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TMC विधायक कुणाल घोष पर फिर हमला: रिवॉल्वर दिखाकर कार से खींचने की कोशिश, 4 महीने में चौथा अटैक

कुणाल घोष की कार पर हथियारबंद हमला

Kunal Ghosh Attack: टीएमसी विधायक कुणाल घोष ने रविवार को दावा किया कि कोलकाता में दिनदहाड़े उनकी कार पर एक बार फिर हमला हुआ। उनके अनुसार, बाइक पर सवार हथियारबंद लोगों ने उनकी कार को घेर लिया। हमलावरों ने कार का शीशा तोड़ दिया और उन्हें गाड़ी से बाहर खींचने की कोशिश की।

हमलावरों के पास रिवॉल्वर होने का दावा

कुणाल घोष ने बताया कि हमलावरों के पास रिवॉल्वर थे। उनकी सुरक्षा में तैनात जवानों को भी अपनी सुरक्षा के लिए हथियार निकालने पड़े। घटना के बाद घोष सीधे नारकेलडांगा पुलिस स्टेशन पहुंचे और मामले की शिकायत दर्ज कराई। उनकी क्षतिग्रस्त कार भी पुलिस स्टेशन के बाहर खड़ी दिखाई दी।घोष ने इस घटना के लिए भाजपा पर आरोप लगाया और कहा कि उनकी हत्या की कोशिश की जा रही है। पिछले 4 महीनों में उन पर हमले का यह चौथा मामला बताया गया है। इससे एक दिन पहले हुगली के श्रीरामपुर में ममता बनर्जी की रैली में जाते समय भीड़ ने उनकी कार पर अंडे और पत्थर फेंके थे। इस दौरान कार का पिछला शीशा भी टूट गया था।

Kunal Ghosh Attack: कुणाल घोष पर हमले के 2 पुराने मामले
कुणाल घोष बोले- मेरी हत्या की कोशिश हुई
कुणाल घोष बोले- मेरी हत्या की कोशिश हुई

1. 15 जून: ममता के घर के बाहर फेंका गया अंडा

कोलकाता के कालीघाट स्थित ममता बनर्जी के आवास के बाहर कुणाल घोष पर अंडा फेंका गया था। यह घटना उस समय हुई, जब घोष ममता बनर्जी से मुलाकात करने के बाद बाहर आए और मीडिया से बात कर रहे थे।इस मामले में घोष ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद पुलिस ने चंदन सिंह और रवि कोयल को गिरफ्तार किया था। हालांकि, बाद में दोनों को जमानत मिल गई थी।बताया गया कि एक युवक ने कुणाल घोष पर करीब से अंडा फेंका था, जो उनके सिर पर जाकर लगा था।

2. 12 अगस्त: घर और पार्टी ऑफिस में तोड़फोड़

कोलकाता के गरपार इलाके में कुणाल घोष के घर, क्लब और पार्टी ऑफिस में तोड़फोड़ का आरोप लगा था। घटना के समय घोष घर पर मौजूद नहीं थे। उन्होंने दावा किया था कि उन्हें निशाना बनाने के लिए बाहर से लोगों को बुलाया गया था।घोष के मुताबिक, कुछ हमलावर उनके घर के पास पहुंचने की कोशिश कर रहे थे। इसके बाद पार्टी ऑफिस में तोड़फोड़ की गई। कुछ लोगों ने ऑफिस के बाहर लगे ममता बनर्जी और कुणाल घोष के पोस्टर और बैनर भी फाड़ दिए थे।

Kunal Ghosh Attack: चुनाव में हार के बाद ममता बनर्जी के कार्यक्रमों में 3 घटनाएं

8 जुलाई: कोलकाता में टीएमसी की रैली के दौरान ममता बनर्जी के कार्यक्रम में अंडे फेंके गए थे और ‘चोर-चोर’ के नारे लगाए गए थे। यह रैली बारुईपुर रेप-मर्डर मामले के विरोध में निकाली गई थी।

