Home » धर्म » 10 फरवरी 2026: फाल्गुन कृष्ण पक्ष अष्टमी के सभी शुभ-अशुभ मुहूर्त

10 फरवरी 2026: फाल्गुन कृष्ण पक्ष अष्टमी के सभी शुभ-अशुभ मुहूर्त

तिथि और नक्षत्र विवरण

Panchang Muhurat: सनातन धर्म में पंचांग का बड़ा महत्व है क्योंकि यह दिन, समय और नक्षत्र के आधार पर शुभ और अशुभ कार्यों का पता लगाने में मदद करता है। पंचांग के पांच मुख्य हिस्से होते हैं: तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार। 10 फरवरी को फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की अष्टमी है, जो सुबह 7:27 बजे तक रहेगी। इसके बाद नवमी तिथि शुरू हो जाएगी। वहीं, उदयातिथि के अनुसार पूरे दिन अष्टमी का प्रभाव रहेगा।

योग और करण का महत्व

नक्षत्र के हिसाब से सुबह 7:55 बजे तक विशाखा नक्षत्र रहेगा और उसके बाद अनुराधा नक्षत्र प्रभावी होगा। योग की बात करें तो ध्रुव योग 11 फरवरी की रात 1:42 बजे तक रहेगा। करण में सुबह 7:27 बजे तक कौलव करण रहेगा और उसके बाद तैतिल करण शाम 8:43 बजे तक रहेगा।

Panchang Muhurat: तिथि और नक्षत्र विवरण
तिथि और नक्षत्र विवरण

Panchang Muhurat: शुभ मुहूर्त और अभिजित काल

चंद्रमा इस दिन वृश्चिक राशि में रहेगा। सूर्योदय सुबह 7:04 बजे और सूर्यास्त शाम 6:07 बजे होगा। शुभ कार्य करने के लिए पंचांग में अभिजित, विजय और अमृत काल को चुना जाता है। ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5:20 से 6:12 बजे तक है, अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:13 से 12:58 बजे तक, विजय मुहूर्त दोपहर 2:26 से 3:10 बजे तक और गोधूलि मुहूर्त शाम 6:05 से 6:31 बजे तक रहेगा। अमृत काल रात 11:12 से 12:59 बजे तक प्रभावी रहेगा।

राहुकाल और अशुभ समय

यदि कोई नया या शुभ काम करना हो तो राहुकाल से बचना चाहिए। राहुकाल दोपहर 3:21 से 4:44 बजे तक रहेगा और इस समय किसी भी नए कार्य का शुभ परिणाम नहीं मिलता। इसके अलावा अशुभ समय में यमगंड सुबह 9:50 से 11:13 बजे और गुलिक काल दोपहर 12:35 से 1:58 बजे तक रहेगा। सुबह 7:04 से 7:55 बजे तक आडल योग भी अशुभ माना जाता है।

10 फरवरी का दिन मंगलवार है, जो माता दुर्गा, श्रीराम भक्त हनुमान और मंगल ग्रह से जुड़ा है। इस दिन भक्ति भाव से पूजा-अर्चना करने पर माता दुर्गा और हनुमान प्रसन्न होते हैं और मंगल ग्रह शांत रहते हैं।