Pakistan Afghanistan Conflict: अफगानिस्तान के तीन प्रांतों में पाकिस्तान की ओर से किए गए हवाई हमलों को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कड़ी प्रतिक्रिया सामने आई है। इन हमलों की कई देशों और वैश्विक संगठनों ने निंदा की है। हमलों में महिलाओं और बच्चों समेत 36 नागरिकों की मौत हो गई, जबकि 163 लोग घायल बताए गए हैं।तालिबान सरकार के उप-प्रवक्ता हमदुल्लाह फितरत ने सोमवार को हमलों में हुई जनहानि की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि हमले में 36 लोगों की मौत हुई और 163 लोग घायल हुए। इसके अलावा तीन मकान पूरी तरह से नष्ट हो गए।
संयुक्त राष्ट्र ने हिंसा रोकने की अपील की
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने इस घटना पर गहरी चिंता व्यक्त की और तुरंत हिंसा रोकने की अपील की। उन्होंने सभी पक्षों से नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह किया।उनके प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने कहा कि सभी पक्षों को अपने विवादों का समाधान बातचीत और कूटनीतिक तरीकों से करना चाहिए। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का पालन करने और नागरिकों के साथ-साथ नागरिक बुनियादी ढांचे की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
Pakistan Afghanistan Conflict: यूएन मिशन ने भी जताई चिंता
अफगानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन ने भी पुष्टि की कि इन हवाई हमलों में महिलाओं और बच्चों समेत कई नागरिकों की जान गई और बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं।मिशन ने अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के तहत सावधानी, भेदभाव और बल प्रयोग में संतुलन जैसे सिद्धांतों का पालन करने की जरूरत बताई। साथ ही, उसने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
यूरोपीय संघ ने भी इस घटना के बाद तनाव कम करने और सभी पक्षों से संयम बनाए रखने की अपील की। यूरोपीय संघ के विदेश मामलों के प्रवक्ता अनुवार एल अनौनी ने कहा कि नागरिकों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण होनी चाहिए और हर स्थिति में अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का सम्मान किया जाना चाहिए।
मानवाधिकार विशेषज्ञ ने नागरिकों की सुरक्षा पर दिया जोर
अफगानिस्तान में मानवाधिकारों की स्थिति पर संयुक्त राष्ट्र के विशेष प्रतिवेदक रिचर्ड बेनेट ने भी महिलाओं और बच्चों सहित नागरिकों की मौत पर चिंता जताई।उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं का समाधान अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार किया जाना चाहिए। उन्होंने सभी पक्षों से संयम बरतने, नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और घटना के लिए जवाबदेही तय करने की आवश्यकता पर जोर दिया।अफगानिस्तान के लिए ब्रिटेन के विशेष दूत रिचर्ड लिंडसे ने भी जारी हिंसा और लगातार हो रही नागरिकों की मौतों पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने आतंकवाद के सभी रूपों की निंदा की और अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का पालन करने तथा तनाव कम करने की अपील की।
अफगानिस्तान ने पाकिस्तान के खिलाफ दर्ज कराया विरोध
इस बीच, अफगानिस्तान के विदेश मंत्रालय ने सोमवार को काबुल स्थित पाकिस्तान दूतावास के प्रभारी (चार्जे डी’अफेयर्स) को तलब किया और पाकिस्तान के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया।अफगान मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान द्वारा अफगानिस्तान के हवाई क्षेत्र का उल्लंघन और नागरिकों के घरों पर बमबारी अंतरराष्ट्रीय कानून, मानवीय कानून और किसी भी संप्रभु देश की क्षेत्रीय अखंडता का गंभीर उल्लंघन है।
पाकिस्तान पर लगाए गए गंभीर आरोप
अफगानिस्तान के विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में आरोप लगाया कि पाकिस्तान लंबे समय से बिना किसी ठोस सबूत के अपनी आंतरिक सुरक्षा और राजनीतिक असफलताओं का जिम्मेदार अफगानिस्तान को ठहराता रहा है।मंत्रालय ने यह भी आरोप लगाया कि पाकिस्तान समस्याओं के समाधान के लिए बातचीत के बजाय बल प्रयोग और सैन्य कार्रवाई की नीति अपनाता रहा है, जो असफल साबित हुई है।
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