Mohan Yadav: मध्य प्रदेश में किसानों से गेहूं खरीदी को लेकर मिल रही शिकायतों के बीच मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने बड़ा कदम उठाने की तैयारी की है। जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री अगले दो-तीन दिनों में किसी भी जिले के खरीदी केंद्र का औचक निरीक्षण कर सकते हैं। वे हेलिकॉप्टर से सीधे केंद्रों पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लेंगे और किसानों से संवाद कर यह जानेंगे कि उन्हें सरकार द्वारा तय सुविधाओं का लाभ मिल रहा है या नहीं।
कलेक्टरों को सख्त निर्देश, लापरवाही पर होगी कार्रवाई
मुख्यमंत्री के संभावित दौरे को देखते हुए प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन ने सभी कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षकों और वरिष्ठ अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई बैठक में उन्होंने स्पष्ट कहा कि खरीदी केंद्रों पर किसी भी प्रकार की लापरवाही सामने आई तो जिम्मेदार अधिकारियों को जवाबदेह ठहराया जाएगा। सभी जिलों में लगातार मॉनिटरिंग करने और व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए हैं।
Mohan Yadav: गेहूं खरीदी और किसानों की सुविधाओं पर विशेष ध्यान
सरकार ने किसानों की सुविधा के लिए समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी की अवधि बढ़ाकर तेईस मई तक कर दी है। साथ ही स्लॉट बुकिंग का समय भी बढ़ाया गया है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि खरीदी केंद्रों पर किसानों को उचित मूल्य, समय पर भुगतान और आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। मुख्यमंत्री स्वयं निरीक्षण के दौरान इन व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति का आकलन करेंगे।
स्वास्थ्य, शिक्षा और ग्रामीण योजनाओं की भी समीक्षा
मुख्य सचिव ने बैठक में स्वास्थ्य केंद्रों की स्थिति सुधारने, स्कूलों में शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने और गांवों में पेयजल व्यवस्था बनाए रखने पर भी जोर दिया। उन्होंने स्कूलों में बालिका शौचालयों में पानी और साफ-सफाई की कमी दूर करने के निर्देश दिए। इसके अलावा वृंदावन ग्राम योजना के तहत आय बढ़ाने के प्रयासों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को दुग्ध उत्पादन और आधुनिक खेती को बढ़ावा देने के लिए काम करने को कहा गया।
ये भी पढ़ें…उन्नाव में दर्दनाक सड़क हादसा, मुंडन संस्कार से लौट रहे छह लोगों की मौत








