Jagtadal Clash News: पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के जगतदल इलाके में टीएमसी और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच जोरदार झड़प हो गई। इस घटना के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। भाजपा उम्मीदवार राजेश सिंह ने देर रात जगतदल पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है। इस हिंसक झड़प में कुछ लोगों के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है।
नुक्कड़ सभा से शुरू हुआ विवाद
भाजपा उम्मीदवार राजेश सिंह के मुताबिक यह विवाद कल से शुरू हुआ। उन्होंने बताया कि वे एक नुक्कड़ सभा कर रहे थे, तभी टीएमसी के लोग वहां पहुंच गए। वार्ड 17 के पार्षद मनोज पांडे भी कुछ लोगों के साथ मौके पर आए और वहां हंगामा शुरू कर दिया। इसके बाद वे पुलिस स्टेशन के IC के पास जाकर शिकायत दर्ज कराने पहुंचे।
Jagtadal Clash News: पोस्टर लगाने के दौरान तनाव और हमले के आरोप
राजेश सिंह ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वागत के लिए पोस्टर लगाए जा रहे थे, तभी टीएमसी कार्यकर्ता वहां आकर बाधा डालने लगे। उन्होंने कहा कि जब वे घर लौटे, तो उन पर पत्थरबाजी की गई और बम फेंके गए। इतना ही नहीं, उनके ड्राइवर पर भी पत्थर फेंका गया और फायरिंग जैसी घटना भी हुई।
टीएमसी का पलटवार और तोड़फोड़ के आरोप
टीएमसी उम्मीदवार अमित गुप्ता ने पूरी घटना पर अलग बयान दिया। उनका कहना है कि उनके कार्यकर्ता बिट्टू इलाके में बैनर और झंडे लगा रहे थे, जहां उनकी पार्टी का कार्यालय भी मौजूद है। इसी दौरान गुड्डू सिंह और पिंटू सिंह के साथ मारपीट की गई। साथ ही उनके झंडे फाड़ दिए गए और पार्टी कार्यालय में तोड़फोड़ भी की गई।
थाने में शिकायत के दौरान फिर से टकराव का आरोप
अमित गुप्ता ने बताया कि वे इस मामले की शिकायत दर्ज कराने थाने पहुंचे थे, लेकिन उसी समय अर्जुन सिंह ने उनके कार्यकर्ताओं पर अचानक हमला कर दिया। उन्होंने कहा कि यह कोई नई बात नहीं है और उनके खिलाफ पहले से लगभग 200 मामले लंबित हैं।
टीएमसी नेता ने आगे कहा कि अगर ऐसे लोगों की सरकार बनती है तो पूरे इलाके में इसी तरह की स्थिति बनी रहेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि जो लोग थाने के अंदर भी अपराध कर सकते हैं, वे कहीं भी कुछ भी कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि शिकायत दर्ज करा दी गई है और चुनाव आयोग को भी जानकारी भेज दी गई है। साथ ही उच्च नेतृत्व को भी सूचित किया गया है और अब प्रशासन से सख्त कार्रवाई की उम्मीद है।
ये भी पढ़े… बंगाल में प्रचार का आखिरी दिन, मुख्यमंत्री योगी की चार बड़ी सभाएं, क्या ममता के लिए बढ़ेगी चुनौती?








