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स्मृति ईरानी से हरदीप पुरी तक… राज्यसभा की 8 सीटों के लिए BJP में 11 नाम, किसे मिलेगा टिकट? समझिए पूरा गणित

Rajya Sabha Election 2026: उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए चुनावी प्रक्रिया शुरू हो गई है। बीजेपी के सामने अपने मौजूदा 8 सीटों के समीकरण को बनाए रखने की चुनौती है। पार्टी के भीतर कई नामों पर मंथन चल रहा है। इनमें पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, कौशल किशोर, हरीश द्विवेदी समेत 11 नाम चर्चा में हैं। हालांकि, इनमें से कौन उम्मीदवार बनेगा, इसका अंतिम फैसला अभी नहीं हुआ है। आखिर क्या है पूरा गणित और किन नामों पर नजर है?

यूपी में राज्यसभा की 10 सीटों पर चुनाव क्यों अहम?

उत्तर प्रदेश से राज्यसभा की 10 सीटों पर चुनाव होने हैं। इन सीटों पर मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल नवंबर में पूरा हो रहा है। चुनाव आयोग के कार्यक्रम के मुताबिक 29 सितंबर से नामांकन शुरू हो गया है। नामांकन की आखिरी तारीख 6 अक्टूबर है, 7 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी और 9 अक्टूबर तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। मतदान 16 अक्टूबर को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक होगा और उसी दिन शाम 5 बजे से मतगणना होगी।

इन 10 सीटों में अभी आठ बीजेपी, एक समाजवादी पार्टी और एक बहुजन समाज पार्टी के पास है। हालांकि, एक बीजेपी सीट दिनेश शर्मा के राज्यसभा से इस्तीफा देने के बाद खाली हो चुकी है। शर्मा को अंडमान-निकोबार का उपराज्यपाल बनाया गया है। यही वजह है कि इस चुनाव में सिर्फ खाली हो रही सीटों पर नए चेहरे चुनने का सवाल नहीं है, बल्कि यह भी देखा जा रहा है कि मौजूदा राजनीतिक ताकत के हिसाब से कौन-सा दल कितनी सीटों पर उम्मीदवार उतारता है।

Rajya Sabha Election 2026: बीजेपी में 8 सीटों के लिए 11 नाम कौन-कौन?

बीजेपी की कोर कमेटी की बैठक में राज्यसभा और विधान परिषद के संभावित उम्मीदवारों पर चर्चा हुई। एक रिपोर्ट के मुताबिक राज्यसभा की 8 सीटों के लिए 20 से ज्यादा नामों पर विचार हुआ। इनमें प्रमुख रूप से ये 11 नाम चर्चा में बताए गए हैं- स्मृति ईरानी, कौशल किशोर, हरीश द्विवेदी, रेखा वर्मा, गीता शाक्य,  राजवीर सिंह उर्फ राजू भैया
प्रियंका रावत, हरदीप सिंह पुरी, बृजलाल, प्रकाश पाल और दुर्विजय शाक्य की नाम चर्चा है।

29 सितंबर की रिपोर्ट के अनुसार इन नामों में से आठ उम्मीदवारों का चयन किया जाना है, लेकिन कोर कमेटी स्तर पर अंतिम सहमति की बात सामने नहीं आई थी। दूसरी रिपोर्टों में बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व को 24-25 से ज्यादा नामों का पैनल भेजे जाने की जानकारी भी सामने आई है।

स्मृति ईरानी का नाम क्यों चर्चा में?

पूर्व केंद्रीय मंत्री और बीजेपी की राष्ट्रीय स्तर की नेता स्मृति ईरानी का नाम इस बार उत्तर प्रदेश से राज्यसभा के संभावित उम्मीदवारों में चर्चा में है। ईरानी पहले भी राज्यसभा सदस्य रह चुकी हैं और केंद्र सरकार में मंत्री की जिम्मेदारी संभाल चुकी हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव में अमेठी से हार के बाद उनके अगले राजनीतिक कदम को लेकर अलग-अलग चर्चाएं होती रही हैं। अब यूपी से राज्यसभा के लिए उनका नाम सामने आने के बाद इस पर फिर चर्चा तेज हुई है। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि नाम चर्चा में होना और पार्टी का टिकट मिलना दो अलग बातें हैं। बीजेपी ने 29 सितंबर तक उनकी उम्मीदवारी की आधिकारिक घोषणा नहीं की थी।

Rajya Sabha Election 2026: हरदीप पुरी को लेकर क्या स्थिति है?

केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी का नाम भी संभावित उम्मीदवारों में है। पुरी उत्तर प्रदेश से राज्यसभा सदस्य हैं और उनका मौजूदा कार्यकाल पूरा होने वाले सदस्यों में शामिल है। इसलिए उनके नाम को दोबारा उम्मीदवार बनाए जाने की चर्चा के संदर्भ में देखा जा रहा है। बीजेपी के सामने यहां दो विकल्पों की चर्चा है- मौजूदा सदस्यों में से कुछ को दोबारा मौका देना या नए चेहरों को राज्यसभा भेजना। यही वजह है कि हरदीप पुरी के साथ-साथ नए नाम भी चर्चा में हैं।

Rajya Sabha Election 2026
Rajya Sabha Election 2026
हरीश द्विवेदी और कौशल किशोर भी दावेदारों में

हरीश द्विवेदी और कौशल किशोर के नाम भी संभावित सूची में शामिल हैं। हरीश द्विवेदी बीजेपी के संगठनात्मक ढांचे में सक्रिय रहे हैं और राष्ट्रीय महासचिव की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं। वहीं कौशल किशोर उत्तर प्रदेश की राजनीति में सक्रिय प्रमुख बीजेपी नेताओं में शामिल रहे हैं। इन नामों के साथ पार्टी के सामने संगठनात्मक अनुभव, क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व और सामाजिक समीकरण जैसे कई पहलुओं को ध्यान में रखने का सवाल है। हालांकि, किसी नाम को सिर्फ इन चर्चाओं के आधार पर टिकट का पक्का दावेदार कहना सही नहीं होगा।

Rajya Sabha Election 2026: रेखा वर्मा, गीता शाक्य और प्रियंका रावत पर भी नजर

संभावित नामों में रेखा वर्मा, गीता शाक्य और प्रियंका रावत के नाम भी बताए गए हैं। गीता शाक्य मौजूदा राज्यसभा सदस्यों में शामिल हैं और बीजेपी के संगठन में भी जिम्मेदारी संभाल चुकी हैं। रेखा वर्मा और प्रियंका रावत के नाम भी संभावित सूची में रखे गए हैं। बीजेपी के सामने यहां एक और सवाल है- क्या पार्टी कुछ मौजूदा चेहरों को दोबारा राज्यसभा भेजेगी या नए नेताओं को मौका देगी? इसी फैसले से संभावित सूची में शामिल कई नामों की स्थिति साफ होगी।

राजवीर सिंह ‘राजू भैया’ का नाम भी चर्चा में

एटा से बीजेपी के नेता राजवीर सिंह उर्फ राजू भैया का नाम भी संभावित उम्मीदवारों में शामिल बताया गया है। वह उत्तर प्रदेश की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय हैं। उनके नाम की चर्चा को पार्टी के व्यापक क्षेत्रीय और सामाजिक प्रतिनिधित्व के संदर्भ में देखा जा रहा है। हालांकि, यहां भी यही स्थिति है कि संभावित नामों पर चर्चा और केंद्रीय नेतृत्व की अंतिम मंजूरी के बीच अभी अंतर है।

Rajya Sabha Election 2026: बृजलाल से प्रकाश पाल और दुर्विजय शाक्य तक

पूर्व यूपी डीजीपी और बीजेपी नेता बृजलाल का नाम भी राज्यसभा के संभावित उम्मीदवारों में है। वह पहले राज्यसभा सदस्य रह चुके हैं और उत्तर प्रदेश में अनुसूचित जाति से जुड़े मामलों को लेकर राजनीतिक भूमिका में रहे हैं। प्रकाश पाल और दुर्विजय शाक्य के नाम भी चर्चा में बताए गए हैं। इस तरह संभावित सूची में संगठन, सरकार, सामाजिक प्रतिनिधित्व और अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े कई चेहरे शामिल हैं। बीजेपी के लिए अंतिम चयन में इन सभी पहलुओं का संतुलन एक महत्वपूर्ण मुद्दा हो सकता है। हालांकि पार्टी ने अभी यह नहीं बताया है कि किस आधार पर अंतिम नाम तय किए जाएंगे।

अब समझिए राज्यसभा का असली गणित

राज्यसभा चुनाव सीधे जनता के वोट से नहीं होता। राज्यों के निर्वाचित विधायक राज्यसभा सदस्यों का चुनाव करते हैं और मतदान सिंगल ट्रांसफरेबल वोट प्रणाली से होता है। उत्तर प्रदेश में एक उम्मीदवार को पहली वरीयता के आधार पर जीतने के लिए मौजूदा प्रभावी विधानसभा संख्या के हिसाब से करीब 37 वोट की जरूरत है। उत्तर प्रदेश विधानसभा में प्रभावी संख्या 397 के आसपास है। बीजेपी नेतृत्व वाले NDA के पास करीब 289 विधायक और SP-कांग्रेस गठबंधन के पास करीब 103 विधायक बताए जा रहे हैं। यही गणित इस चुनाव को दिलचस्प बनाता है।

NDA के पास सात उम्मीदवारों के लिए जरूरी 259 वोट से ज्यादा संख्या है। इसके बाद बचने वाले वोटों और अन्य दलों/विधायकों के समर्थन से आठवीं सीट का समीकरण बन सकता है। दूसरी तरफ SP के पास दो सीटों के लिए जरूरी 74 वोट से ज्यादा संख्या है। इसलिए तीसरी सीट पर मुकाबले का सवाल उठता है। यानी बीजेपी के पास आठवीं सीट के लिए दावा करने का राजनीतिक गणित मौजूद है, लेकिन इसे पहले से जीती हुई सीट मानना उचित नहीं होगा। उम्मीदवारों की संख्या, क्रॉस-वोटिंग, अतिरिक्त समर्थन और अंतिम नामांकन के बाद तस्वीर और साफ होगी।

Rajya Sabha Election 2026: आठवीं सीट ही क्यों बनी सबसे बड़ा सवाल?

