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संयम और समर्पण… पीएम मोदी का ये मंत्र बदल सकता है आपकी किस्मत!

PM MODI SANDESH: नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को मेहनत, अनुशासन और समर्पण की शक्ति पर जोर देते हुए कहा कि संयम और समर्पण के साथ किया गया परिश्रम असाधारण सफलता दिला सकता है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर यह संदेश साझा किया।

प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में एक संस्कृत श्लोक भी लिखा

प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में एक संस्कृत श्लोक भी लिखा— “उत्थानं संयमो दाक्ष्यमप्रमादो धृतिः स्मृतिः। समीक्ष्य च समारम्भो विद्धिमूलं भवस्य तु॥” इस श्लोक का अर्थ समझाते हुए उन्होंने कहा कि उद्यम, संयम, कुशलता, सावधानी, धैर्य, स्मृति और सोच-समझकर किसी कार्य की शुरुआत करना, उन्नति के मूल आधार हैं। उन्होंने कहा कि इन गुणों को अपनाकर व्यक्ति न केवल व्यक्तिगत सफलता हासिल कर सकता है, बल्कि राष्ट्र की समृद्धि और शक्ति को भी नई दिशा दे सकता है।

PM MODI SANDESH: वाराणसी दौरा भी चर्चा में

इसी बीच प्रधानमंत्री का वाराणसी दौरा भी सुर्खियों में है। वह मंगलवार से दो दिवसीय काशी प्रवास पर रहेंगे। इस दौरान वह लगभग 6350 करोड़ रुपये की 163 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। प्रधानमंत्री इस दौरान बनारस-पुणे और अयोध्या-मुंबई के बीच चलने वाली दो नई अमृत भारत ट्रेनों को भी हरी झंडी दिखाएंगे, जिससे रेल कनेक्टिविटी को मजबूती मिलेगी।

महिला सम्मेलन में करेंगे संवाद

अपने दौरे के दौरान पीएम मोदी बरेका इंटर कॉलेज मैदान में आयोजित एक बड़े महिला सम्मेलन को संबोधित करेंगे। इस कार्यक्रम में 25 हजार से अधिक महिलाओं के शामिल होने की संभावना है। खास बात यह है कि इस आयोजन में मंच से लेकर दर्शक दीर्घा तक पूरी व्यवस्था महिलाओं के लिए ही होगी।प्रधानमंत्री यहां महिला सम्मान, सुरक्षा, स्वावलंबन और समान अवसर जैसे मुद्दों पर विस्तार से बात करेंगे।

PM MODI SANDESH: 20 घंटे का व्यस्त कार्यक्रम

प्रधानमंत्री का यह दौरा लगभग 20 घंटे का होगा। 29 अप्रैल को वह बरेका से काशी विश्वनाथ मंदिर तक करीब 15 किलोमीटर की यात्रा भी करेंगे, जिससे वे आम जनता से सीधे संवाद स्थापित कर सकें। इस दौरान उनके स्वागत के लिए राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित भाजपा के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहेंगे।

संदेश का व्यापक अर्थ

प्रधानमंत्री का यह संदेश ऐसे समय में आया है जब देश विकास के नए चरण की ओर बढ़ रहा है। उनके मुताबिक, यदि व्यक्ति और समाज संयम, समर्पण और अनुशासन को अपनाएं, तो न केवल व्यक्तिगत बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी बड़ी उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं।

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