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‘छात्रों की आवाज कुचल रही सरकार’, NEET विवाद के बीच सोनिया गांधी का केंद्र पर बड़ा हमला

छात्र आंदोलन पर सोनिया गांधी का बड़ा बयान

NEET Protest: NEET पेपर लीक विवाद को लेकर देशभर में चल रहे छात्र प्रदर्शनों के बीच कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने केंद्र सरकार पर तीखा निशाना साधा। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ सरकार ने क्रूरता दिखाई है और देश के युवाओं के साथ ऐसा व्यवहार किया है, जैसे वे राष्ट्र के दुश्मन हों।एक अखबार में लिखे अपने लेख में सोनिया गांधी ने केंद्र सरकार से अपील की कि छात्रों पर हो रही पुलिस कार्रवाई तुरंत रोकी जाए और उनसे बातचीत शुरू की जाए।

20 जुलाई को बताया ‘काला दिन’

सोनिया गांधी ने 20 जुलाई को हुए ‘संसद चलो’ मार्च को देश के लिए एक काला दिन बताया। उन्होंने लिखा कि पिछले कई हफ्तों से देशभर के छात्र परीक्षा पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति के खिलाफ शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे हैं।उन्होंने कहा कि छात्रों की मांग केवल इतनी है कि सरकार जवाबदेही तय करे और शिक्षा व्यवस्था में सुधार लाए। लेकिन नरेंद्र मोदी सरकार ने उनकी आवाज सुनने के बजाय उनके साथ कायरता और कठोरता का व्यवहार किया।

लाठीचार्ज और आंसू गैस के लगाए आरोप

सोनिया गांधी ने आरोप लगाया कि 20 जुलाई 2026 को दिल्ली पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों को रोकने के लिए लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया।उन्होंने दावा किया कि इस कार्रवाई में कई शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारी घायल हुए। इतना ही नहीं, घर लौट रहे छात्रों को भी नहीं छोड़ा गया और उनके साथ भी सख्ती की गई।

सोनिया गांधी ने यह भी कहा कि प्रदर्शन में शामिल कई युवाओं के शरीर पर छर्रों के घाव हैं। उनका दावा है कि ऐसी कार्रवाई केंद्रीय गृह मंत्री के आदेश के बिना संभव नहीं हो सकती।

शिक्षा बजट और NTA पर उठाए सवाल

अपने लेख में सोनिया गांधी ने सरकार पर शिक्षा के बजट में कटौती करने का आरोप भी लगाया। उनके अनुसार, स्कूल शिक्षा के बजट में 50 प्रतिशतऔर उच्च शिक्षा के बजट में 33 प्रतिशत की कमी की गई है।उन्होंने यह भी दावा किया कि पिछले 12 वर्षों में मोदी सरकार ने करीब 1 लाख सरकारी स्कूल बंद कर दिए, जबकि इसी दौरान 43,000 निजी स्कूल खोले गए।NTA (नेशनल टेस्टिंग एजेंसी) को लेकर उन्होंने कहा कि यह संस्था कर्मचारियों की कमी से जूझ रही है और निजी ठेकेदारों पर निर्भर है। सोनिया गांधी के मुताबिक, पिछले 12 वर्षों में देशभर में 152 पेपर लीक के मामले सामने आए, जिनमें से 9 मामले NTA के 2017 में गठन के बाद हुए।

बेरोजगारी को भी बताया आंदोलन की वजह

सोनिया गांधी ने कहा कि बढ़ती बेरोजगारी भी छात्रों के गुस्से की एक बड़ी वजह है। उनके अनुसार, पिछले कुछ वर्षों से ग्रेजुएट युवाओं में बेरोजगारी की दर करीब 40 प्रतिशत बनी हुई है।उन्होंने कहा कि शिक्षा के बढ़ते निजीकरण और व्यवसायीकरण ने छात्रों की परेशानियों और निराशा को और बढ़ा दिया है।

राहुल गांधी ने भी साधा निशाना

वहीं, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोला। प्रधानमंत्री के देर रात जारी किए गए वीडियो संदेश पर प्रतिक्रिया देते हुए राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि देश के छात्र केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।

राहुल गांधी ने कहा कि आधी रात को जारी किया गया यह वीडियो छात्रों की समझदारी का अपमान है। उन्होंने सरकार के सामने तीन मांगें रखीं—

  1. धर्मेंद्र प्रधान को तुरंत उनके पद से हटाया जाए।
  2. छात्रों पर बल प्रयोग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
  3. सरकार छात्रों से माफी मांगे।