Pellet Gun Case: दिल्ली में पैलेट गन से घायल हुए 19 वर्षीय साहिल लोचब के मामले में दिल्ली पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है। यह कार्रवाई लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के संसद मार्ग पुलिस स्टेशन के बाहर करीब आठ घंटे तक धरने पर बैठने के बाद हुई। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 118 और 125 के तहत मामला दर्ज किया है। हालांकि FIR में फिलहाल किसी व्यक्ति को आरोपी के तौर पर नामजद नहीं किया गया है। राहुल गांधी ने FIR दर्ज होने को इंसाफ की दिशा में पहला कदम बताया है।
साहिल लोचब ने शिकायत में क्या कहा?
पुलिस के मुताबिक, साहिल लोचब ने शिकायत में बताया कि 20 जुलाई 2026 को जंतर-मंतर पर परीक्षा में कथित गड़बड़ी के खिलाफ छात्रों का प्रदर्शन था। प्रदर्शनकारी संसद की ओर मार्च कर रहे थे। साहिल भी छात्र होने के नाते इस प्रदर्शन में शामिल हुआ था। शिकायत के अनुसार, दोपहर के समय लाठीचार्ज के बाद भगदड़ मच गई और वह भीड़ के साथ भागते हुए पालिका और कनॉट प्लेस क्षेत्र की तरफ पहुंचा। इसी दौरान कथित तौर पर पेलेट लगने से उसकी दाहिनी आंख की रोशनी चली गई। साहिल ने पुलिस से घटना की जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
Pellet Gun Case: BNS की धारा 118 में कितनी सजा?
पुलिस ने BNS की धारा 118 के तहत मामला दर्ज किया है। यह धारा खतरनाक हथियार या साधन का इस्तेमाल कर स्वेच्छा से चोट या गंभीर चोट पहुंचाने से संबंधित है। दिए गए विवरण के अनुसार, सामान्य चोट के मामले में तीन साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों का प्रावधान है। गंभीर चोट के मामलों में सजा अधिक कठोर हो सकती है और परिस्थितियों के अनुसार लंबी अवधि की कैद तथा जुर्माना लगाया जा सकता है।
धारा 125 में क्या है प्रावधान?
FIR में BNS की धारा 125 भी लगाई गई है। यह प्रावधान ऐसे कृत्यों से संबंधित है जिनसे किसी व्यक्ति की जान या व्यक्तिगत सुरक्षा खतरे में पड़ती है। दिए गए विवरण के मुताबिक, इस धारा में परिस्थितियों के आधार पर जेल और जुर्माने का प्रावधान है। चोट या गंभीर चोट होने की स्थिति में सजा की अवधि और जुर्माने की राशि बढ़ सकती है।
Pellet Gun Case: राहुल गांधी ने उठाए पुलिस पर सवाल
FIR दर्ज होने से पहले राहुल गांधी करीब आठ घंटे तक संसद मार्ग थाने के बाहर धरने पर बैठे रहे। उन्होंने पुलिस से सवाल किया कि साहिल की शिकायत पर पहले कार्रवाई क्यों नहीं की गई और घटना के लिए जिम्मेदारी तय क्यों नहीं हुई। राहुल गांधी ने FIR दर्ज होने के बाद इसे न्याय की दिशा में पहला कदम बताया। फिलहाल पुलिस ने किसी व्यक्ति को आरोपी नहीं बनाया है। FIR में घटना की जांच और जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
पैलेट गन क्या होती है और कितना नुकसान पहुंचा सकती है?
पैलेट गन एक तरह की कम घातक हथियार है, जिसका इस्तेमाल आमतौर पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए किया जाता है। इसमें छोटे धातु के छर्रे यानी पैलेट दागे जाते हैं, जो शरीर में गंभीर चोट पहुंचा सकते हैं। पैलेट आंख, चेहरे या सिर पर लगने से स्थायी दृष्टि हानि, गंभीर चोट और अन्य शारीरिक नुकसान हो सकता है। करीब से या बड़ी संख्या में पैलेट लगने पर चोट और भी गंभीर हो सकती है। इसलिए पैलेट गन को घातक हथियार न माने जाने के बावजूद इसके इस्तेमाल में गंभीर स्वास्थ्य जोखिम जुड़े होते हैं।








