Mathura News: मथुरा में पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल उठ खड़े हुए हैं। सामाजिक कार्यकर्ता ‘चाणक्य’ ने आरोप लगाया है कि थाना वृंदावन में नाबालिग बच्चों को एक दिन और एक रात तक थाने में रखा गया, जो कानून का उल्लंघन है।
नाबालिगों को थाने में रखने का आरोप
चाणक्य ने कहा कि इस तरह की कार्रवाई बाल संरक्षण कानूनों के खिलाफ है। उन्होंने इस मामले को गंभीर बताते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
Mathura News: आगरा स्तर से फैसलों पर सवाल
उन्होंने आरोप लगाया कि छोटे-छोटे मामलों में भी स्थानीय पुलिस स्वतंत्र रूप से कार्रवाई नहीं कर पा रही है और निर्देश आगरा स्तर से दिए जा रहे हैं, जिससे जिले की कार्यप्रणाली प्रभावित हो रही है।
अधिकारियों पर भी उठे सवाल
सामाजिक कार्यकर्ता ने यह भी कहा कि जिले में कुछ अधिकारी लंबे समय से तैनात हैं और उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति की जांच होनी चाहिए।
Mathura News: महिलाओं ने लगाया दुर्व्यवहार का आरोप
एक अन्य मामले में दिल्ली से आई महिलाओं ने आरोप लगाया कि मारपीट की घटना के दौरान एक साधु ने उनके साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। महिलाओं के अनुसार यह घटना थाने परिसर में हुई, जिससे मामला और गंभीर हो गया है।
सीएम से हस्तक्षेप की मांग
पूरे मामले को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से हस्तक्षेप कर निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। फिलहाल पुलिस की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि, इन आरोपों के बाद मथुरा में कानून-व्यवस्था और पुलिस प्रशासन को लेकर नई बहस जरूर छिड़ गई है।
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