Jehanabad News: इस्कॉन जहानाबाद की ओर से “एक कदम अपने धर्म की ओर” अभियान के अंतर्गत तुलसी पूजा समारोह का भव्य और श्रद्धापूर्ण आयोजन मलहचक स्थित कुटिया (शिव मंदिर परिसर), आदिशक्ति मिनरल वाटर के समीप किया गया। पूरा परिसर भक्ति, आस्था और सनातन संस्कृति के रंग में रंगा नजर आया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया, जिसमें महिलाओं की सहभागिता विशेष रूप से सराहनीय रही।
तुलसी माता की विधिवत पूजा-अर्चना
समारोह के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार के साथ तुलसी माता की विधिवत पूजा-अर्चना की गई। श्रद्धालुओं ने दीप प्रज्वलन, जल अर्पण और पुष्प अर्पित कर तुलसी माता से सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की। “हर घर तुलसी” और “सनातन संस्कृति अमर रहे” जैसे नारों से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया। कार्यक्रम में शामिल महिलाओं ने तुलसी के धार्मिक, आध्यात्मिक और पारिवारिक महत्व पर अपने विचार साझा किए। महिलाओं ने कहा कि तुलसी केवल एक पौधा नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और संस्कारों की जीवंत प्रतीक है। उनका मानना है कि तुलसी घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है और परिवार को मानसिक शांति प्रदान करती है। महिलाओं ने बताया कि चाहे वे गृहिणी हों या बाहर कार्यरत, प्रतिदिन तुलसी पूजन और जल अर्पण को वे अपने जीवन का महत्वपूर्ण कर्तव्य मानती हैं।
Jehanabad News: घरों में तुलसी का पौधा लगाने की अपील
तुलसी पूजा के समापन के बाद मंदिर के पुजारी एवं इस्कॉन जहानाबाद के प्रतिनिधियों द्वारा लगभग 100 से 200 महिलाओं के बीच तुलसी के पौधे प्रसाद और उपहार स्वरूप वितरित किए गए। इस अवसर पर महिलाओं से अपील की गई कि वे अपने-अपने घरों में तुलसी का पौधा लगाकर नियमित पूजा करें और अपने परिवार व समाज को इसके लाभों से जोड़ें।
कार्यक्रम के दौरान तुलसी पूजा के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए बताया गया कि सनातन परंपरा में तुलसी को अत्यंत पवित्र और देवी स्वरूप माना गया है। धार्मिक मान्यता के अनुसार जिस घर में तुलसी पूजन होता है, वहां नकारात्मक ऊर्जा प्रवेश नहीं करती और वातावरण सदैव पवित्र, शांत एवं सकारात्मक बना रहता है। इसके साथ ही तुलसी के औषधीय गुणों की भी जानकारी दी गई। बताया गया कि तुलसी के पत्ते प्राकृतिक एंटीबायोटिक के रूप में कार्य करते हैं। सर्दी, खांसी, जुकाम या हल्के बुखार में तुलसी के पत्तों से बना काढ़ा अत्यंत लाभकारी होता है और रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाता है।
लोगों को दिया संदेश
इस्कॉन के प्रतिनिधियों ने यह संदेश भी दिया कि तुलसी पूजा किसी एक वर्ग या समुदाय तक सीमित नहीं है, बल्कि हर जाति, वर्ग और उम्र के लोग इसे अपनाकर अपने जीवन को सकारात्मक बना सकते हैं। तुलसी पूजा न केवल धार्मिक आस्था को मजबूत करती है, बल्कि यह स्वास्थ्य संरक्षण और मानसिक शांति का भी सशक्त माध्यम है। पूरे आयोजन के दौरान भक्तिमय माहौल बना रहा। श्रद्धालुओं ने इस कार्यक्रम को प्रेरणादायक, ज्ञानवर्धक और आत्मिक अनुभव बताया। स्थानीय लोगों ने इस्कॉन जहानाबाद के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में धर्म, संस्कृति, स्वास्थ्य और नैतिक मूल्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
Report By: बरुण कुमार
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