JAGANNATH YATRA: ओडिशा के पुरी में भगवान जगन्नाथ की विश्व प्रसिद्ध रथयात्रा के दौरान रुक-रुक कर बारिश होती रही, लेकिन श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नहीं आई। लाखों भक्त भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा के दर्शन के लिए पुरी पहुंचे और पूरे शहर में “जय जगन्नाथ” के जयकारे गूंजते रहे।
‘यह बारिश नहीं, प्रभु का आशीर्वाद’
श्रद्धालुओं ने कहा कि रथयात्रा के दौरान होने वाली बारिश उनके लिए बाधा नहीं, बल्कि भगवान जगन्नाथ का आशीर्वाद है। उनका कहना था कि रथयात्रा में शामिल होने का सौभाग्य ही सबसे बड़ा प्रसाद है और मौसम उनकी आस्था को प्रभावित नहीं कर सकता।
JAGANNATH YATRA: मंदिर में तेजी से पूरे हुए सभी अनुष्ठान
श्री जगन्नाथ मंदिर के चुनरा सेवायत शरत मोहंती ने बताया कि इस बार मंदिर के सभी प्रमुख धार्मिक अनुष्ठान निर्धारित समय से पहले पूरे किए गए। मंगला आरती, स्नान पूजा, श्रृंगार और विशेष वेश के बाद भगवान को भोग अर्पित किया गया, जिसके पश्चात रथारोहण और पारंपरिक ‘पाहांडी बिजे’ की प्रक्रिया शुरू हुई।
पाहांडी में रथ पर विराजमान हुए महाप्रभु
परंपरा के अनुसार सबसे पहले चक्रराज सुदर्शन, फिर भगवान बलभद्र, देवी सुभद्रा और अंत में भगवान जगन्नाथ को मंदिर से बाहर लाकर रथों पर विराजमान कराया गया। इस दौरान घंटों, मृदंग और पारंपरिक वाद्य यंत्रों की गूंज से पूरा बड़दांड भक्तिमय वातावरण में डूब गया।
JAGANNATH YATRA: श्रद्धालुओं ने बताया जीवन का सबसे बड़ा सौभाग्य
एक महिला श्रद्धालु ने कहा कि बचपन से भगवान का रथ खींचने की इच्छा थी, जो अब हर वर्ष पूरी हो रही है। उन्होंने प्रार्थना की कि जीवन की अंतिम सांस तक भगवान जगन्नाथ उन्हें रथयात्रा में शामिल होने का अवसर देते रहें।
JAGANNATH YATRA: देशभर से पहुंचे भक्त, पहली बार आने वालों में भी उत्साह
मुंबई सहित देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने कहा कि भगवान जगन्नाथ की कृपा ही उन्हें पुरी तक लेकर आई है। कई भक्तों ने पहली बार रथयात्रा में शामिल होकर इसे जीवन का अविस्मरणीय आध्यात्मिक अनुभव बताया।
ओडिसी कलाकारों ने दी भक्ति की प्रस्तुति
रथयात्रा में शामिल ओडिसी नृत्य कलाकारों ने भगवान जगन्नाथ के समक्ष प्रस्तुति देकर इसे अपने जीवन का सबसे बड़ा सम्मान बताया। कलाकारों ने कहा कि प्रभु की सेवा में किया गया नृत्य उनके लिए सबसे बड़ा सौभाग्य है और भारी बारिश भी इस आध्यात्मिक आनंद को कम नहीं कर सकती।
JAGANNATH YATRA: बारिश के बीच प्रशासन रहा मुस्तैद
लगातार बारिश के कारण पुरी के कुछ इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी, लेकिन प्रशासन, सुरक्षा बलों और स्वयंसेवकों ने श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए व्यापक इंतजाम किए। लाखों श्रद्धालुओं की मौजूदगी के बावजूद रथयात्रा का आयोजन शांतिपूर्ण और श्रद्धामय वातावरण में जारी रहा।
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