US-Iran Peace Talks: अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति वार्ता को लेकर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। शनिवार को जहां अमेरिकी दूत पाकिस्तान के लिए रवाना हुए थे, वहीं इससे पहले ही ईरानी प्रतिनिधिमंडल इस्लामाबाद से लौट गया। हालात ऐसे बने कि अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने अपने दूतों को रास्ते से ही वापस बुला लिया। इस पूरे घटनाक्रम ने दोनों देशों के बीच बातचीत की संभावनाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं, हालांकि कूटनीतिक स्तर पर उम्मीदें अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं।
पाकिस्तान में क्या हुआ, क्यों बिगड़ी बात?
ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi अपनी टीम के साथ शुक्रवार रात इस्लामाबाद पहुंचे थे, लेकिन शनिवार रात ही वापस लौट गए। इस दौरान उन्होंने पाकिस्तान के सेना प्रमुख Asim Munir से मुलाकात की, जो इस पूरी प्रक्रिया में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं। माना जा रहा है कि ईरान ने अपनी शर्तें पाकिस्तान के सामने रख दी थीं, लेकिन बातचीत किसी ठोस नतीजे तक नहीं पहुंच पाई।
US-Iran Peace Talks: अमेरिका की रणनीति में अचानक बदलाव
इस बीच Donald Trump का रुख भी अचानक बदल गया। उन्होंने साफ कहा कि उन्होंने अपने दूतों को पाकिस्तान जाने से रोक दिया क्योंकि उन्हें यह बातचीत फिलहाल बेकार लग रही थी। ट्रंप के मुताबिक, “हमारे पास सभी विकल्प मौजूद हैं, ईरान जब चाहे संपर्क कर सकता है, लेकिन बिना किसी ठोस एजेंडे के इतनी लंबी यात्रा का कोई मतलब नहीं है।” इस बयान ने साफ कर दिया कि अमेरिका अब दबाव की रणनीति पर भी काम कर रहा है।
US-Iran Peace Talks: पहले आमने-सामने बातचीत की थी उम्मीद
इससे पहले व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव Karoline Leavitt ने दावा किया था कि अमेरिका और ईरान के बीच आमने-सामने बातचीत हो सकती है। उन्होंने कहा था कि ईरान की ओर से ही बातचीत का संकेत आया था और पाकिस्तान इस पूरी प्रक्रिया में एक अहम कड़ी बनने जा रहा था। लेकिन अब हालात पूरी तरह बदलते नजर आ रहे हैं।
अब आगे क्या? टिकी है सबकी नजर
फिलहाल पूरा मामला इस बात पर टिका है कि क्या पाकिस्तान ईरान को दोबारा बातचीत के लिए मना पाता है या नहीं। खबर है कि Abbas Araghchi इस्लामाबाद से मॉस्को के लिए रवाना हो चुके हैं और यदि कोई नया प्रस्ताव सामने आता है, तो वे दोबारा पाकिस्तान लौट सकते हैं। ऐसे में सोमवार को बातचीत होने की संभावना पूरी तरह खत्म नहीं हुई है, लेकिन अगर यह मौका भी चूक गया तो क्षेत्र में तनाव और बढ़ सकता है।
सीधी बातचीत से ईरान का इनकार
US-Iran Peace Talks: दूसरी तरफ ईरान ने साफ संकेत दिए हैं कि वह अमेरिका के साथ सीधे आमने-सामने बातचीत के पक्ष में नहीं है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmail Baghaei ने भी स्पष्ट किया है कि पाकिस्तान केवल एक माध्यम की भूमिका निभाएगा, लेकिन अमेरिकी प्रतिनिधियों से सीधे मुलाकात की कोई योजना नहीं है। इस पूरे घटनाक्रम ने साफ कर दिया है कि कूटनीति के इस खेल में अभी कई मोड़ बाकी हैं। एक तरफ बातचीत की उम्मीद जिंदा है, तो दूसरी तरफ जंग का खतरा भी लगातार बढ़ रहा है अब नजरें सोमवार पर टिकी हैं कि क्या हालात सुधरते हैं या टकराव और गहराता है।
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