Krishna Janmashtami: उत्तर प्रदेश के मथुरा और वृंदावन में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर भक्ति और उत्साह का माहौल है। मंदिरों से लेकर सड़कों तक विशेष सजावट की गई है। बांके बिहारीजी मंदिर में तड़के 5:20 बजे मंगला आरती हुई, जिसमें करीब 10 हजार श्रद्धालु शामिल हुए। इस दौरान महिलाओं ने ढोल-मंजीरे और शंख की धुन पर नृत्य किया।प्रशासन के अनुसार, जन्माष्टमी के मौके पर देश-विदेश से करीब 10 लाख श्रद्धालुओं के मथुरा पहुंचने की उम्मीद है। भीड़ को देखते हुए जगह-जगह बैरिकेडिंग और सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं।
Krishna Janmashtami: रात 12 बजे होगा कान्हा का जन्म
श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाया जाएगा। इससे कुछ मिनट पहले रात 11:55 बजे करीब पांच मिनट के लिए मंदिर के पट बंद रहेंगे। इस दौरान गर्भगृह में पर्दे के पीछे भगवान श्रीकृष्ण को पंचरत्नी पीतांबरी पोशाक पहनाई जाएगी।इसके बाद रत्न-जड़ित मुकुट और आभूषणों से भगवान का विशेष श्रृंगार किया जाएगा। जन्म के बाद पर्दा हटाया जाएगा और आरती होगी। इसके बाद भगवान की प्रतिमा को गर्भगृह से बाहर लाया जाएगा, जहां श्रद्धालु दर्शन कर सकेंगे।
चांदी की कामधेनु से होगा अभिषेक
जन्मोत्सव के दौरान सोने से सजी चांदी की कामधेनु के दूध से भगवान का अभिषेक किया जाएगा। इसके बाद भगवान को चांदी के कमल पर विराजमान कर पंचामृत स्नान कराया जाएगा।रात 12:45 बजे प्रतिमा को दोबारा गर्भगृह में स्थापित किया जाएगा। इसके बाद शयन आरती होगी और मंदिर के कपाट बंद कर दिए जाएंगे।

जन्मस्थान के गर्भगृह को करीब 200 किलो चांदी और आकर्षक फूल-पत्तियों से सजाया गया है। भगवान के जन्म के समय मंगल ध्वनि और आनंद संकीर्तन के लिए उज्जैन से डमरू और मृदंग वादकों को बुलाया गया है।जन्माभिषेक का सीधा प्रसारण एलईडी स्क्रीन और टीवी चैनलों के माध्यम से किया जाएगा, ताकि बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस धार्मिक आयोजन को देख सकें।
Krishna Janmashtami: मंगला आरती में उमड़े श्रद्धालु
शुक्रवार सुबह श्रीकृष्ण जन्मस्थान के भागवत भवन में विशेष मंगला आरती हुई। इसके दर्शन के लिए देश के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु मथुरा पहुंचे।आरती के दौरान शंख, घंटे और घड़ियाल की आवाज से पूरा भागवत भवन भक्तिमय हो गया। श्रद्धालु हाथ जोड़कर भगवान के दर्शन करते और अपने परिवार की सुख-समृद्धि, शांति और मंगल की कामना करते नजर आए।धार्मिक मान्यता के अनुसार, भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य से पहले होने वाली इस विशेष मंगला आरती का वर्षभर होने वाली आरतियों में विशेष महत्व है। श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर इसके दर्शन को बेहद पुण्यदायी माना जाता है।
मंदिर में प्रवेश और निकासी के लिए अलग रास्ते
श्रद्धालुओं के प्रवेश के लिए गोविंद द्वार गेट नंबर-3 निर्धारित किया गया है, जबकि निकासी मेन गेट नंबर-1 से होगी।सुरक्षा व्यवस्था के तहत मंदिर परिसर में मोबाइल फोन, कैमरा, बैग, माचिस, हथियार, बीड़ी-सिगरेट, चाकू और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान ले जाने की अनुमति नहीं होगी।श्रद्धालुओं के सामान और जूते रखने के लिए रूपम सिनेमा, श्री गोविंदम और राधापार्क में व्यवस्था की गई है। इसके अलावा परिसर में पेयजल, बैरिकेडिंग, खोया-पाया केंद्र और मेडिकल सुविधाएं भी उपलब्ध रहेंगी।

