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Raebareli Jalebi: रायबरेली के जलेबी- पेड़ा को मिलेगी नई पहचान? शासन को भेजे गए प्रस्ताव पर टिकी निगाहें

Raebareli Jalebi: रायबरेली के जलेबी- पेड़ा को मिलेगी नई पहचान? शासन को भेजे गए प्रस्ताव पर टिकी निगाहें

Raebareli Jalebi: रायबरेली की पहचान अब केवल ऐतिहासिक और राजनीतिक महत्व तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यहां की पारंपरिक मिठाइयों की मिठास भी पूरे देश में अपनी अलग छाप छोड़ सकती है। सरकार की महत्वाकांक्षी ‘एक जनपद एक व्यंजन’ योजना के तहत जिले की प्रसिद्ध जलेबी और पेड़ा को आधिकारिक ब्रांड बनाने की तैयारी तेज हो गई है। इस संबंध में जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केंद्र ने शासन को विस्तृत प्रस्ताव भेज दिया है। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद रायबरेली की इन पारंपरिक मिठाइयों को नई और व्यापक पहचान मिलने की उम्मीद है।

स्थानीय कारोबार और रोजगार को मिलेगी नई रफ्तार

सरकार की इस पहल का उद्देश्य हर जिले के पारंपरिक व्यंजनों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना है। यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो रायबरेली के जलेबी और पेड़ा उद्योग से जुड़े हजारों कारीगरों, दुकानदारों और छोटे उद्यमियों को सीधा लाभ मिलेगा। इसके साथ ही स्थानीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा, नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे और जिले की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

Raebareli Jalebi: रायबरेली की मिठाइयों का स्वाद वर्षों से है लोगों की पहली पसंद

रायबरेली की मिठाइयों का इतिहास काफी समृद्ध रहा है। डलमऊ का मशहूर पेड़ा वर्षों से अपनी खास गुणवत्ता और स्वाद के लिए जाना जाता है। वहीं रायबरेली शहर का प्रसिद्ध लाल पेड़ा और सलोन का सफेद पेड़ा भी दूर-दूर तक लोगों की पसंद बना हुआ है। इसके अलावा जिले के लगभग हर कस्बे और बाजार में मिलने वाली गरमा-गरम जलेबी यहां की खान-पान संस्कृति का अहम हिस्सा मानी जाती है और स्थानीय लोगों के साथ बाहर से आने वाले पर्यटकों को भी खूब आकर्षित करती है।

Raebareli Jalebi: लोकप्रियता और बाजार की मांग को देखते हुए भेजा गया प्रस्ताव

जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केंद्र के उपायुक्त परमहंस मौर्य के अनुसार, ‘एक जनपद एक व्यंजन’ योजना के तहत रायबरेली से जलेबी और पेड़ा का चयन करते हुए शासन को प्रस्ताव भेज दिया गया है। इन दोनों मिष्ठानों की लोकप्रियता, बड़े पैमाने पर उत्पादन की संभावना और बाजार में लगातार बनी रहने वाली मांग को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। अब शासन की मंजूरी के बाद जलेबी और पेड़ा को रायबरेली का आधिकारिक ब्रांड घोषित किया जा सकता है।

मिठास के साथ बढ़ेगी रायबरेली की पहचान

यदि यह प्रस्ताव स्वीकृत हो जाता है तो रायबरेली की जलेबी और पेड़ा केवल स्थानीय स्वाद तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि प्रदेश और देशभर में जिले की नई पहचान बन सकते हैं। इससे पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा और रायबरेली अपनी सांस्कृतिक विरासत के साथ-साथ अपनी पारंपरिक मिठाइयों के लिए भी एक अलग मुकाम हासिल करेगा।

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