Iran US Conflict: ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी तसनीम के अनुसार, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने अमेरिका और ईरान की सेनाओं के बीच हुई सैन्य कार्रवाई की जानकारी साझा की है। आईआरजीसी का दावा है कि संघर्ष उस समय शुरू हुआ जब अमेरिकी सेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य के नजदीक एक ईरानी तेल टैंकर को निशाना बनाया। इस हमले में टैंकर के इंजन रूम को नुकसान पहुंचा।आईआरजीसी के अनुसार, इसके जवाब में उसने नौसैनिक मिसाइलों की मदद से एक अमेरिकी-इजरायली जहाज पर हमला किया।
संचार टावर पर हमले के बाद बढ़ी सैन्य कार्रवाई
आईआरजीसी का कहना है कि इसके बाद अमेरिकी सेना ने क़ेशम द्वीप के दक्षिणी हिस्से में स्थित उसके एक संचार टावर को निशाना बनाया। जवाबी कार्रवाई में आईआरजीसी ने मिसाइलों और ड्रोन का उपयोग करते हुए अमेरिकी वायु सेना के ठिकानों पर हमला किया।ईरान का दावा है कि इन हमलों में अमेरिकी पांचवें बेड़े के मुख्यालय और क्षेत्र के एक देश में मौजूद अमेरिकी हेलीकॉप्टर भी निशाने पर रहे।

Iran US Conflict: बहरीन ने अपना हवाई क्षेत्र बंद किया
कई रिपोर्टों के मुताबिक, ईरान के हमलों के बाद बढ़ते तनाव को देखते हुए बहरीन ने अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया है। वहीं, यूएई और कुवैत में विमानन सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं। बुधवार सुबह अमेरिकी सेना ने बताया कि कुवैत और बहरीन की ओर दागी गई ईरानी मिसाइलें या तो विफल हो गईं या उन्हें मार गिराया गया। इसके जवाब में अमेरिका ने ईरान पर हमले किए।
ईरान-अमेरिका तनाव के बीच कच्चे तेल के दाम बढ़े
बुधवार सुबह शुरुआती कारोबार के दौरान कच्चे तेल की कीमतों में 1 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसकी वजह ईरान के क़ेशम द्वीप पर अमेरिकी हमला और कुवैत व बहरीन की ओर ईरान द्वारा किए गए मिसाइल तथा ड्रोन हमले रहे। इसके साथ ही अमेरिका और ईरान के बीच चल रही कूटनीतिक वार्ता में भी कोई ठोस प्रगति नहीं हुई।
ब्रेंट क्रूड वायदा 1.05 डॉलर यानी 1.09 प्रतिशत बढ़कर 97.05 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। वहीं, अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) 1.01 डॉलर यानी 1.08 प्रतिशत बढ़कर 94.77 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
अमेरिका ने मेक्सिको सहित अपने अधिकांश प्रमुख व्यापारिक साझेदार देशों से होने वाले आयात पर कम से कम 10 प्रतिशत शुल्क लगाने का प्रस्ताव रखा है। इसके अलावा भारत, चीन, जापान और दक्षिण कोरिया जैसे व्यापारिक साझेदारों पर 12.5 प्रतिशत शुल्क वृद्धि का भी प्रस्ताव दिया गया है।
अमेरिकी विदेश मंत्री ने ईरान पर साधा निशाना
इस बीच, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने मंगलवार को वाशिंगटन में आयोजित एक संसदीय सुनवाई के दौरान ईरान की कड़ी आलोचना की।सीनेटर कोरी बुकर के सवाल का जवाब देते हुए रुबियो ने कहा कि ईरान की सैन्य और आर्थिक स्थिति पहले की तुलना में काफी कमजोर हो चुकी है। उन्होंने दावा किया कि ईरान ने अपनी नौसैनिक क्षमता लगभग खो दी है और उसके रक्षा उद्योग को भी बड़ा नुकसान पहुंचा है। रुबियो के अनुसार, छह से नौ महीने पहले की तुलना में ईरान की अर्थव्यवस्था अब कहीं अधिक खराब स्थिति में है।
कुवैत ने नागरिकों को जारी की चेतावनी
बढ़ते क्षेत्रीय तनाव के बीच कुवैत ने भी सुरक्षा चेतावनी जारी की है। कुवैती सेना के जनरल स्टाफ ने बताया कि देश की वायु रक्षा प्रणाली इस समय शत्रुतापूर्ण मिसाइल और ड्रोन हमलों का सामना कर रही है।अधिकारियों ने कहा कि यदि लोगों को विस्फोट जैसी आवाजें सुनाई दें, तो वे वायु रक्षा प्रणाली द्वारा दुश्मन के हमलों को रोकने की कार्रवाई का हिस्सा हो सकती हैं। नागरिकों से सुरक्षा एजेंसियों द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।
अमेरिकी सेना के अनुसार, ईरान ने कुवैत और बहरीन की ओर मिसाइलें दागी थीं। हालांकि अमेरिका का कहना है कि ये मिसाइलें या तो अपने लक्ष्य तक पहुंचने में विफल रहीं या फिर उन्हें रास्ते में ही मार गिराया गया।समाचार एजेंसी एपी की रिपोर्ट के मुताबिक, इसके जवाब में अमेरिकी सेना ने ईरान के एक सैन्य ठिकाने पर हमला किया।
संघर्ष विराम पर बातचीत को लेकर विरोधाभासी दावे
ईरानी समाचार एजेंसियों ने मंगलवार को दावा किया कि ईरान ने अमेरिका और इज़राइल के साथ जारी संघर्ष को रोकने और युद्धविराम बढ़ाने के लिए मध्यस्थ देशों के माध्यम से होने वाली बातचीत को बंद कर दिया है।हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि बातचीत अभी भी जारी है और संपर्क पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है।
इसी दौरान अमेरिकी सेना ने एक और ईरानी तेल टैंकर को रोकने के लिए मिसाइल दागी। अमेरिका का आरोप है कि यह टैंकर अमेरिकी नाकाबंदी का उल्लंघन करते हुए एक ईरानी बंदरगाह तक पहुंचने की कोशिश कर रहा था।अमेरिकी केंद्रीय कमान (सेंटकॉम) ने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए कहा कि नाकाबंदी तोड़ने की कोशिश के दौरान रोका गया यह सातवां जहाज था।
क्षेत्र में लगातार बढ़ रहा है तनाव
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य टकराव के कारण पूरे पश्चिम एशिया में तनाव का माहौल बना हुआ है। दोनों देशों के बीच लगातार हो रही सैन्य कार्रवाई और आरोप-प्रत्यारोप से क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर चिंताएं और बढ़ गई हैं।








