Arshad Madani News: मौलाना अरशद मदनी के बयान को लेकर मौलाना साजिद रशीदी ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा कि मुसलमानों को लेकर जिस तरह से मंचों से कहा जाता है, इससे साफ नजर आता है कि मुसलमानों को डराया-धमकाया जा रहा है। हकीकत में मुसलमान डरा हुआ है।
दिल्ली: ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी ने यूपी सरकार में मंत्री जयवीर सिंह के आज़ान को लेकर दिए गए बयान पर कहा, “यह बहुत बेतुका बयान है। अगर मैं अपने गांव की बात बताऊं, तो मेरे गांव से चार किलोमीटर दूर एक मंदिर है, जहां सुबह तीन बजे आरती शुरू हो जाती है और… pic.twitter.com/j3Hm30M03C
— IANS Hindi (@IANSKhabar) May 18, 2026
सरस्वती की प्रतिमा तो लंदन में
उत्तर प्रदेश सरकार के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह के बयान पर साजिद रशीदी ने कहा कि मेरे गांव से चार किमी दूर एक मंदिर है, जहां सुबह तीन बजे आरती की जाती है। किसी मुसलमान ने कभी नहीं कहा कि मंदिरों में इतनी आवाजें क्यों हैं, घंटी क्यों बज रही है? उन्होंने कहा कि सड़कों पर जगराते होते हैं, पूरी-पूरी रात डीजे बजाए जाते हैं। कांवड़ यात्रा के दौरान ऐसी आवाज होती है कि धरती हिल जाए, आदमी कांप जाता है। कभी किसी मुसलमान ने शिकायत नहीं की। भोजशाला मामले पर उच्च न्यायालय के फैसले को लेकर साजिद रशीदी ने कहा कि सरस्वती की प्रतिमा तो लंदन में है। लंदन से प्रतिमा लाकर स्थापित की जाए। उच्च न्यायालय का जो आदेश आया है, वह एकतरफा है। इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने जा रहे हैं। मेरा मानना है कि आने वाले वक्त में सुप्रीम कोर्ट की ओर से इस फैसले को खत्म कर दिया जाएगा।
मौलना रशीदी कह रहा है कि भोजशाला में “हजारों साल” से नमाज़ होती आई है और 7000 साल पुरानी रिवायत को कोर्ट ने तोड़ा है 😃😂
अरे झूठे मौलाना,
योगी जी ने कहा था कि 1400 साल पहले तक तो तुम्हारा अता पता नहीं था, उसमे भी भारत में तो तुम्हारे पूर्वक ही रामलला और किशनलाल हुआ करते थे,… pic.twitter.com/vpVLcH8l6T
— Baliyan (@Baliyan_x) May 17, 2026
Arshad Madani News: हम अपनी मां को भी पूजनीय नहीं मानते
फिर मुसलमान वहां पर नमाज पढ़ेंगे। साजिद रशीदी ने कहा कि हजारों वर्ष पुरानी मस्जिद है, उसमें पहले भी नमाज होती थी। 2003 में एएसआई ने अपने लिखित आदेश में जुमे की नमाज के लिए अनुमति दी थी। मेरा मानना है कि जल्दबाजी में वहां यज्ञ करना, पूजा करना और मूर्तियां रख देना, यह एक आस्था का अनादर है। किसी को भी किसी की आस्था का अनादर करने की इजाजत नहीं है। भाजपा नेता अग्निमित्रा पॉल के बयान पर उन्होंने कहा कि हमारी मां एक ही है जिसने हमको जन्म दिया है। हम अपनी मां को भी पूजनीय नहीं मानते। हम उसकी पूजा नहीं करते तो धरती को कैसे सजदा कर सकते हैं? मैंने वेदों, उपनिषद और गीता को पढ़ा है। मुझे कहीं ऐसी चीज नहीं मिलती कि हर जगह भगवान देखने लगो। सारी चीजें ऊपर वाले की बनाई हैं, उसका आदर करना चाहिए। इस्लाम की खूबसूरती है कि वो एक खुदा को मानता है।
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