Pak Petrol-Diesel Hit: पाकिस्तान में पेट्रोल और डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों ने आम लोगों के साथ-साथ ट्रांसपोर्ट कारोबारियों की मुश्किलें भी बढ़ा दी हैं। पेशावर और खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में ट्रांसपोर्टरों ने सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया और ईंधन कीमतों में कमी की मांग उठाई।
‘महंगाई ने लोगों की कमर तोड़ दी’
पेशावर के हाजी कैंप टर्मिनल पर आयोजित प्रदर्शन में ट्रांसपोर्ट लीडर जुबैर अहमद कुरैशी ने कहा कि पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, जबकि सीएनजी भी उपलब्ध नहीं है। उन्होंने कहा, “ईद नजदीक है, लेकिन बेलगाम महंगाई ने लोगों के लिए खरीदारी तक मुश्किल कर दी है। बेरोजगारी ने गरीबों को पहले ही तोड़ दिया है। यह सब गरीबों को जिंदा दफनाने जैसा है।”
Pak Petrol-Diesel Hit: किरायों में भारी बढ़ोतरी
ईंधन महंगा होने के बाद ट्रांसपोर्ट किरायों में भी लगातार इजाफा हो रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, एसी वाहनों का किराया काफी बढ़ा दिया गया है, जबकि नॉन-एसी बसों के किराए में करीब 5 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हुई है। पेशावर से नौशेरा, मर्दन, स्वात और मलकंद जैसे शहरों के लिए किराया 50 से 500 पाकिस्तानी रुपये तक बढ़ गया है। वहीं रावलपिंडी और लाहौर जाने वाले यात्रियों को अब करीब 3,000 पाकिस्तानी रुपये तक ज्यादा खर्च करने पड़ रहे हैं।
सिटी बस और माल ढुलाई भी महंगी
पेशावर में सिटी बसों का न्यूनतम किराया 10 रुपये से बढ़ाकर 30 पाकिस्तानी रुपये कर दिया गया है। वहीं माल ढुलाई करने वाले वाहनों के दाम भी बढ़ा दिए गए हैं, जिसका असर रोजमर्रा की वस्तुओं पर पड़ने लगा है।
Pak Petrol-Diesel Hit: खेती और खाद्य वस्तुओं पर असर
30 अप्रैल को पाकिस्तान सरकार ने हाई-स्पीड डीजल की कीमत में 19.39 रुपये प्रति लीटर और पेट्रोल की कीमत में 6.51 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी। डीजल की कीमत बढ़ने से खेती-किसानी पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है, क्योंकि बुआई का मौसम चल रहा है। ट्रांसपोर्ट लागत बढ़ने से खाद और जरूरी सामान भी महंगे हो रहे हैं।
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