NEET UG 2026 Cancelled: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 पर लगे पेपर लीक के दाग ने लाखों छात्रों के भविष्य पर सवाल खड़े कर दिए हैं। परीक्षा रद्द होने के बाद राजस्थान से लेकर बिहार तक जांच एजेंसियां लगातार कार्रवाई कर रही हैं। अब तक 45 लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है, जबकि इस पूरे मामले में मनीष यादव गैंग का नाम सामने आने से जांच और गहराती जा रही है।राजस्थान की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने जयपुर में कथित पेपर लीक मामले में अविनाश लांबा और मनीष यादव को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों के मुताबिक, दोनों आरोपियों से पूछताछ के दौरान कई अहम सुराग मिले हैं, जिनके आधार पर पूरे नेटवर्क की परतें खोली जा रही हैं।जांच एजेंसियों का मानना है कि यह कोई साधारण लीक नहीं, बल्कि कई राज्यों में फैला संगठित नेटवर्क हो सकता है।
अब तक 45 आरोपी पुलिस हिरासत में
पेपर लीक मामले में राजस्थान पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों ने अब तक 45 संदिग्धों को हिरासत में लिया है। इन सभी से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि प्रश्नपत्र किस माध्यम से बाहर आया और किन-किन लोगों तक पहुंचा।अधिकारियों के अनुसार, सोशल मीडिया और व्हाट्सएप ग्रुप्स के जरिए प्रश्नपत्र साझा किए जाने की आशंका है।
NEET UG 2026 Cancelled: मनीष यादव गैंग क्यों आया चर्चा में?
जांच के दौरान मनीष यादव का नाम इस नेटवर्क के अहम किरदार के रूप में सामने आया है। SOG को शक है कि वह पेपर लीक गिरोह का सक्रिय सदस्य है और कई अन्य लोगों के साथ मिलकर इस साजिश को अंजाम देने में शामिल रहा।वहीं, CBI जांच में संजीव मुखिया को मुख्य मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। संजीव मुखिया फिलहाल फरार है और एजेंसियां उसकी तलाश में जुटी हैं। अब जांच इस बात पर केंद्रित है कि क्या मनीष यादव और संजीव मुखिया के नेटवर्क आपस में जुड़े हुए थे।
NEET UG 2026 Cancelled: पटना स्कूल कनेक्शन ने बढ़ाई जांच की दिशा
CBI ने पटना से मनीष प्रकाश और आशुतोष नाम के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में आरोप है कि 4 मई की रात पटना के एक निजी स्कूल में 20 से 25 छात्रों को कथित तौर पर प्रश्नपत्र याद कराया गया था।बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई को जांच के दौरान आधे जले हुए प्रश्नपत्र भी मिले थे। शुरुआती जांच में हजारीबाग के एक परीक्षा केंद्र से पेपर लीक होने की आशंका जताई गई है।
150 पेज का ‘गेस पेपर’ बना जांच का अहम सुराग
SOG के अतिरिक्त महानिदेशक विशाल बंसल के अनुसार, परीक्षा से 15 दिन से लेकर एक महीने पहले तक 150 पन्नों का एक ‘गेस पेपर’ छात्रों के बीच तेजी से प्रसारित हो रहा था।चौंकाने वाली बात यह है कि इस गेस पेपर के करीब 120 सवाल असली परीक्षा से हूबहू मेल खाते पाए गए। यही दस्तावेज अब जांच एजेंसियों के लिए सबसे बड़ा तकनीकी सबूत बन गया है।NEET-UG 2026 परीक्षा रद्द होने के बाद देशभर के लाखों छात्र और उनके परिवार चिंता में हैं। कई अभ्यर्थियों ने वर्षों की मेहनत के बाद परीक्षा दी थी, लेकिन पेपर लीक की खबरों ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया।
सोशल मीडिया पर भी छात्रों ने निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।राजस्थान SOG, CBI और अन्य जांच एजेंसियां अब इस बात की तह तक जाने में जुटी हैं कि प्रश्नपत्र किस स्तर से लीक हुआ, किसने इसे फैलाया और इसके पीछे कितना बड़ा रैकेट काम कर रहा था।जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए नाम और नए कनेक्शन सामने आ रहे हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़ी गिरफ्तारियां हो सकती हैं.








