Kangana Ranaut: NEET पेपर लीक के खिलाफ दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुआ छात्र प्रदर्शन समाप्त हो चुका है। प्रदर्शनकारियों की मांगों को लेकर सरकार और आंदोलनकारियों के बीच सहमति बनने के बाद आंदोलन खत्म किया गया। इसी बीच प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों का मुद्दा भी संसद के मॉनसून सत्र में उठाया गया। बीजेपी सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत ने पीएम मोदी और उनकी दिवंगत मां को लेकर की गई कथित अभद्र टिप्पणियों की कड़ी निंदा की। उन्होंने प्रदर्शन में शामिल लोगों की भाषा और व्यवहार पर सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करने वाले वास्तव में छात्र हैं।
कंगना ने पूछा- ये किस तरह के छात्र हैं?
संसद में बोलते हुए कंगना रनौत ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री को निशाना बनाया गया और उनकी दिवंगत मां के लिए बेहद आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने कहा कि उन्होंने भी छात्र आंदोलनों में हिस्सा लिया है, लेकिन इस प्रदर्शन के दौरान इस्तेमाल की गई भाषा उन्हें स्वीकार्य नहीं लगी। कंगना ने सवाल किया कि प्रदर्शनकारियों को किस तरह के छात्र माना जाए, जब वे विरोध के दौरान इस तरह की अश्लील भाषा का इस्तेमाल करते हैं।
Kangana Ranaut: छात्रों के भविष्य और जिम्मेदारी पर उठाया सवाल
कंगना ने प्रदर्शनकारियों के भविष्य को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में इन लोगों को सुप्रीम कोर्ट के वकीलों या कानूनी सलाह की जरूरत पड़ी, तो क्या उनके माता-पिता उसका खर्च उठा पाएंगे। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को अपने भविष्य और करियर की जिम्मेदारी खुद उठानी चाहिए। कंगना ने अपने व्यक्तिगत अनुभव का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने 16 साल की उम्र से ही अपना करियर बनाना शुरू कर दिया था और कभी अपने माता-पिता पर बोझ नहीं बनीं।
पेपर लीक संशोधन बिल का किया समर्थन
केंद्र सरकार की ओर से पेपर लीक और परीक्षा में अनुचित साधनों पर रोक लगाने के लिए पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन बिल, 2026 पेश किया गया है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कंगना ने सरकार के कदम का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश और जनता के हित में समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्धता दिखाई है।
Kangana Ranaut: परीक्षा प्रणाली को भ्रष्टाचार मुक्त करने पर जोर
कंगना रनौत ने कहा कि सरकार ने पेपर लीक मामले की जांच और परीक्षा प्रणाली को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के लिए उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है। उनके मुताबिक, संशोधन विधेयक पेश किया जाना सरकार की इसी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने पूर्व की सरकारों की शिक्षा नीतियों पर भी टिप्पणी की और कहा कि UPA सरकार के दौरान शिक्षा बजट कम था। कंगना ने विपक्ष की आलोचना को उसकी निराशा से जोड़ते हुए सरकार के मौजूदा कदमों को सकारात्मक बताया।
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