Home » मध्य प्रदेश » सिंहस्थ-2028 की तैयारी तेज: नई समितियों में सेवानिवृत्त अफसर भी होंगे शामिल, 40 करोड़ श्रद्धालुओं के स्वागत की तैयारी

सिंहस्थ-2028 की तैयारी तेज: नई समितियों में सेवानिवृत्त अफसर भी होंगे शामिल, 40 करोड़ श्रद्धालुओं के स्वागत की तैयारी

MP NEWS: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सिंहस्थ-2028 के सफल और भव्य आयोजन के लिए नई समितियों का गठन किया जाएगा, जिनमें वर्तमान अधिकारियों के साथ सेवानिवृत्त अनुभवी अधिकारियों और विशेषज्ञों को भी शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ केवल भारत ही नहीं, बल्कि विश्व का सबसे बड़ा धार्मिक मेला है और इस बार करीब 40 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की संभावना है।

शनिवार को उज्जैन में “सिंहस्थ-2016 के अनुभव, 2028 का संकल्प” विषय पर आयोजित वृहद प्रशिक्षण कार्यशाला को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वे वर्ष 1980 के सिंहस्थ में स्काउट-गाइड स्वयंसेवक के रूप में सेवा दे चुके हैं और वर्ष 1992 में सिंहस्थ समिति की बैठकों से भी जुड़े रहे हैं। उन्होंने कहा कि महाकाल की कृपा से उन्हें सिंहस्थ की तैयारियों का नेतृत्व करने का अवसर मिला है, इसलिए पिछले आयोजनों के अनुभवों का पूरा लाभ उठाया जाएगा।

पूरे प्रदेश के अनुभवी अधिकारी होंगे शामिल

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब तक सिंहस्थ समितियों में मुख्य रूप से उज्जैन के लोगों को शामिल किया जाता था, लेकिन इस बार पूरे प्रदेश के अनुभवी अधिकारियों और सेवानिवृत्त प्रशासनिक अधिकारियों को भी समितियों में स्थान दिया जाएगा, ताकि उनके अनुभवों का लाभ मिल सके।

MP NEWS: सुरक्षा रहेगी सर्वोच्च प्राथमिकता

मुख्यमंत्री ने कहा कि करोड़ों श्रद्धालुओं की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। भीड़ प्रबंधन, आपातकालीन सेवाएं और त्वरित राहत व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ की प्रत्येक चुनौती का समाधान पूर्व अनुभवों के आधार पर किया जाएगा।

24 घंटे में 4 करोड़ श्रद्धालु कर सकेंगे स्नान

डॉ. यादव ने बताया कि शिप्रा नदी के नए और मौजूदा घाटों पर ऐसी व्यवस्था विकसित की जा रही है, जिससे 24 घंटे में लगभग 4 करोड़ श्रद्धालु अमृत स्नान कर सकेंगे। सेवरखेड़ी-सिलारखेड़ी जल परियोजना के माध्यम से शिप्रा में पर्याप्त जल उपलब्ध कराया जाएगा तथा पक्के घाटों के निर्माण से नदी की धारा सुरक्षित और अविरल बनी रहेगी।

MP NEWS
MP NEWS

MP NEWS: 22 नए पुल और चौड़ी सड़कें

मुख्यमंत्री ने बताया कि सिंहस्थ को ध्यान में रखते हुए 22 नए पुलों का निर्माण किया जा रहा है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए लगभग सभी प्रमुख मार्गों का चौड़ीकरण किया जा रहा है, ताकि यातायात सुगम बना रहे। साथ ही रेलवे और सड़क संपर्क को भी मजबूत किया जा रहा है।

धर्मशालाओं पर कब्जे की व्यवस्था अब नहीं

उन्होंने कहा कि पहले सिंहस्थ के दौरान अधिकारियों के ठहरने के लिए धर्मशालाओं का उपयोग करना पड़ता था, जिससे श्रद्धालुओं को परेशानी होती थी। इस बार अधिकारियों और पुलिस बल के लिए स्थायी आवास एवं कॉटेज बनाए जा रहे हैं, ताकि धर्मशालाएं पूरी तरह श्रद्धालुओं के लिए उपलब्ध रहें।

MP NEWS: पड़ोसी राज्यों से होगा समन्वय

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रयागराज महाकुंभ के दौरान श्रद्धालुओं के मार्ग में आई कठिनाइयों से सीख लेते हुए मध्य प्रदेश सरकार पड़ोसी राज्यों के साथ समन्वय करेगी, ताकि सिंहस्थ के दौरान किसी भी राज्य की सीमा पर श्रद्धालुओं को यातायात संबंधी परेशानी का सामना न करना पड़े।

पुराने अधिकारियों ने साझा किए अनुभव

कार्यशाला में सिंहस्थ-2016 के तत्कालीन संभागायुक्त डॉ. रविंद्र पस्तोर, तत्कालीन कलेक्टर कविंद्र कियावत, तत्कालीन पुलिस अधीक्षक मनोहर सिंह वर्मा सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों ने अपने अनुभव साझा किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन सुझावों के आधार पर सिंहस्थ-2028 की कार्ययोजना को अंतिम रूप दिया जाएगा।

ये भी पढ़े… PF ATM Card: अब ATM से निकाल सकेंगे PF का पैसा, EPFO ला रहा नई डिजिटल सुविधा