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सिंधु जल संधि पर पाकिस्तान की धमकी का भारत ने दिया जवाब, बोला- अपनी नाकामियां छिपाने की कोशिश

 Indus Water Treaty:

 Indus Water Treaty: भारत ने सिंधु जल संधि को लेकर पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के ‘युद्ध’ संबंधी बयान की तीखी आलोचना की है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस तरह की टिप्पणियां पाकिस्तान की आंतरिक नाकामियों और मानवाधिकार उल्लंघनों से ध्यान भटकाने का प्रयास हैं।

विदेश मंत्रालय ने आरोपों को किया खारिज

मंगलवार को आयोजित प्रेस ब्रीफिंग में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत पाकिस्तान के आरोपों और दावों को पूरी तरह खारिज करता है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के बयान पाकिस्तान की हताशा को दर्शाते हैं और देश के भीतर मौजूद समस्याओं से ध्यान हटाने की कोशिश हैं।

 Indus Water Treaty: PoK की स्थिति का किया उल्लेख

विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) का जिक्र करते हुए कहा कि वहां के लोगों को लंबे समय से आर्थिक शोषण, प्रशासनिक दमन और बुनियादी अधिकारों से वंचित रखा गया है। भारत का कहना है कि मौजूदा हालात पाकिस्तान की नीतियों का परिणाम हैं।

 Indus Water Treaty: मानवाधिकार उल्लंघन के आरोप

भारत ने पाकिस्तान पर नागरिकों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने का आरोप लगाया। विदेश मंत्रालय के अनुसार आवश्यक वस्तुओं और दवाओं की आपूर्ति रोकना, इंटरनेट सेवाएं बंद करना और निहत्थे नागरिकों के खिलाफ बल प्रयोग जैसे कदम गंभीर चिंता का विषय हैं।

ख्वाजा आसिफ ने दी थी युद्ध की चेतावनी

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने हाल ही में कहा था कि यदि पाकिस्तान की जल सुरक्षा को खतरा हुआ तो उनका देश भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ सकता है। उन्होंने आरोप लगाया था कि भारत सिंधु नदी प्रणाली के जल प्रवाह को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा है।

सिंधु जल संधि को लेकर बढ़ा तनाव

भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के खिलाफ उठाए गए कदमों के तहत सिंधु जल संधि को निलंबित करने का फैसला लिया था। इसके बाद से दोनों देशों के बीच इस मुद्दे को लेकर तनाव बना हुआ है।

अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील

विदेश मंत्रालय ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को पाकिस्तान को उसके कार्यों और मानवाधिकार उल्लंघनों के लिए जवाबदेह ठहराना चाहिए। भारत ने दोहराया कि वह इस मुद्दे पर अपने रुख पर कायम है और पाकिस्तान के आरोपों का कोई आधार नहीं है।

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