Home » Knowledge » 5,149 सरकारी स्कूलों में कोई छात्र नहीं

5,149 सरकारी स्कूलों में कोई छात्र नहीं

school-1
Spread the love

Lok Sabha: देश में सरकारी स्कूलों में छात्र ही नहीं हैं, उन स्कूलों के 1लाख 44हजार शिक्षक बगैर पढाये वेतन पा रहे हैं। बच्चों को स्कूल जाने के लिए बहुत सारे प्रोत्साहन के उपाय किये गये हैं, पर नतीजे कुछ भी नहीं निकल रहे हैं। मसलन बच्चों को स्कूल जाने के लिए साइकिल देना, मुफ्त भोजन देने के सारे उपाय फेल हो गये हैं। कोई भी छात्र स्कूल जाने को तैयार नहीं। शिक्षा मंत्रालय के अनुसार देश में 5 हजार से अधिक सरकारी स्कूल नाम मात्र के खड़े किये गये हैं। सिर्फ शिक्षक ही स्कूलों में डेरा डाले हैं; इस शोचनीय दशा के लिए कौन जिम्मेदार है ?

छात्रों की तो कमी, पर शिक्षकों की उपस्थिति भरपूर! स्कूलों के सर्वेक्षण में पाया गया कि 1लाख 44हजार ऐसे शिक्षक हैं, जिनके पास औसतन 10 से कम छात्र हैं। इस तरह पूरे भारत में 1लाख 26 हजार ऐसे शिक्षक 2022-23 में थे। 2019-20 में सरकारी स्कूलों में गिरावट तेजी से हुई। 2024-25 में यह संख्या घटकर 10 लाख 32 हजार से घट कर 10 लाख 13 हजार हुई।

यह आंकडे़ बड़े दिलचस्प हैं। बंगाल में 6 हजार 700 सारकारी स्कूलों में 27हजार 348 शिक्षक नियुक्त थे। यानी औसतन सरकारी स्कूल में 4 शिक्षक थे।
उसी तरह बिहार में 730 स्कूलों के लिए 3 हजार 600 शिक्षक हैं। यानी हर स्कूल में औसतन 5 शिक्षक नियुक्त किये गये थे। यह आंकड़े देश की बुनियादी शिक्षा व्यवस्था पर बहुत बड़ा प्रश्नचिन्ह लगाती है। वह भी ग्रामीण क्षेत्रों में!

यहां ध्यान देने की बात है कि क्यों ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चे स्कूल जाने के लिए उत्साहित नहीं हैं। स्कूल जाने को लेकर उत्तराखंड का परिदृश्य कुछ दूसरी तरफ इशारा करता है। इस क्षेत्र की जनता में एक ऐसी जागृति पैदा हुई है कि वे अपने बच्चों को अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों में पढ़ाने को लेकर गांवों को छोड़कर शहरों की ओर मुड़े हैं। अधिकांश लोग बच्चों को लेकर देहरादून, ़ऋषिकेश में दिखाई देंगे। यानि जहां उन्हें बच्चों को शिक्षा देने वाला स्कूल देखा, वहीं बच्चे को भर्ती करवा दिया। ऐसी दशा में असहाय ग्रामीण ही गांव में है, जो बच्चों को पढ़ाने में उदासीन है।

ये भी पढ़े… बौद्धिक संपदा कानून में गंध एक नया अध्याय!

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments