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अधिक रामलक्ष्मण द्वादशी का पावन संयोग, जानें कब करें पूजा और किन समयों से बचें

अधिक रामलक्ष्मण द्वादशी
अधिक रामलक्ष्मण द्वादशी

RamLaxman Dwadashi: भगवान विष्णु को समर्पित पुरुषोत्तम मास यानी अधिक मास इन दिनों चल रहा है। इस पवित्र महीने का 12वां दिन, ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि, 27 मई 2026 दिन बुधवार को पड़ रही है। इसी दिन रामलक्ष्मण द्वादशी का पर्व मनाया जाएगा। इसे चंपक द्वादशी के नाम से भी जाना जाता है। यह खास दिन भगवान श्रीराम और उनके छोटे भाई लक्ष्मण की पूजा के लिए समर्पित माना जाता है।

अधिक रामलक्ष्मण द्वादशी
अधिक रामलक्ष्मण द्वादशी

अधिक मास में बढ़ गया पर्व का महत्व

इस बार यह द्वादशी पुरुषोत्तम मास में पड़ रही है, इसलिए इसे अधिक रामलक्ष्मण द्वादशी कहा जा रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पुरुषोत्तम मास और द्वादशी दोनों ही भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय हैं। ऐसे में इस दिन व्रत, पूजा और दान करने का महत्व कई गुना बढ़ जाता है।

मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा और विधि-विधान से भगवान राम और लक्ष्मण की पूजा करने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है। साथ ही मनोकामनाएं पूरी होने और परिवार में खुशहाली बनी रहने का आशीर्वाद मिलता है।

शुभ योगों का बन रहा विशेष संयोग

27 मई को कई शुभ योग बन रहे हैं, जो इस दिन को और भी खास बना रहे हैं। इस दिन रवि योग और सर्वार्थ सिद्धि योग का निर्माण होगा। ज्योतिष में इन योगों को कार्य सिद्धि, सफलता और शुभ परिणाम देने वाला माना जाता है।हालांकि, दिन की शुरुआत में भद्रा का प्रभाव भी रहेगा। इसलिए किसी भी शुभ या मांगलिक कार्य को करते समय सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।

बुधवार का पंचांग और ग्रह-नक्षत्र

बुधवार को सूर्योदय सुबह 5 बजकर 25 मिनट पर होगा, जबकि सूर्यास्त शाम 7 बजकर 12 मिनट पर रहेगा। चंद्रमा का उदय दोपहर 3 बजकर 51 मिनट पर और चंद्रास्त 28 मई की सुबह 3 बजकर 1 मिनट पर होगा।एकादशी तिथि सुबह 6 बजकर 21 मिनट तक रहेगी। इसके बाद द्वादशी तिथि प्रारंभ हो जाएगी। इस दिन चित्रा नक्षत्र और व्यतीपात योग का संयोग रहेगा।

RamLaxman Dwadashi: अधिक रामलक्ष्मण द्वादशी
अधिक रामलक्ष्मण द्वादशी

RamLaxman Dwadashi: जानिए दिन के शुभ मुहूर्त

  • ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:03 बजे से 4:44 बजे तक
  • प्रातः संध्या: सुबह 4:24 बजे से 5:25 बजे तक
  • विजय मुहूर्त: दोपहर 2:36 बजे से 3:31 बजे तक
  • गोधूलि मुहूर्त: शाम 7:10 बजे से 7:31 बजे तक
  • निशिता मुहूर्त: रात 11:58 बजे से 12:39 बजे तक

इसके अलावा सर्वार्थ सिद्धि योग और रवि योग सुबह 5:25 बजे से 5:56 बजे तक रहेंगे।

अशुभ समय का भी रखें ध्यान

दिन में कुछ समय ऐसे भी रहेंगे जिन्हें शुभ कार्यों के लिए उचित नहीं माना जाता।

  • राहुकाल: दोपहर 12:18 बजे से 2:02 बजे तक
  • यमगंड: सुबह 7:08 बजे से 8:52 बजे तक
  • गुलिक काल: सुबह 10:35 बजे से दोपहर 12:18 बजे तक
  • दुर्मुहूर्त: सुबह 11:51 बजे से 12:46 बजे तक

इसके अलावा भद्रा का प्रभाव सुबह 5:25 बजे से 6:21 बजे तक रहेगा। इसलिए इस दौरान शुभ कार्य करने से बचने की सलाह दी जाती है।

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