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‘बाप नंबरी, तो बेटा दस नंबरी’ हरिद्वार से अस्थियाँ विसर्जित कर लौट रहे पिता-पुत्र ने शराब की दुकान में की सेंधमारी

Muzaffarnagar News

Muzaffarnagar News: अक्सर फिल्मों में शातिर अपराधियों की जोड़ियाँ देखी जाती हैं लेकिन मुजफ्फरनगर पुलिस ने एक ऐसी वास्तविक जोड़ी को दबोचा है जिसने अपराध की दुनिया में रिश्तों को शर्मसार कर दिया है। बाप नंबरी और बेटा दस नंबरी वाली यह कहावत यहाँ सटीक बैठती है, जहाँ एक पिता अपने 12 साल के बेटे के साथ मिलकर चोरी की वारदातों को अंजाम देता था।

​श्रद्धा के बहाने शराब पर हाथ साफ

​मामला बेहद चौंकाने वाला है। दरअसल, नोएडा निवासी राजकुमार अपने 12 वर्षीय बेटे के साथ हरिद्वार से अपनी माँ की अस्थियाँ विसर्जित कर लौट रहा था। लौटते समय श्रद्धा और संवेदना की जगह उनके मन में अपराध ने दस्तक दी। 27 नवंबर की रात बुढ़ाना मोड़ के पास एक शराब की दुकान को निशाना बनाया गया। दोनों ने न केवल हजारों की नगदी और शराब पर हाथ साफ किया बल्कि पहचान छिपाने के लिए सीसीटीवी की डीवीआर (DVR) भी उखाड़ ले गए।

​Muzaffarnagar News: 12 साल की उम्र 12 मुकदमे और 6 बार जेल

​इस मामले में सबसे हैरान करने वाला पहलू 12 साल का नाबालिग बेटा है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, अपराधिक रिकॉर्ड महज 12 साल की उम्र में इस किशोर पर 12 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। ​जेल यात्रा यह नाबालिग अब तक 6 बार बाल सुधार गृह की हवा खा चुका है शातिरपन पिता से भी दो कदम आगे निकलते हुए यह किशोर चोरी की वारदातों में मुख्य भूमिका निभाता था।

​पुलिस की कार्रवाई और बरामदगी

​नगर कोतवाली पुलिस ने चेकिंग के दौरान बुढ़ाना मोड़ से इस बाप-बेटे की जोड़ी को गिरफ्तार किया। पुलिस ने इनके पास से चोरी की गई नगदी शराब और वारदात में इस्तेमाल की गई स्कूटी के साथ-साथ गायब की गई डीवीआर भी बरामद कर ली है।

​मामले में सीओ सिटी सिद्धार्थ के मिश्रा ने बताया तफ्तीश के दौरान जब कड़ियाँ जुड़ीं तो हम भी हैरान रह गए। गौतम बुद्ध नगर के रहने वाले इन पिता-पुत्र पर पहले से कई मुकदमे दर्ज हैं। चोरी की घटना को अंजाम देने के बाद ये फरार थे जिन्हें अब जेल और बाल सुधार गृह भेज दिया गया है।

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