New Delhi: भारत के रेलवे इतिहास में शुक्रवार को एक नया अध्याय जुड़ा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरियाणा के जींद रेलवे स्टेशन से देश की पहली हाइड्रोजन से चलने वाली पैसेंजर ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
उद्घाटन के दौरान ट्रेन को फूलों और रंग-बिरंगे गुब्बारों से आकर्षक ढंग से सजाया गया था। यह अत्याधुनिक ट्रेन अब जींद-सोनीपत रेलखंड पर नियमित रूप से संचालित होगी। इस ऐतिहासिक अवसर पर भाजपा नेताओं ने इसे भारत के हरित और आधुनिक भविष्य की दिशा में बड़ा कदम बताया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी सोच
झारखंड भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी सोच के कारण देश तेजी से प्रगति कर रहा है। उन्होंने कहा, “हाइड्रोजन ट्रेन कभी सिर्फ कल्पना और विज्ञान कथाओं (फिक्शन) का हिस्सा हुआ करती थी, लेकिन अब यह हमारे देश में हकीकत बन गई है। यह पर्यावरण के लिए बेहद अच्छी पहल है क्योंकि इसमें जरा भी कार्बन उत्सर्जन नहीं होगा। हमारा देश लगातार बदल रहा है।”
New Delhi: लोगों को मिलेंगी सुविधाएं
हरियाणा के भिवानी में पूर्व मंत्री जेपी दलाल ने कहा कि यह भिवानी के लिए भी खुशी का अवसर है। उन्होंने बताया कि भिवानी मेडिकल कॉलेज का उद्घाटन होने जा रहा है, जिससे आम लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी।
New Delhi: भविष्य ग्रीन शहरों का
जींद में भाजपा नेता किरण चौधरी ने कहा कि हाइड्रोजन ट्रेन की शुरुआत यह संदेश देती है कि भविष्य ग्रीन शहरों और ग्रीन ट्रेनों का होना चाहिए। उन्होंने कहा, “युद्ध जैसी परिस्थितियों में पेट्रोल और डीजल की कमी देखने को मिलती है। ऐसे समय में पर्यावरण की रक्षा भी जरूरी है। अब हमें पुरानी तकनीकों से आगे बढ़ना होगा। इसकी शुरुआत 20 साल पहले हो जानी चाहिए थी लेकिन अब हमारे माननीय प्रधानमंत्री की दूरदर्शी सोच के कारण यह संभव हो पाया है।”
New Delhi: हरियाणा के लिए गर्व का पल
भिवानी से भाजपा सांसद धर्मबीर सिंह ने भी इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा, “हमें गर्व है कि देश की पहली हाइड्रोजन पैसेंजर ट्रेन पहली बार हरियाणा से शुरू हो रही है। आज भिवानी में दो मेडिकल कॉलेजों की आधारशिला भी रखी जा रही है।”
New Delhi: पर्यावरण-अनुकूल परिवहन
हाइड्रोजन ईंधन से चलने वाली यह ट्रेन भारतीय रेलवे को स्वच्छ, आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल परिवहन की दिशा में आगे बढ़ाने वाली एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। यह पहल न केवल कार्बन उत्सर्जन कम करने में मदद करेगी, बल्कि भविष्य की हरित परिवहन व्यवस्था की मजबूत नींव भी रखेगी।
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