Lakhimpur Kheri: लखीमपुर खीरी के मैगलगंज चौराहे पर हुए दर्दनाक सड़क हादसे में 108 एम्बुलेंस सेवा एक बार फिर जीवनरक्षक साबित हुई। समय पर मिली मेडिकल सहायता के चलते सात वर्षीय बच्चे सहित चार लोगों की जान सुरक्षित बचाई जा सकी। स्थानीय लोगों ने एम्बुलेंस टीम की त्वरित प्रतिक्रिया को चमत्कारिक बचाव बताया।
तेज रफ्तार डीसीएम ने मारी थी टक्कर
जानकारी के अनुसार, हुसैनापुर निवासी कुलदीप अपनी पत्नी महिमा और दो बच्चों (सात वर्षीय सत्यम और पांच वर्षीय काव्या) के साथ ससुराल से लौट रहे थे। तभी मैगलगंज चौराहे के पास एक तेज रफ्तार डीसीएम ने बाइक को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि डीसीएम बाइक को करीब एक किलोमीटर तक घसीटते हुए ले गया। इसी दौरान बाइक की टंकी फट गई और पेट्रोल सड़क पर फैल गया, लेकिन सौभाग्य से आग नहीं लगी, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। लेकिन हादसे में पूरा परिवार गंभीर रूप से घायल हो गया। देखते ही देखते मौके पर भीड़ इकट्ठा हो गई और तत्काल 108 एम्बुलेंस सेवा को सूचना दी गई।
Lakhimpur Kheri: तुरंत पहुँची 108 एम्बुलेंस
सूचना मिलते ही ईएमटी रविंद्र कुमार और उनकी टीम बिना समय गंवाए मौके पर पहुंच गई। टीम ने मौके पर ही घायलों को प्राथमिक उपचार देना शुरू किया, जिसमें बच्चों के गहरे घावों की तुरंत ड्रेसिंग, पैर फ्रैक्चर होने पर सत्यम के पैर को एयर स्प्लिंट से स्थिर करना, घायलों के रक्तस्राव को रोकने के लिए आवश्यक मेडिकल प्रक्रियाएं और मरीजों को सुरक्षित ढंग से स्ट्रेचर पर शिफ्ट करना शामिल था। एम्बुलेंस टीम की समझदारी और तेज कार्रवाई की बदौलत घायलों की हालत स्थिर की जा सकी।
उपचार के बाद सभी को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र महोली ले जाया गया, जहां डॉक्टरों की टीम उनका आगे इलाज कर रही है। डॉक्टरों का कहना है कि समय पर मिली प्राथमिक चिकित्सा के कारण मरीजों की स्थिति बिगड़ने से बच गई। वहीं डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर कैलाश बिष्ट ने बताया कि ऐसे मामलों में हर सेकंड कीमती होता है। 108 एम्बुलेंस सेवा का उद्देश्य है कि जरूरतमंदों तक समय पर, मुफ्त और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सहायता पहुंच सके। यह सेवा खासकर ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में लोगों के लिए बड़ी उम्मीद बनकर उभर रही है।
Report By: संजय कुमार राठौर
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