9 अगस्त: नॉर्थ 24 परगना के हालीशहर में प्रदर्शनकारियों ने ममता बनर्जी की कार को घेर लिया था। इस दौरान कार पर कीचड़, चप्पल और पत्थर फेंकने का आरोप लगा था। प्रदर्शनकारियों ने ‘चोर-चोर’ के नारे भी लगाए थे। ममता बनर्जी ने आरोप लगाया था कि उनकी कार पर ईंट-पत्थर फेंके गए और उनकी जान को खतरा हो सकता था।

11 अगस्त: कोलकाता के श्यामबाजार में नेताजी सुभाष चंद्र बोस को लेकर आयोजित टीएमसी कार्यक्रम के दौरान भी ममता बनर्जी के खिलाफ ‘चोर-चोर’ के नारे लगाए गए थे।

Kunal Ghosh Attack: कुणाल घोष पर 4 महीने में चौथा हमला
कुणाल घोष पर 4 महीने में चौथा हमला
Kunal Ghosh Attack: 5 महीनों में 25 से ज्यादा टीएमसी नेताओं पर हमले

पश्चिम बंगाल में 4 मई को विधानसभा चुनाव के नतीजे आए थे। 15 साल बाद टीएमसी सत्ता से बाहर हो गई। वहीं, पहली बार भाजपा की सरकार बनी। चुनाव के बाद पिछले 5 महीनों में 25 से ज्यादा टीएमसी नेताओं और कार्यकर्ताओं पर अंडे फेंकने या हमले की घटनाएं सामने आई हैं। इनमें टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी और महुआ मोइत्रा जैसे बड़े नाम भी शामिल हैं।

28 मई को नॉर्थ 24 परगना जिले में टीएमसी सांसद सौगत रॉय की कार पर अंडे फेंके गए थे और ‘चोर-चोर’ के नारे लगाए गए थे।

30 मई को सोनारपुर में ममता बनर्जी के भतीजे और टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी पर अंडे, पत्थर और जूते फेंके गए थे। इसके बाद सुरक्षाकर्मियों को उन्हें पुलिस हेलमेट पहनाकर वहां से बाहर निकालना पड़ा था।

6 जून को मदन मित्रा के काफिले पर अंडे फेंके गए थे। इसके बाद 16 जून को युवा नेता सौमित्र बनर्जी और 18 जून को पूर्व मंत्री उदयन गुहा पर भी अंडे और जूते फेंकने की घटनाएं सामने आई थीं।

1 जुलाई को कृष्णनगर में टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा पर अंडे, सब्जियां और पत्थर फेंके गए थे।

Kunal Ghosh Attack: सुरक्षा के बावजूद नेताओं तक कैसे पहुंच रहे हमलावर?

नेताओं की सुरक्षा उनके पद के आधार पर नहीं, बल्कि खतरे के स्तर के अनुसार तय की जाती है। खतरे के हिसाब से X, Y, Y+, Z और Z+ श्रेणी की सुरक्षा दी जाती है। इसकी जिम्मेदारी मुख्य रूप से राज्य पुलिस की होती है। ममता बनर्जी को Z+ सुरक्षा मिली हुई है।कुणाल घोष जैसे टीएमसी नेताओं ने सवाल उठाया है कि ममता बनर्जी के Z+ सुरक्षा वाले आवास के पास अंडा कैसे फेंका गया। उनका कहना है कि इतनी कड़ी सुरक्षा वाली जगह पर इस तरह की घटना सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है।

हालांकि, हाल के महीनों में कुछ अन्य टीएमसी नेताओं की सुरक्षा में बदलाव हुआ है। मई 2026 में अभिषेक बनर्जी की सुरक्षा Z+ से घटाकर Z कर दी गई थी। इसके साथ ही उनके घर और ऑफिस के बाहर तैनात अतिरिक्त पुलिसकर्मियों को भी हटा दिया गया था।कुणाल घोष की अतिरिक्त सुरक्षा भी घटाकर विधायक स्तर की कर दी गई। वहीं, महुआ मोइत्रा की सुरक्षा को लेकर कलकत्ता हाईकोर्ट ने उनके क्षेत्र के दौरे के दौरान 2 अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की तैनाती का आदेश दिया था।

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