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Mp Child Marriage: बाल विवाह पर मोहन यादव का एक्शन, ग्राम अधिकारियों को दिये हस्तक्षेप के अधिकार

Mp Child Marriage:

Mp Child Marriage: मध्य प्रदेश सरकार ने बाल विवाह पर रोक लगाने के लिए बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। अब ग्रामीण क्षेत्रों में पटवारियों को और शहरी इलाकों में नगर निगम अधिकारियों को बाल विवाह की सूचना मिलने पर सीधे हस्तक्षेप करने का कानूनी अधिकार दिया गया है। सरकार का मानना है कि इस नई व्यवस्था से नाबालिग विवाह होने से पहले ही उसे रोका जा सकेगा।

पटवारियों को मिला सीधा हस्तक्षेप का अधिकार

राज्य सरकार ने पहली बार प्रत्येक पटवारी को अपने अधिकार क्षेत्र के गांवों में बाल विवाह की जानकारी मिलने पर तुरंत कार्रवाई करने का अधिकार दिया है। वहीं शहरी क्षेत्रों में यह जिम्मेदारी नगर निगम के क्षेत्रीय अधिकारियों, राजस्व अधिकारियों, सहायक राजस्व अधिकारियों और स्वास्थ्य अधिकारियों को सौंपी गई है। यह फैसला बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 के तहत लागू किया गया है। महिला एवं बाल विकास विभाग के अनुसार, अब तक कार्रवाई मुख्य रूप से पुलिस, मजिस्ट्रेट और विभागीय कर्मचारियों तक सीमित थी, लेकिन नई व्यवस्था में गांव स्तर तक निगरानी तंत्र तैयार किया गया है।

Mp Child Marriage: जिला स्तर से गांव तक बनेगा निगरानी नेटवर्क

नई प्रणाली के तहत जिला कलेक्टर, अतिरिक्त कलेक्टर और जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी पूरे जिले में निगरानी करेंगे। वहीं उप मंडल अधिकारी अपने क्षेत्र में कार्रवाई की समीक्षा करेंगे। अधिकारियों का कहना है कि गांवों में पटवारी अक्सर सबसे पहले शादी की तैयारियों की जानकारी प्राप्त करते हैं। ऐसे में स्थानीय स्तर की सूचना और त्वरित कार्रवाई बाल विवाह रोकने में सबसे प्रभावी साबित हो सकती है।

हाल की घटनाओं के बाद लिया गया फैसला

सरकार ने यह कदम हाल ही में सामने आए बाल विवाह के मामलों के बाद उठाया है। एक मामले में 13 वर्षीय लड़की की कथित रूप से शादी कराए जाने के बाद 13 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। जांच में यह भी सामने आया कि यह विवाह दो परिवारों के बीच आपसी समझौते जैसी व्यवस्था का हिस्सा था। महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अब किसी भी स्रोत से सूचना मिलने पर स्थानीय पटवारी या सेक्टर सुपरवाइजर तुरंत हस्तक्षेप कर बाल विवाह रुकवा सकेंगे। इससे दूरदराज क्षेत्रों में होने वाले गुप्त और जल्दबाजी में कराए जाने वाले विवाहों पर प्रभावी नियंत्रण लगाने में मदद मिलेगी।