जानिए क्या है, योगी सरकार का 6 महीने में 1 लाख सरकारी नौकरियों वाला प्लान

Yogi Government: योगी सरकार इस तरह देगी 6 महीने में 1 लाख नौकरियां

Yogi Government: उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरकारी नौकरियों को लेकर बड़ा ऐलान किया है। गोरखपुर में 16 सितंबर को 119 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान सीएम ने कहा कि अगले छह महीने में प्रदेश के 1 लाख नौजवानों को सरकारी नौकरी दी जाएगी। इससे पहले … Read more

6 साल तक क्यों अटका रहा विकास दुबे का डेथ सर्टिफिकेट? पिता के नाम की गलती से लेकर हाईकोर्ट तक की पूरी कहानी

Vikas Dubey: 6 साल तक क्यों अटका रहा विकास दुबे का डेथ सर्टिफिकेट?

Vikas Dubey: कानपुर के बिकरू गांव में 2 जुलाई 2020 की रात पुलिस टीम कुख्यात अपराधी विकास दुबे को गिरफ्तार करने पहुंची थी। पुलिस के मुताबिक, टीम पर घात लगाकर हमला किया गया और ताबड़तोड़ फायरिंग में डिप्टी एसपी समेत 8 पुलिसकर्मियों की मौत हो गई। इस घटना के बाद विकास दुबे और उसके साथियों … Read more

1 करोड़ लोगों को AI ट्रेनिंग देने का लक्ष्य, ग्लोबल CEO राउंडटेबल में बोले PM मोदी

नरेंद्र मोदी की सफलता से जुड़े 5 मनोवैज्ञानिक पहलू

AI Training: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को ‘सेवा तीर्थ’ में सेमीकंडक्टर क्षेत्र की दिग्गज वैश्विक कंपनियों के सीईओ के साथ अहम गोलमेज बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में भारत के तकनीकी भविष्य और सेमीकंडक्टर उद्योग के विकास को लेकर चर्चा हुई। पीएम मोदी ने सरकार और उद्योग जगत के बीच मजबूत सहयोग की जरूरत … Read more

‘पाक-चीन के बीच कोई सीमा नहीं’, PoK पर भारत का कड़ा रुख; पाकिस्तान से कहा- नाटकबाजी बंद करे

Pakistan-China Border:

Pakistan-China Border: भारत ने बुधवार को तथाकथित पाकिस्तान-चीन सीमा संयुक्त आयोग को खारिज कर दिया। विदेश मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान और चीन के बीच ऐसी कोई सीमा नहीं है, जिसे भारत कानूनी रूप से मान्यता देता हो। भारत ने जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को अपना अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा बताया।

Pakistan-China Border: पाक-चीन के बीच कोई सीमा नहीं: MEA-

मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि इस मामले पर भारत का रुख साफ और लगातार एक जैसा रहा है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान और चीन के बीच कोई सीमा नहीं है और तथाकथित संयुक्त आयोग का कोई कानूनी आधार नहीं है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के पूरे केंद्र शासित प्रदेश भारत के अभिन्न और अविभाज्य अंग रहे हैं और हमेशा रहेंगे। मंत्रालय के मुताबिक, पाकिस्तान को भारतीय क्षेत्र के संबंध में किसी तरह का समझौता करने का कोई अधिकार नहीं है, क्योंकि उसके कब्जे वाले इलाके भारत के अनुसार अवैध और जबरन कब्जे में हैं।

Pakistan-China Border: 1963 के चीन-पाकिस्तान समझौते को भी नहीं मानता भारत-

भारत ने दोहराया कि वह 1963 के तथाकथित ‘चीन-पाकिस्तान सीमा समझौते’ को मान्यता नहीं देता है। विदेश मंत्रालय ने इसे भारत के अनुसार अवैध और अमान्य बताया। मंत्रालय ने कहा कि कब्जे वाले इलाकों की स्थिति बदलने या वहां के कब्जे को वैध बनाने की किसी भी कोशिश का भारत विरोध करेगा। भारत के अनुसार, ऐसे कदम उसकी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता को प्रभावित करते हैं।

‘कब्जे वाले इलाके तुरंत खाली करे पाकिस्तान’-

विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारतीय क्षेत्रों से जुड़े चीन और पाकिस्तान के बीच किसी भी तरह के तथाकथित सीमा सहयोग को भारत पूरी तरह अस्वीकार्य मानता है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि ऐसे किसी सहयोग का भारत की संबंधित क्षेत्रों पर संप्रभुता के दावे पर कोई असर नहीं पड़ेगा। MEA ने कहा कि इस तरह के दिखावे के बजाय पाकिस्तान को उन इलाकों को तुरंत खाली करना चाहिए, जिन पर भारत के अनुसार उसने गैर-कानूनी और जबरन कब्जा कर रखा है।

