Prajwal Revanna: बेंगलुरु की परप्पना अग्रहारा सेंट्रल जेल में मंगलवार को सेंट्रल क्राइम ब्रांच (CCB) ने छापेमारी की। तलाशी के दौरान पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना के पास से मोबाइल फोन और पेन ड्राइव मिली। जेल के DGP अलोक कुमार ने बुधवार को इसकी जानकारी दी।उन्होंने बताया कि मामले की जांच के तहत CCTV फुटेज खंगाली जा रही है। सेंट्रल जेल के SP को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है, जबकि असिस्टेंट सुपरिंटेंडेंट को निलंबित कर दिया गया है।
कौन हैं प्रज्वल रेवन्ना?
प्रज्वल रेवन्ना जनता दल (सेक्युलर) यानी JDS के प्रमुख नेताओं वाले रेवन्ना परिवार की तीसरी पीढ़ी से आते हैं। वह JDS सुप्रीमो और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा के पोते हैं। उनके पिता एचडी रेवन्ना कर्नाटक सरकार में मंत्री रह चुके हैं। उनके चाचा एचडी कुमारस्वामी भी कर्नाटक के मुख्यमंत्री रह चुके हैं।प्रज्वल रेवन्ना का जन्म 5 अगस्त 1990 को कर्नाटक के हासन में हुआ था। उन्होंने 2014 में बेंगलुरु इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की डिग्री पूरी की थी।
परिवार का लंबा राजनीतिक इतिहास
रेवन्ना परिवार का कर्नाटक की राजनीति में लंबे समय से प्रभाव रहा है। एचडी देवेगौड़ा दिसंबर 1994 में कर्नाटक के 14वें मुख्यमंत्री बने थे। इसके बाद वह देश के प्रधानमंत्री भी रहे।प्रज्वल के पिता एचडी रेवन्ना 2018 में राज्य सरकार में मंत्री बने थे। उनके चाचा एचडी कुमारस्वामी भी कर्नाटक के मुख्यमंत्री रह चुके हैं।परिवार के अन्य सदस्य भी राजनीति से जुड़े रहे हैं। प्रज्वल की मां भवानी रेवन्ना हासन जिला पंचायत की सदस्य रह चुकी हैं, जबकि उनके भाई सूरज रेवन्ना एमएलसी हैं।
2018 में राजनीति में आने की कोशिश
प्रज्वल रेवन्ना ने 2018 में विधानसभा चुनाव लड़ने की इच्छा जताई थी। हालांकि, JDS की ओर से उन्हें टिकट नहीं दिया गया।इसके बाद उन्होंने 2019 में हासन लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा। इस चुनाव में उन्होंने करीब 1.4 लाख वोटों के अंतर से जीत दर्ज की। महज 29 साल की उम्र में वह देश के तीसरे सबसे कम उम्र के सांसद बने थे।चुनाव जीतने के बाद उनका राजनीतिक कद तेजी से बढ़ा। 29 नवंबर 2019 को उन्हें JDS का राज्य महासचिव बनाया गया।
चुनाव हारने के बाद दिया इस्तीफा
2024 के लोकसभा चुनाव में प्रज्वल ने हासन सीट से दूसरी बार चुनाव लड़ा। हालांकि, इस बार वह अपनी सीट नहीं बचा सके और चुनाव हार गए।चुनाव में हार के बाद उन्होंने पार्टी पद से इस्तीफा देने का फैसला किया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उन्होंने हार के करीब 12 घंटे के भीतर इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने कहा था कि वह दादा एचडी देवेगौड़ा के लिए अपनी सीट खाली कर रहे हैं।
रेप केस में उम्रकैद की सजा
प्रज्वल रेवन्ना फिलहाल रेप के एक मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे हैं।प्रज्वल के परिवार के फार्महाउस में काम करने वाली 47 वर्षीय महिला ने अप्रैल 2024 में उनके खिलाफ FIR दर्ज कराई थी। महिला ने आरोप लगाया था कि 2021 से प्रज्वल ने उसके साथ कई बार रेप किया। उसने यह भी आरोप लगाया था कि घटना के बारे में किसी को बताने पर उसे वीडियो लीक करने की धमकी दी गई थी।इस मामले की सुनवाई 18 जुलाई 2025 को पूरी हुई थी। प्रज्वल के खिलाफ रेप, ताक-झांक, आपराधिक धमकी और अश्लील तस्वीरें लीक करने समेत कई धाराओं के तहत आरोप तय किए गए थे।
पीपुल्स रिप्रेजेंटेटिव्स की स्पेशल कोर्ट ने 1 अगस्त 2025 को प्रज्वल को दोषी करार दिया। इसके अगले दिन, 2 अगस्त को उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई गई। कोर्ट ने उन पर 11.50 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया।इस राशि में से 11.25 लाख रुपये पीड़िता को देने का आदेश दिया गया था। प्रज्वल के खिलाफ रेप के तीन अन्य मामले भी चल रहे हैं, जिनकी सुनवाई अभी बाकी है।
2 हजार से ज्यादा वीडियो क्लिप का मामला
2024 में प्रज्वल रेवन्ना से जुड़े 2,000 से ज्यादा अश्लील वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर सामने आए थे। इन वीडियो को लेकर विवाद बढ़ने के बाद उनके खिलाफ कई मामले दर्ज हुए।मामले सामने आने के बाद JDS ने प्रज्वल को पार्टी से निलंबित भी कर दिया था।
अब परप्पना अग्रहारा जेल में उनके पास मोबाइल फोन और पेन ड्राइव मिलने के बाद जेल प्रशासन की भूमिका भी जांच के घेरे में है। CCTV फुटेज की जांच और अधिकारियों पर हुई कार्रवाई के बाद इस मामले में आगे की स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।
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