Mathura News: वृंदावन में एक विवादित घटना ने अब कानूनी मोड़ ले लिया है, जहां महिलाओं के साथ दो मासूम बच्चों को भी पूरी रात थाने की हवालात में रखने के आरोप लगे हैं। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) ने वृंदावन पुलिस को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
कैसे शुरू हुआ विवाद
जानकारी के मुताबिक, यह मामला एक सड़क हादसे से शुरू हुआ, जब कथावाचक और दिल्ली से आए श्रद्धालु परिवार की कारों की टक्कर हो गई। इसके बाद कहासुनी बढ़ते-बढ़ते मारपीट में बदल गई। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए महिलाओं को हिरासत में लिया, जिनके साथ छोटे बच्चे भी थे।
Mathura News: बच्चों को हवालात में रखने का आरोप
परिजनों का आरोप है कि महिलाओं के साथ बच्चों को भी पूरी रात हवालात में रखा गया, जो बाल अधिकारों का गंभीर उल्लंघन है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में बच्चे थाने के फर्श पर सोते हुए दिखाई दे रहे हैं, जिससे मामला और संवेदनशील हो गया है।
क्यों गंभीर है मामला
सीडब्ल्यूसी के अध्यक्ष राजेश दीक्षित ने कहा कि यदि महिलाओं का कोई दोष था भी, तो उन्हें नियमानुसार वन स्टॉप सेंटर भेजा जाना चाहिए था। बच्चों को हवालात में रखना कानून का स्पष्ट उल्लंघन है। उन्होंने संबंधित थाने की सीसीटीवी फुटेज भी मांगी है, ताकि पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने आ सके।
आगे क्या
वहीं, पुलिस का कहना है कि उन्हें अभी तक नोटिस प्राप्त नहीं हुआ है, लेकिन नोटिस मिलने के बाद विधिवत जवाब दिया जाएगा। इस मामले ने पुलिस की कार्यप्रणाली और बच्चों के अधिकारों को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की नजर इस बात पर है कि जांच के बाद जिम्मेदारों पर क्या कार्रवाई होती है।
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