मथुरा से वृंदावन तक रोशनी से सजा ब्रज
जन्माष्टमी को लेकर मथुरा से वृंदावन तक विशेष सजावट की गई है। मंदिरों और प्रमुख चौराहों को रंग-बिरंगी लाइटों से सजाया गया है। इस बार श्रीकृष्ण के 5253वें जन्मोत्सव का संदेश ‘गौ रक्षा-राष्ट्र रक्षा’ रखा गया है।जन्माष्टमी के लिए अयोध्या के राम मंदिर और काशी विश्वनाथ मंदिर से भी विशेष प्रसाद और सामग्री मथुरा पहुंची है। अयोध्या की राम रसोई से भगवान श्रीकृष्ण के लिए विशेष प्रसाद भेजा गया है। वहीं काशी से लड्डू गोपाल के लिए विशेष मेवा और श्रृंगार सामग्री आई है।ज्योतिषाचार्य कामेश्वर चतुर्वेदी के अनुसार, धार्मिक मान्यता है कि द्वापर युग में भाद्रपद कृष्ण अष्टमी की मध्यरात्रि में मथुरा की जेल में वृषभ लग्न के दौरान भगवान श्रीकृष्ण का प्राकट्य हुआ था।

वृंदावन में भी विशेष आयोजन
वृंदावन के मंदिरों में भी जन्माष्टमी के लिए विशेष तैयारियां की गई हैं। श्री राधारमण मंदिर में ठाकुर श्री राधारमण देवजू का जन्माष्टमी महोत्सव पारंपरिक वैष्णव विधि और भव्य तरीके से मनाया जाएगा।मंदिर में पूरे दिन धार्मिक अनुष्ठान होंगे। ठाकुरजी की विशेष सेवा और सजावट की जाएगी। ब्रज की प्राचीन वैष्णव परंपराओं के अनुसार जन्मोत्सव की सभी धार्मिक प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी।
Krishna Janmashtami: मनगढ़ में सजाया गया भव्य भक्ति परिसर
प्रतापगढ़ के कृपालु धाम मनगढ़ को भी जन्माष्टमी के लिए भव्य रूप से सजाया गया है। भक्ति मंदिर, गुरुधाम, साधना भवन, सत्संग हॉल और पूरे भक्ति परिसर को विद्युत रोशनी से सजाया गया है।भक्ति मंदिर परिसर में दो दर्जन से अधिक झांकियां तैयार की गई हैं। वहीं गुरुधाम में भी दर्जनों झांकियां सजाई गई हैं। इनमें भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं और अलग-अलग आध्यात्मिक प्रसंगों को आकर्षक रूप दिया गया है।करीब दो किलोमीटर तक सड़क के दोनों ओर आकर्षक लाइटें लगाई गई हैं। रात के समय पूरा मार्ग रोशनी से जगमगाता नजर आएगा।गुरुधाम में श्रद्धालु दोपहर 3 बजे से शाम 7 बजे तक दर्शन कर सकेंगे। इसके बाद शाम 7 बजे गुरुधाम के कपाट बंद कर दिए जाएंगे। वहीं भक्ति मंदिर में सुबह 6 बजे से रात 2 बजे तक दर्शन की व्यवस्था रहेगी। शयन आरती के बाद रात 2 बजे भक्ति मंदिर के कपाट बंद होंगे।
जन्माष्टमी पर हर्षण और वज्र योग
ज्योतिषीय गणना के अनुसार, 4 सितंबर को दिन की शुरुआत हर्षण योग से होगी, जो दोपहर 3 बजकर 44 मिनट तक रहेगा। इसके बाद वज्र योग शुरू होगा, जो 5 सितंबर को दोपहर 12 बजकर 47 मिनट तक रहेगा।नक्षत्र की बात करें तो 4 सितंबर को रात 11 बजकर 4 मिनट तक रोहिणी नक्षत्र रहेगा। इसके बाद मृगशिरा नक्षत्र शुरू होगा। इस तरह भगवान श्रीकृष्ण की जन्म पूजा के निर्धारित मध्यरात्रि समय में मृगशिरा नक्षत्र और वज्र योग का संयोग रहेगा।
दो दिवसीय दौरे पर मथुरा पहुंचे सीएम योगी
जन्माष्टमी की तैयारियों के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी दो दिवसीय दौरे पर मथुरा पहुंच चुके हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्यमंत्री दो दिन मथुरा में रहकर जन्माष्टमी की तैयारियों का जायजा लेंगे और श्रीकृष्ण जन्मभूमि जाकर दर्शन भी करेंगे।ख़बर इंडिया की ग्राउंड रिपोर्ट में मथुरा की सजावट, सुरक्षा व्यवस्था और जन्माष्टमी की तैयारियों को लेकर स्थानीय लोगों से बातचीत भी की गई। रिपोर्ट में बताया गया कि भीड़ को देखते हुए कई स्थानों पर पहले से बैरिकेडिंग की गई है। ब्रज क्षेत्र की सजावट और तैयारियों को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंच रहे हैं।
