PM MODI NEWS: प्रधानमंत्री ने सुभाषित शेयर करते हुए श्लोक लिखा, “प्रभया हि विना यद्वद् भानुरेष न विद्यते। प्रभा च भानुना तेन सुतरां तदुपाश्रया॥” इस श्लोक का हिंदी अर्थ है कि जिस प्रकार सूर्य अपनी प्रकाश के बिना दृष्टिगोचर नहीं होता, उसी प्रकार प्रकाश की सूर्य के बिना अस्तित्व में नहीं रह सकता। इस प्रकार सूर्य और प्रकाश का संपूर्ण अस्तित्व एवं शक्ति एक-दूसरे पर पूर्णत: आश्रित हैं।
बीते दिन सोमवार को प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर सुभाषित शेयर करते हुए लिखा था, “जब चौतरफा विकास के साथ हर देशवासी के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन सुनिश्चित होता है, तब राष्ट्र की प्रगति को भी नई गति मिलती है। इसी प्रेरक भावना के साथ हम भारत के सामर्थ्य को निरंतर मजबूती देने में जुटे हुए हैं।”
पीएम मोदी ने एक श्लोक
पीएम मोदी ने एक श्लोक “कन्यानां सम्प्रदानञ्च कुमाराणाञ्च रक्षणम्। राष्ट्रस्य सङ्ग्रहे नित्यं विधानमिदमाचरेत्॥” भी शेयर किया था। इस श्लोक का हिंदी अर्थ है कि कन्याओं के हितों की समुचित व्यवस्था करना, नई पीढ़ी के संरक्षण एवं विकास को सुनिश्चित करना तथा राष्ट्र की एकता, सुरक्षा, समृद्धि और सुव्यवस्थित संचालन के लिए निरंतर आवश्यक प्रबंधन करना, ये प्रत्येक जनप्रतिनिधि के नित्य कर्तव्य हैं।
PM MODI NEWS: सुभाषित का अर्थ भी किया साझा
प्रधानमंत्री ने श्लोक “प्रभया हि विना यद्वद् भानुरेष न विद्यते। प्रभा च भानुना तेन सुतरां तदुपाश्रया॥” साझा करते हुए उसका हिंदी अर्थ भी बताया। उन्होंने कहा कि सूर्य अपनी प्रकाश के बिना दिखाई नहीं देता और प्रकाश का अस्तित्व भी सूर्य पर ही निर्भर है। इस प्रकार दोनों का संपूर्ण अस्तित्व और शक्ति एक-दूसरे पर पूर्णतः आश्रित हैं।
लगातार साझा कर रहे हैं प्रेरणादायी श्लोक
प्रधानमंत्री मोदी पिछले कुछ दिनों से नियमित रूप से संस्कृत सुभाषित साझा कर रहे हैं। सोमवार को उन्होंने जनप्रतिनिधियों के कर्तव्यों से जुड़ा श्लोक साझा करते हुए महिलाओं, युवाओं और राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का संदेश दिया था। इससे पहले 9 जुलाई को उन्होंने दृढ़ विश्वास, निरंतर प्रयास और सकारात्मक सोच को सफलता की कुंजी बताते हुए युवाओं को विकसित भारत के निर्माण में समर्पित भाव से कार्य करने की प्रेरणा दी थी।
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