PM Modi Iran US War: हरियाणा के जींद से देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका-ईरान युद्ध का जिक्र करते हुए कहा कि अगर 2014 से पहले मध्य-पूर्व में ऐसा युद्ध होता तो भारत की रेलवे व्यवस्था गंभीर संकट में पड़ सकती थी। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने समय रहते रेलवे के बिजलीकरण पर जोर देकर देश को संभावित ऊर्जा संकट से बचाया।
‘ये 2014 का भारत नहीं, ये मोदी है’
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पहले देश की अधिकांश ट्रेनें डीजल से चलती थीं। यदि मध्य-पूर्व में युद्ध के कारण डीजल की आपूर्ति प्रभावित होती तो रेल सेवाएं भी प्रभावित होतीं। उन्होंने कहा, “ये 2014 का भारत नहीं है, ये मोदी है… पहले सोचता भी है और समाधान भी जमीन पर उतारता है।”
PM Modi Iran US War: 90 साल में 30%, 10 साल में बदली तस्वीर
पीएम मोदी ने कहा कि भारतीय रेलवे में बिजलीकरण की शुरुआत 1925 में हुई थी, लेकिन 2014 तक लगभग 90 वर्षों में केवल 30 प्रतिशत रेल नेटवर्क का ही विद्युतीकरण हो पाया था। बाकी 70 प्रतिशत नेटवर्क डीजल पर निर्भर था। उनकी सरकार ने तेजी से बिजलीकरण का काम आगे बढ़ाया।
दुनिया की सबसे ताकतवर हाइड्रोजन ट्रेन
प्रधानमंत्री ने कहा कि 21वीं सदी की रेल हाइड्रोजन ऊर्जा से चलेगी और भारत इस दिशा में बड़ी छलांग लगा चुका है। उन्होंने कहा कि दुनिया के केवल तीन-चार देशों में हाइड्रोजन ट्रेनें चल रही हैं, जबकि भारत ने 10 कोच वाली दुनिया की सबसे लंबी और सबसे शक्तिशाली हाइड्रोजन ट्रेन विकसित कर नया कीर्तिमान बनाया है। उन्होंने इसे भारतीय इंजीनियरों की बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह पूरी तरह प्रदूषण रहित तकनीक पर आधारित है।
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