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पाकिस्तान में हिंदू मंदिर गिराने पर भारत नाराज, दोषियों पर कार्रवाई की मांग

PAKISTAN MANDIR: पाकिस्तान में हिंदू मंदिर गिराने पर भारत नाराज

PAKISTAN MANDIR: पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के नारोवाल जिले में करीब 125 साल पुराने हिंदू मंदिर के कथित विध्वंस को लेकर भारत ने कड़ी आपत्ति जताई है। भारत के विदेश मंत्रालय ने इस घटना पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए पाकिस्तान सरकार से मामले की तत्काल और पारदर्शी जांच कराने की मांग की है। भारत ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और मंदिर के पुनर्निर्माण के लिए तत्काल कदम उठाने की अपील की है। मंदिर को कथित तौर पर पास के एक मदरसे के विस्तार के लिए गिराए जाने का आरोप है, हालांकि पाकिस्तान के अधिकारियों ने इससे अलग दावा किया है।

विदेश मंत्रालय ने जताई कड़ी आपत्ति

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि नारोवाल के सिराज गांव में ऐतिहासिक हिंदू मंदिर के विध्वंस की खबर बेहद चिंताजनक है। उन्होंने एक सदी पुराने अल्पसंख्यक पूजा स्थल के खिलाफ कथित तोड़फोड़ की निंदा करते हुए कहा कि मंदिर की सुरक्षा को लेकर पाकिस्तानी अधिकारियों की कथित उदासीनता गंभीर सवाल खड़े करती है। भारत ने पाकिस्तान से दोषियों की जवाबदेही तय करने की मांग की है।

PAKISTAN MANDIR: मंदिर तोड़ने के पीछे क्या आरोप?

मंदिर को 21 अगस्त को ध्वस्त किए जाने की बात सामने आई है। पाकिस्तान में अल्पसंख्यक अधिकारों के लिए काम करने वाले एक संगठन ने आरोप लगाया कि मंदिर की इमारत को जानबूझकर गिराया गया, ताकि पास के मदरसे का विस्तार किया जा सके। पाकिस्तान मसीहा मिल्लत पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि मंदिर की ईंटें, गुंबद की धातु फिटिंग और अन्य सामान वहां से हटा दिए गए।

पाकिस्तानी बोर्ड ने बताया अलग कारण

मंदिर के विध्वंस को लेकर पाकिस्तान में भी विवाद खड़ा हो गया है। पाकिस्तानी समाचार रिपोर्टों में आरोपों का जिक्र किया गया है। वहीं, इवैक्यूई ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड ने मंदिर के गिराए जाने के आरोप से अलग दावा करते हुए कहा है कि यह संरचना भारी बारिश के कारण ढह गई थी। ऐसे में घटना की वास्तविक वजह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

PAKISTAN MANDIR: भारत ने मंदिर के पुनर्निर्माण की मांग की

भारत ने पाकिस्तान सरकार से मामले की निष्पक्ष जांच के साथ तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने को कहा है। विदेश मंत्रालय ने मंदिर के जीर्णोद्धार और पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के धार्मिक स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। भारत का कहना है कि धार्मिक स्थलों और सांस्कृतिक विरासत की रक्षा करना अल्पसंख्यक समुदायों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए जरूरी है।

 

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