Iran crisis: पिछले 107 दिनों से अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव और सैन्य संघर्ष को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि दोनों देशों के बीच शांति समझौते पर सहमति बन गई है। इसके साथ ही दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) को फिर से पूरी तरह खोलने की घोषणा भी कर दी गई है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर पोस्ट करते हुए कहा कि तेल से लदे जहाज अब दोबारा सुरक्षित तरीके से होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे हैं। उन्होंने लिखा कि समुद्री मार्ग पूरी तरह सुरक्षित है और जहाजों की आवाजाही सामान्य हो चुकी है।
शुक्रवार को होंगे समझौते पर हस्ताक्षर
जानकारी के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य अभियानों को रोकने और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोलने पर सहमति बनी है। इस समझौते पर औपचारिक हस्ताक्षर आगामी शुक्रवार को स्विट्जरलैंड में किए जाने की संभावना है। हालांकि, समझौते के सभी बिंदुओं का खुलासा अभी नहीं किया गया है। माना जा रहा है कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे संवेदनशील मुद्दों पर आगे अलग से बातचीत होगी।
Iran crisis: ट्रंप बोले- नाकेबंदी हटाने की मंजूरी दे दी
डोनाल्ड ट्रंप ने समझौते की पुष्टि करते हुए कहा कि ईरान के साथ बातचीत सफल रही है और समझौते को अंतिम रूप दे दिया गया है। उन्होंने घोषणा की कि अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी को हटाने और होर्मुज जलडमरूमध्य में मुक्त आवाजाही की अनुमति दे दी गई है। ट्रंप ने इसे वैश्विक शांति और आर्थिक स्थिरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
Iran crisis: ईरान ने भी समझौते की पुष्टि की
ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने भी सरकारी टेलीविजन पर इस समझौते की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि कतर की मध्यस्थता में तेहरान में 14 घंटे से अधिक समय तक चली बातचीत के बाद दोनों पक्षों के बीच सहमति बनी। हालांकि, ईरान ने स्पष्ट किया है कि समझौते को औपचारिक रूप से लागू करने की प्रक्रिया शुक्रवार को हस्ताक्षर होने के बाद ही शुरू होगी।
वैश्विक तेल बाजार पर पड़ेगा असर
Iran crisis: विशेषज्ञों का मानना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य के दोबारा खुलने से अंतरराष्ट्रीय तेल आपूर्ति सामान्य होगी और वैश्विक बाजार में तेल की कीमतों पर दबाव कम पड़ सकता है। अमेरिका की ओर से ईरान पर लगाए गए कुछ प्रतिबंधों में संभावित ढील भी ईरानी अर्थव्यवस्था को राहत दे सकती है।
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