को प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का फोन आया। इस बातचीत में दोनों नेताओं ने भारत-इजरायल स्पेशल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप के तहत अब तक हुई प्रगति की समीक्षा की।साथ ही रक्षा, तकनीक, कृषि और अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

1992 से मजबूत होते गए भारत-इजरायल संबंध

भारत और इजरायल के बीच औपचारिक राजनयिक संबंध वर्ष 1992 में स्थापित हुए थे। इसके बाद से दोनों देशों के रिश्ते लगातार मजबूत होते गए हैं।दोनों देशों की साझेदारी मुख्य रूप से रक्षा, उच्च तकनीक, कृषि और आपसी रणनीतिक विश्वास पर आधारित है। माना जाता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में भारत और इजरायल के संबंधों को नई गति और मजबूती मिली है। इसी विशेष रणनीतिक साझेदारी को लेकर दोनों प्रधानमंत्रियों के बीच यह महत्वपूर्ण बातचीत हुई।

रक्षा, हाई-टेक और एआई में बढ़ रहा सहयोग

भारत और इजरायल के बीच वर्षों से व्यापक रणनीतिक और सैन्य सहयोग जारी है। दोनों देश रक्षा क्षेत्र के अलावा हाई-टेक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) रिसर्च और कई आधुनिक तकनीकी परियोजनाओं पर भी साथ मिलकर काम कर रहे हैं।दोनों देशों के बीच करीब 3.75 बिलियन डॉलर का द्विपक्षीय व्यापार भी होता है, जो उनके मजबूत आर्थिक और रणनीतिक संबंधों को दर्शाता है।

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