Krishna Janmashtami: कृष्ण मंदिर को लेकर लोगों ने रखी अपनी राय
ख़बर इंडिया से बातचीत के दौरान कुछ स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं ने मथुरा में कृष्ण मंदिर से जुड़े अपने विचार भी साझा किए। बातचीत में एक महिला श्रद्धालु ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर बनने की तरह मथुरा में भी कृष्ण मंदिर बनना चाहिए और वह भव्य होना चाहिए।एक अन्य व्यक्ति ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से संस्कृति और विरासत पर दिए जा रहे जोर को अच्छा बताया। उन्होंने कहा कि इससे धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को मजबूती मिल सकती है। बातचीत के दौरान उन्होंने मथुरा और वृंदावन में विदेशी श्रद्धालुओं की मौजूदगी का भी जिक्र किया।उनका कहना था कि कई विदेशी श्रद्धालु ब्रज की संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और नियमों को गंभीरता से अपनाते हैं। उनके अनुसार, भारतीय युवाओं को भी अपनी संस्कृति और परंपराओं को समझने तथा उनसे जुड़ने की प्रेरणा लेनी चाहिए।
मथुरा की विरासत को लेकर युवाओं की राय
रिपोर्ट में एक युवा से भी बातचीत की गई। उसने मथुरा में कृष्ण मंदिर बनाए जाने के पक्ष में अपनी राय रखी। उसने कहा कि युवा पीढ़ी भी मंदिरों और अपनी सांस्कृतिक विरासत से जुड़ रही है।बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में विकास तथा विरासत से जुड़े कार्यों का भी जिक्र हुआ। युवक ने कहा कि उसे लगता है कि इस दौर में सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने पर ध्यान दिया जा रहा है।रिपोर्ट में बातचीत के दौरान कुछ लोगों ने श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़े विवाद पर भी अपनी व्यक्तिगत राय रखी। हालांकि, ये विचार बातचीत में शामिल लोगों के निजी मत थे और इन्हें किसी आधिकारिक निर्णय या सर्वमान्य तथ्य के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
Krishna Janmashtami: विदेशी श्रद्धालुओं से सीखने की बात
ख़बर इंडिया की रिपोर्ट में बातचीत के दौरान यह मुद्दा भी सामने आया कि वृंदावन में बड़ी संख्या में विदेशी श्रद्धालु भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं से जुड़ रहे हैं।एक युवक ने कहा कि कई विदेशी भक्त वृंदावन में रहकर धार्मिक नियमों और परंपराओं का पालन करते हैं। उसके मुताबिक, यह देखने वाली बात है कि अलग-अलग देशों से आने वाले लोग भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं की ओर आकर्षित हो रहे हैं।उसने कहा कि भारतीय युवाओं को भी अपनी संस्कृति को समझने और उससे जुड़ने की कोशिश करनी चाहिए।
भक्ति और उल्लास में डूबा ब्रज
जन्माष्टमी के मौके पर पूरा ब्रज क्षेत्र भक्तिमय नजर आ रहा है। मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, झांकियों, भजन-कीर्तन और सजावट की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। मथुरा, वृंदावन और आसपास के क्षेत्रों में श्रद्धालुओं की आवाजाही लगातार बढ़ रही है।रात 12 बजे श्रीकृष्ण जन्म के साथ जन्माष्टमी का मुख्य उत्सव होगा। इसके लिए मंदिर प्रशासन, जिला प्रशासन और श्रद्धालुओं की ओर से व्यापक तैयारियां की गई हैं।
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