LAC पर भारत-चीन के बीच बना हुआ है तनाव-

हाल के वर्षों में चीन और भारत के बीच लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (LAC) पर सैन्य तनाव बना रहा है। दोनों देशों के बीच करीब 3,488 किलोमीटर लंबी सीमा के अलग-अलग सेक्टरों में सीमा विवाद और घुसपैठ से जुड़े मामले सामने आते रहे हैं। पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के काराकोरम क्षेत्र में चीन और पाकिस्तान के बीच सहयोग का मुद्दा भी भारत के लिए महत्वपूर्ण है। भारत का कहना है कि ऐसे कदम उस क्षेत्र पर उसके ऐतिहासिक और कानूनी दावों को प्रभावित करने की कोशिश हैं।

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Kainchi Dham Ropeway: उत्तराखंड में नैनीताल और कैंची धाम जाने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए कनेक्टिविटी का एक नया विकल्प तैयार करने की दिशा में काम आगे बढ़ रहा है। काठगोदाम से नैनीताल और कैंची धाम को रोपवे नेटवर्क से जोड़ने की प्रस्तावित योजना को गति देने के लिए हल्द्वानी में उच्चस्तरीय बैठक हुई। … Read more

योगी सरकार की शिक्षा व्यवस्था में प्रैक्टिकल पढ़ाई पर जोर, अलीगढ़ के कम्पोजिट विद्यालय में बच्चों ने बनाया टेलीस्कोप

Aligarh News: अलीगढ़ के कम्पोजिट विद्यालय में बच्चों ने बनाया टेलीस्कोप

Aligarh News: शिक्षा को केवल किताबों और कक्षा तक सीमित रखने के बजाय बच्चों को प्रयोग और गतिविधियों के जरिए सीखने का अवसर देने की दिशा में उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों में लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है। इसी क्रम में अलीगढ़ के ब्लॉक टप्पल स्थित “कम्पोजिट विद्यालय” जहाँनगढ़ में ‘लर्निंग बाई डूइंग’ … Read more

Sudan Mine Collapse: सोने की खदान ढहने से 67 खनिकों की मौत, कई मलबे में दबे

Sudan Mine Collapse:

Sudan Mine Collapse: अफ्रीकी देश सूडान से एक दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। वेस्ट कोर्डोफान प्रांत में सोने की एक खदान ढहने से कम से कम 67 खनिकों की मौत हो गई। हादसे के बाद कई मजदूरों के मलबे में दबे होने की आशंका है। उन्हें निकालने के लिए राहत और बचाव अभियान जारी है।

Sudan Mine Collapse: नूहूद के पास अल-जारा खदान में हुआ हादसा-

यह हादसा वेस्ट कोर्डोफान प्रांत के नूहूद शहर के पास स्थित अल-जारा सोने की खदान में हुआ। स्थानीय चिकित्सकों के एक समूह और हादसे में बचे खनिकों के अनुसार, खदान मंगलवार देर रात ढह गई। हादसे के समय खदान के अंदर छोटे स्तर पर काम करने वाले कई मजदूर मौजूद थे। अचानक ऊपरी मिट्टी और चट्टानें धंसने से उन्हें बाहर निकलने का मौका नहीं मिल सका।

Sudan Mine Collapse: अब तक 67 शव निकाले गए-

हादसे की जानकारी मिलते ही स्थानीय स्तर पर खोज और बचाव अभियान शुरू किया गया। चिकित्साकर्मियों के मुताबिक अब तक 67 शव निकाले जा चुके हैं, जबकि कई लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। भारी मलबे के नीचे लोगों के दबे होने की आशंका के चलते मृतकों की संख्या बढ़ सकती है। बचाव दल लगातार मलबे में फंसे लोगों की तलाश कर रहे हैं।

RSF के नियंत्रण वाले इलाके में है खदान-

अल-जारा सोने की खदान जिस क्षेत्र में स्थित है, वह अर्धसैनिक बल रैपिड सपोर्ट फोर्सेज (RSF) के नियंत्रण में आता है। सूडान में RSF और देश की नियमित सेना के बीच तीन साल से अधिक समय से संघर्ष चल रहा है। इस अस्थिरता के बीच देश के कई दूरदराज इलाकों में छोटे स्तर पर खनन का काम जारी है।

