Johar University: रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय को लेकर जारी विवाद अब राजधानी लखनऊ तक पहुंच गया है। सोमवार को अपनी जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य सैकड़ों समर्थकों के साथ जौहर यूनिवर्सिटी को बचाने की मांग को लेकर सड़क पर उतरे। प्रदर्शनकारी दारुलशफा से विधानसभा की ओर मार्च कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें आरएलडी कार्यालय के बाहर ही रोक दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने मौके पर नारेबाजी करते हुए अपना विरोध जताया।
जौहर यूनिवर्सिटी के समर्थन में उतरे स्वामी प्रसाद मौर्य
प्रदर्शन के दौरान स्वामी प्रसाद मौर्य ने प्रदेश सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों को निशाना बनाया जा रहा है। मौर्य ने कहा कि मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के खिलाफ की जा रही कार्रवाई दंडात्मक है, जिसका सीधा असर वहां पढ़ने वाले हजारों छात्रों के भविष्य पर पड़ सकता है।
Johar University: भवनों के ध्वस्तीकरण के निर्देश वापस लेने की मांग
स्वामी प्रसाद मौर्य ने सरकार से जौहर यूनिवर्सिटी के भवनों के ध्वस्तीकरण से जुड़े निर्देश तत्काल वापस लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि शिक्षा संस्थानों को राजनीतिक विवाद का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए। उनके मुताबिक, किसी भी कार्रवाई में छात्रों के हितों को सबसे अधिक प्राथमिकता दी जानी चाहिए, क्योंकि विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले विद्यार्थियों का भविष्य इस पूरे विवाद से प्रभावित हो सकता है।
पुलिस ने बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को रोका
प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। प्रदर्शनकारी जब विधानसभा की ओर आगे बढ़ने लगे तो पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें आरएलडी कार्यालय के बाहर रोक दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारी वहीं रुक गए और नारेबाजी करते हुए अपना विरोध दर्ज कराया। मौके पर पुलिस बल की तैनाती के बीच काफी देर तक प्रदर्शन और विरोध का सिलसिला जारी रहा। पुलिस-प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकते हुए स्थिति को नियंत्रित रखा।
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