Mayawati Statement: मायावती ने देश की धर्मनिरपेक्ष पहचान, संविधान की मर्यादा और पश्चिम बंगाल में चुनाव बाद हिंसा को लेकर केंद्र और राज्य सरकारों को नसीहत दी है। उन्होंने कहा कि भारत की वैश्विक पहचान बाबा साहब भीमराव आंबेडकर के संविधान और सेक्युलर मूल्यों के कारण है, इसलिए सभी सरकारों की जिम्मेदारी है कि वे किसी भी प्रकार के धार्मिक, जातीय या राजनीतिक भेदभाव से दूर रहें और हर नागरिक की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करें।
संविधान की मर्यादा और धर्मनिरपेक्षता पर जोर
मायावती ने कहा कि भारत का संविधान पूरी तरह धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांत पर आधारित है, जिसमें सभी धर्मों को समान सम्मान देने की व्यवस्था है। उन्होंने कहा कि देश का सामाजिक ताना-बाना इन्हीं मूल्यों पर आधारित है और सरकारों की जिम्मेदारी है कि वे इन्हें बनाए रखें।
Mayawati Statement: पश्चिम बंगाल हिंसा पर चिंता
उन्होंने पश्चिम बंगाल में चुनाव बाद कथित हिंसा का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं देश की छवि को प्रभावित करती हैं। उन्होंने कहा कि सरकारों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सख्ती दिखानी चाहिए ताकि किसी पर भी धार्मिक या जातीय पक्षपात का आरोप न लगे।
समान कानून व्यवस्था की अपील
बसपा प्रमुख ने कहा कि कानून का पालन सभी धर्मों और वर्गों पर समान रूप से होना चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि सरकारों को ऐसे कदम उठाने चाहिए जिससे किसी भी प्रकार का भेदभाव या द्वेष न फैले और शासन की संवैधानिक विश्वसनीयता बनी रहे।
Mayawati Statement: जनहित पर फोकस करने की सलाह
मायावती ने कहा कि देश के सामने कई सामाजिक और आर्थिक चुनौतियां हैं, इसलिए सरकारों को उनका समाधान प्राथमिकता के आधार पर करना चाहिए, न कि ऐसे विवादों में उलझना चाहिए जो जनता का ध्यान मूल समस्याओं से भटकाते हैं।
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