सुरक्षा इंतजामों पर उठे सवाल-

स्थानीय स्तर पर चल रहे पारंपरिक और छोटे पैमाने के खनन में सुरक्षा इंतजामों की कमी को लेकर सवाल उठते रहे हैं। इसी बीच अल-जारा खदान में हुए हादसे ने एक बार फिर खनन क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है। फिलहाल राहत और बचाव दल मलबे में फंसे लोगों की तलाश में जुटे हैं और जीवित बचे खनिकों को सुरक्षित बाहर निकालने की कोशिश की जा रही है।

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₹70 हजार सैलरी वाली सरकारी नौकरी से हटाई गईं MLA की भतीजी, PG पढ़ाई का आरोप

 MLA Niece Government Job:

MLA Niece Government Job: कर्नाटक के बागलकोट में सरकारी ‘नम्मा क्लिनिक’ में तैनात एक मेडिकल ऑफिसर को पद से हटा दिया गया है। अधिकारियों का आरोप है कि वह सरकारी ड्यूटी से गैर-हाजिर रहते हुए एक निजी मेडिकल कॉलेज में पोस्ट-ग्रेजुएट (PG) मेडिकल कोर्स कर रही थीं। मामले में कांग्रेस विधायक उमेश मेती की भतीजी डॉ. अंकिता यारगल का नाम सामने आया है।

MLA Niece Government Job: सरकारी नौकरी के साथ PG पढ़ाई का आरोप-

अधिकारियों के मुताबिक, डॉ. अंकिता यारगल को मेडिकल ऑफिसर के तौर पर 70,000 रुपये से अधिक सैलरी या मानदेय मिल रहा था। आरोप है कि वह मार्च 2026 से कई दिनों तक नम्मा क्लिनिक से गैर-हाजिर रहीं और इसी दौरान एक निजी मेडिकल कॉलेज में अपना PG कोर्स भी करती रहीं। अधिकारियों ने इसे बिना अनुमति दोहरी भूमिका निभाने का मामला बताया है। हालांकि, आरोपों की अभी जांच चल रही है और कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।

MLA Niece Government Job: जिला पंचायत CEO ने जारी किया नोटिस-

डॉ. अंकिता की लंबे समय तक गैर-हाजिरी के बाद नम्मा क्लिनिक में मेडिकल ऑफिसर नहीं बचा। इसके बाद बागलकोट जिला पंचायत के CEO गजानन बाले ने उन्हें नोटिस जारी किया। नोटिस में उनकी गैर-हाजिरी और कथित तौर पर बिना अनुमति सरकारी नौकरी के साथ PG कोर्स करने को लेकर स्पष्टीकरण मांगा गया।

16 सितंबर को जांच में नहीं हुईं शामिल-

अधिकारियों ने डॉ. अंकिता को 16 सितंबर 2026 को शुरुआती जांच के लिए पेश होने का निर्देश दिया था। बताया गया कि उन्हें एस. निजलिंगप्पा मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल से कार्यवाही में शामिल होने की अनुमति भी मिली थी। इसके बावजूद वह जांच में शामिल नहीं हुईं। अब उन्हें 18 सितंबर को जरूरी दस्तावेजों और लिखित जवाब के साथ जिला पंचायत CEO के सामने पेश होने का निर्देश दिया गया है।

जवाब नहीं देने पर आगे बढ़ सकती है कार्रवाई-

नोटिस में कहा गया है कि अगर डॉ. अंकिता निर्धारित तारीख पर पेश नहीं होती हैं, तो उनके जवाब के बिना भी आगे की कार्रवाई की जा सकती है। जिला स्वास्थ्य अधिकारी राजकुमार यारगल ने उन्हें मेडिकल ऑफिसर के पद से हटा दिया है।

सैलरी की वसूली भी हो सकती है-

अधिकारियों ने संकेत दिया है कि अगर बिना अनुमति दोहरी भूमिका निभाने का आरोप सही पाया जाता है, तो इस अवधि में मिली सैलरी या मानदेय की लागू नियमों के तहत वसूली की जा सकती है। मामला साबित होने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई भी संभव है। अधिकारियों ने प्रोफेशनल मिसकंडक्ट की संभावना को देखते हुए मामले को कर्नाटक मेडिकल काउंसिल और नेशनल मेडिकल कमीशन के पास भेजने की संभावना भी जताई है।

पिता ने बेटी का किया बचाव-

मामले के बीच डॉ. अंकिता यारगल के पिता राजकुमार यारगल ने आरोपों का बचाव किया है। उन्होंने कथित तौर पर इस बात से इनकार किया कि MD कोर्स में शामिल होने के बाद उनकी बेटी को सैलरी मिली थी। डॉ. अंकिता की नियुक्ति में उनके पिता की कथित भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। हालांकि, इस मामले में भी आरोपों की जांच जारी है और अभी तक कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकला है।

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 PF Wage Ceiling:

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Jhiram Ghati

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