MP New Aircraft: मध्य प्रदेश सरकार अपने विमानन बेड़े में अगस्त 2026 में कनाडा निर्मित बॉम्बार्डियर चैलेंजर 3500 बिजनेस जेट शामिल करने जा रही है। करीब 235 करोड़ रुपए की लागत वाला यह आधुनिक विमान मुख्यमंत्री, राज्यपाल और अन्य वीआईपी यात्राओं के लिए इस्तेमाल होगा। इसे उड़ाने के लिए दो पायलट जुलाई के अंतिम सप्ताह में अमेरिका में प्रशिक्षण लेने जाएंगे।
MP New Aircraft: चार्टर विमान पर 290 करोड़ खर्च होने के बाद लिया फैसला-
सरकार के पास फिलहाल केवल एक हेलिकॉप्टर है। वर्ष 2021 में बीचक्राफ्ट किंग एयर बी-200जीटी विमान दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद राज्य के पास कोई कार्यशील फिक्स्ड-विंग विमान नहीं बचा। इसके चलते जनवरी 2021 से नवंबर 2025 के बीच चार्टर विमान और हेलिकॉप्टर पर करीब 290 करोड़ रुपए खर्च किए गए। बढ़ते खर्च को देखते हुए नया बिजनेस जेट खरीदने का फैसला लिया गया।
MP New Aircraft: दो साल चली खरीद प्रक्रिया-
नया विमान खरीदने की प्रक्रिया करीब दो साल पहले शुरू हुई थी। शुरुआती चरण में टेक्सट्रोन का प्रस्ताव रद्द होने के बाद 10 जुलाई 2024 को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट ने बॉम्बार्डियर चैलेंजर 3500 खरीदने को मंजूरी दी। सभी तकनीकी और वित्तीय प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद विमान अगस्त 2026 में राज्य के बेड़े में शामिल होगा।
क्या हैं बॉम्बार्डियर चैलेंजर 3500 की खासियतें-
बॉम्बार्डियर चैलेंजर 3500 एक सुपर-मिड साइज बिजनेस जेट है, जो आधुनिक तकनीक और प्रीमियम सुविधाओं से लैस है। यह विमान एक बार में 6,297 किमी तक नॉन-स्टॉप उड़ान भर सकता है, जिससे भोपाल से टोक्यो सहित कई बड़े शहरों तक बिना रीफ्यूलिंग पहुंचा जा सकता है। इसमें आरामदायक ‘नुआज’ प्रीमियम सीटें, वॉयस कंट्रोल केबिन, 4K डिस्प्ले, वायरलेस चार्जिंग और हाई-स्पीड इंटरनेट जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। विमान में 8 से 10 यात्रियों के बैठने की व्यवस्था के साथ निजी शौचालय और मिनी किचन भी दिया गया है। इसकी अधिकतम गति 870 किमी/घंटा है और यह 45,000 फीट की ऊंचाई तक उड़ान भर सकता है, जिससे लंबी दूरी की यात्रा अधिक तेज और आरामदायक बनती है।
किन एयरपोर्ट पर उतर सकेगा विमान-
बॉम्बार्डियर चैलेंजर 3500 के संचालन के लिए कम से कम 5,500 फीट लंबे रनवे की आवश्यकता होगी। इसी वजह से यह विमान मध्य प्रदेश की सभी हवाई पट्टियों पर संचालित नहीं किया जा सकेगा। राज्य के भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और खजुराहो जैसे प्रमुख एयरपोर्ट पर इसकी लैंडिंग और टेकऑफ संभव होगी। इसके अलावा दतिया, सिवनी, मंदसौर, नीमच, छिंदवाड़ा, रीवा, सतना और मंडला की हवाई पट्टियों से भी इसका संचालन किया जा सकेगा। हालांकि, उज्जैन, गुना, खरगोन, नागदा, रतलाम, खंडवा, सागर, सीधी, मैहर और टेकनपुर की हवाई पट्टियों पर रनवे की लंबाई आवश्यक मानकों के अनुरूप नहीं होने के कारण यह बिजनेस जेट वहां उतर या उड़ान नहीं भर सकेगा।
जहां संचालन संभव होगा:
भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और खजुराहो एयरपोर्ट। दतिया, सिवनी, मंदसौर, नीमच, छिंदवाड़ा, रीवा, सतना और मंडला की हवाई पट्टियां।
जहां संचालन संभव नहीं होगा:
उज्जैन, गुना, खरगोन, नागदा, रतलाम, खंडवा, सागर, सीधी, मैहर और टेकनपुर की हवाई पट्टियां, क्योंकि वहां रनवे की लंबाई पर्याप्त नहीं है।
यह भी पढ़ें- जम्मू-कश्मीर के शोपियां में 2 लश्कर आतंकियों के मारे जाने की खबर, पहलगाम हमले से जुड़ा था जाकिर अहमद गनी