बीजेपी के पास विधानसभा में पर्याप्त संख्या होने के बावजूद आठवीं सीट के लिए अतिरिक्त समर्थन का सवाल महत्वपूर्ण है। वहीं समाजवादी पार्टी तीन उम्मीदवार उतारने की तैयारी की बात कह चुकी है। अगर मुकाबला अतिरिक्त सीटों तक जाता है तो उम्मीदवारों के पास अपने-अपने समर्थक विधायकों को एकजुट रखने की चुनौती होगी। यही कारण है कि राज्यसभा चुनाव में सिर्फ पार्टी की घोषित संख्या ही नहीं, बल्कि उम्मीदवारों की रणनीति और मतदान के समय बनने वाले समीकरण भी महत्वपूर्ण होते हैं।

यहां बहुजन समाज पार्टी की भूमिका को लेकर भी चर्चा है। विधानसभा में BSP के पास कोई विधायक नहीं है, लेकिन उसके राज्यसभा सांसद रामजी गौतम का कार्यकाल भी समाप्त हो रहा है। ऐसे में अंतिम सीट के समीकरण में BSP के रुख पर भी राजनीतिक नजर रहेगी।

2027 के विधानसभा चुनाव का कितना असर?

राज्यसभा चुनाव ऐसे समय हो रहा है जब उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारी का दौर चल रहा है। इसलिए उम्मीदवारों के चयन को केवल राज्यसभा तक सीमित करके नहीं देखा जा रहा है। बीजेपी के सामने क्षेत्रीय और सामाजिक प्रतिनिधित्व का संतुलन बनाए रखने का सवाल भी है। कुछ रिपोर्टों में ब्राह्मण, गैर-यादव OBC और दलित प्रतिनिधित्व समेत अलग-अलग सामाजिक समीकरणों को उम्मीदवार चयन से जोड़कर देखा गया है। इसी वजह से पुराने सांसदों को दोबारा मौका देने और नए चेहरों को राज्यसभा भेजने के बीच पार्टी का फैसला महत्वपूर्ण होगा।

Rajya Sabha Election 2026:क्या इन सबमें 8 नाम फाइनल होंगे?

जरूरी नहीं। 29 सितंबर तक सामने आई जानकारी में 11 नाम प्रमुख चर्चा में थे, लेकिन अन्य रिपोर्टों में बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व को 24-25 से अधिक नामों का पैनल भेजे जाने की बात सामने आई है। यानी पार्टी के पास संभावित नामों की सूची इससे काफी बड़ी है। इसलिए स्मृति ईरानी, हरदीप पुरी, हरीश द्विवेदी, कौशल किशोर समेत इन 11 नामों को चर्चा में शामिल प्रमुख चेहरे माना जाना चाहिए, न कि अंतिम उम्मीदवार।

कब साफ होगी पूरी तस्वीर?

नामांकन की आखिरी तारीख 6 अक्टूबर है। 7 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी और 9 अक्टूबर तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। इसके बाद 16 अक्टूबर को मतदान होगा और उसी दिन शाम को मतगणना होगी। चुनाव प्रक्रिया 19 अक्टूबर तक पूरी होनी है। यानी अभी सबसे बड़ा इंतजार बीजेपी के आधिकारिक उम्मीदवारों के ऐलान का है। इसके बाद ही यह साफ होगा कि पार्टी ने मौजूदा सांसदों पर भरोसा जताया है, नए चेहरों को मौका दिया है या दोनों का मिश्रण बनाया है।

Rajya Sabha Election 2026: 8 सीट, कई दावेदार और अंतिम फैसला दिल्ली से

उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के चुनाव में बीजेपी के सामने मौजूदा आठ सीटों की स्थिति को लेकर बड़ा फैसला है। पार्टी के संभावित नामों में पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, हरीश द्विवेदी, कौशल किशोर, रेखा वर्मा, गीता शाक्य, राजवीर सिंह, प्रियंका रावत, बृजलाल, प्रकाश पाल और दुर्विजय शाक्य जैसे नाम चर्चा में हैं। लेकिन अभी तक इन नामों में से किसी को आधिकारिक उम्मीदवार नहीं घोषित किया गया है। ऐसे में असली तस्वीर नामांकन के दौरान ही सामने आएगी। फिलहाल चुनाव का सबसे बड़ा सवाल यही है कि बीजेपी आठ सीटों के लिए किन आठ चेहरों को मैदान में उतारती है और 2027 से पहले पार्टी किस तरह का सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन साधती है।

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