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Opinion: फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 को लेकर नेतन्याहू का खुलासा, दुनिया के लिए चिंताजनक क्यों?

Opinion: फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 को लेकर नेतन्याहू का खुलासा, दुनिया के लिए चिंताजनक क्यों?
Opinion: फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 को लेकर नेतन्याहू का खुलासा, दुनिया के लिए चिंताजनक क्यों?
Opinion: इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने फ्लाईदुबई विमान की घटना को आतंकवादी कृत्य बताया है। यदि यह सच है, तो वास्तव में यह ऐसा घिनौना कृत्य है जिसकी जितनी भी निंदा की जाए कम है। समझा जा सकता है कि घटना को अंजाम देने वाले के दिल में इंसानियत के खिलाफ किस कदर कट्टरता या नफरत भरी हुई थी कि वह विमान को क्रैश कर 180 निर्दोष लोगों की जानें लेने को उतावला था। इसके लिए उसने न सिर्फ भारतीय पायलट पर चाकू से हमला किया, बल्कि उसे इतना भी अहसास नहीं रहा कि आखिर वह भी पेशे से पायलट है। उस पर भी लोगों को भरोसा था।गनीमत है कि भारतीय पायलट ने सूझबूझ दिखाई और चालक दल के अन्य सदस्यों व कुछ यात्रियों ने हमलावर को काबू में कर लिया, वर्ना दुनिया को एक बहुत बड़ी दुखद खबर सुनने को विवश होना पड़ सकता था।

फ्लाइट FZ1073 को हाईजैक किये जाने का प्रयास

अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स इस ओर संकेत कर रही हैं कि फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 को हाईजैक किये जाने का प्रयास किया गया। इसके पीछे किसी आतंकी गुट का हाथ हो सकता है।जाहिर है कि इस घटना ने दुनिया के लोगों को पूर्व में घटी आतंकी हमलों की याद दिला दी है। इस घटना को उसी पागल मानसिकता से जोड़कर देखा जा रहा है जिसने 9/11 हमले को अंजाम दिया था।11 सितंबर, 2001 को यात्री विमानों का अपहरण किया गया और फिर उन्हें अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर में स्थित वर्ल्ड ट्रेड सेंटर, वाशिंगटन डीसी के ठीक बाहर, आर्लिंगटन और वर्जीनिया में पेंटागन के उत्तरी टॉवर से टकरा दिया गया था।आतंकियों की इस करतूत से हजारों लोगों की जानें चली गई थी। जैसे कि आशंकाएं व्यक्त की जा रही हैं, यदि वाकई में फ्लाईदुबई फ्लाइट की घटना के पीछे भी आतंकी हाथ है, तो यह फिर पूरी दुनिया के लिए सोचने का विषय है। सोचने का विषय है कि आखिर नफररती मानसिकता कब तक दुनिया को अपने आतंक से भयभीत करती रहेगी? 

 Opinion: कहां से आई यह है नफरती मानसिकता? 

दरअसल, किसी भी कट्टर और नफरती मानसिकता से समझदारी और इंसानियत की उम्मीद करना बेकार है। जो लोग बिना वजह निर्दोष लोगों की जानें ले लें, उनके लिए इंसानियत के कोई मायने नहीं हैं। उनका एक सूत्रीय एजेंडा उस कट्टरता और नफरत को बढ़ावा देने का होता है, जिसके लिए किसी भी सभ्य समाज में कोई जगह नहीं होती।कोई भी सोच सकता है कि आखिर ओमान नागरिक उस को-पायलट के दिल में  उन विमान यात्रियों के खिलाफ इतनी कट्टरता या नफरत कहां से आई कि वह उनकी जानें लेने को उतावला हो गया?  इसे पागल मानसिकता ही कहा जाएगा कि वह अपने पेशे या जिम्मेदारी की परवाह करने के बजाय दूसरों की जानें लेने को आतुर हो गया। संभव है कि इसकी कोई ठोस वजह हो। वह पढ़ा-लिखा था, पायलट जैसे जिम्मेदार ओहदे पर था, फिर भी उस पर विमान अपहरण या विमान को क्रैश करने की सनक सवार हुई, तो इसका कोई तो कारण होगा? एक कारण यह भी हो सकता है कि या तो उसे कहीं से कोई नफरती तालीम मिली या फिर वह किसी खतरनाक आतंकी ताकत के हाथ का खिलौना है।  
 

Opinion: नफरती जड़ों को उखाड़ फेंकना होगा

विश्व समुदाय को इस घटना को गंभीरता से लेते हुए सोचना होगा कि आज नफरत की जड़ें कैसे इस कदर फैल गई हैं कि अब विमान पायलटों पर भी लोग संदेह करने लगेंगे ? दुनिया के तमाम मुल्कों को चाहिए कि इस नफरती मानसिकता को हमेशा-हमेशा के लिए मिटाने पर सामूहिक रूप से विचार करें।इस गंभीर खतरे को अपने-अपने हितों के अनुकूल अलग-अलग नजरिये से परिभाषित नहीं किया जा सकता। उन मुल्कों को हर तरह से हतोत्साहित करने की जरूरत है जो आतंकवादियों को उकसाते हैं, उनकी पनाहगाह बने हुए हैं।