UP News: लखनऊ में पुलिस विभाग से जुड़ा एक बड़ा मामला सामने आया है। पुलिस लाइन में तैनात सिपाही सुनील कुमार शुक्ला द्वारा ड्यूटी लगाने के नाम पर कथित वसूली और भ्रष्टाचार के आरोपों वाला वीडियो वायरल होने के बाद यूपी पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। मामले को गंभीरता से लेते हुए सोमवार को बड़ी कार्रवाई की गई। जांच के दौरान गणना कार्यालय में तैनात एक दारोगा, दो मुख्य आरक्षी सहित कुल 12 पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया। उनकी जगह नए पुलिसकर्मियों की तैनाती कर दी गई है। इस कार्रवाई की जानकारी लखनऊ पुलिस के आधिकारिक एक्स हैंडल से भी साझा की गई।
वीडियो वायरल होने के बाद मचा हड़कंप
अमेठी के गौरीगंज निवासी और पुलिस लाइन में तैनात आरक्षी सुनील कुमार शुक्ला ने सोशल मीडिया पर कई वीडियो जारी किए थे। वीडियो में उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस लाइन में ड्यूटी लगाने के नाम पर प्रति सिपाही दो हजार रुपये तक की वसूली की जाती है। साथ ही रायबरेली में चिकित्सा प्रतिपूर्ति से जुड़े मामलों में भी घूसखोरी के आरोप लगाए गए। सुनील कुमार ने यह भी कहा था कि उन्हें विभागीय जांच पर भरोसा नहीं है। वीडियो वायरल होने के बाद पूरे पुलिस महकमे में चर्चा तेज हो गई थी।
मामले की जांच अपर पुलिस उपायुक्त लाइन को सौंपी गई थी। अधिकारियों के अनुसार, जांच निष्पक्ष तरीके से हो सके और किसी प्रकार का प्रभाव न पड़े, इसलिए संबंधित पुलिसकर्मियों को हटाने का फैसला लिया गया। सूत्रों के मुताबिक, वीडियो सामने आने के बाद सिपाही ने तीन और वीडियो जारी किए थे, जिनमें उसने अपने गृह जनपद स्थित आवास पर दबिश देने के भी आरोप लगाए थे। हालांकि बाद में स्पष्ट किया गया कि पुलिस केवल नोटिस देने गई थी।
UP News: अब कंप्यूटरीकृत सिस्टम से लगेगी ड्यूटी
इस पूरे विवाद के बाद पुलिस लाइन की ड्यूटी व्यवस्था में बड़ा बदलाव करने की तैयारी शुरू हो गई है। अब गणना कार्यालय में कंप्यूटरीकृत सॉफ्टवेयर आधारित प्रणाली लागू की जाएगी। इससे पुलिसकर्मियों की ड्यूटी पारदर्शी तरीके से और बिना किसी भेदभाव के लगाई जा सकेगी। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि नई व्यवस्था से भ्रष्टाचार और मनमानी पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।
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