Home » राष्ट्रीय » रवनीत सिंह बिट्टू ने केंद्रीय मंत्री पद से दिया इस्तीफा

रवनीत सिंह बिट्टू ने केंद्रीय मंत्री पद से दिया इस्तीफा

Ravneet Singh

Ravneet Singh: केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने शुक्रवार को अपने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया। बिट्टू केंद्र सरकार में रेल राज्य मंत्री और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। उनका इस्तीफा किसी राजनीतिक विवाद या सरकार के साथ मतभेद के कारण नहीं, बल्कि संसद की सदस्यता से जुड़े संवैधानिक प्रावधानों के तहत हुआ है। रवनीत सिंह बिट्टू पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के पोते हैं और भारतीय जनता पार्टी के राज्यसभा सांसद रह चुके हैं।

राज्यसभा कार्यकाल खत्म होने के बाद छोड़ा मंत्री पद

रवनीत सिंह बिट्टू 2024 में भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए थे। इसके बाद उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के तीसरे कार्यकाल में रेल राज्य मंत्री और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री बनाया गया था। लोकसभा चुनाव में हार के बाद वह राज्यसभा के जरिए संसद पहुंचे और केंद्रीय मंत्रिपरिषद में शामिल हुए। हालांकि, जून 2026 में उनका राज्यसभा कार्यकाल समाप्त हो गया और उन्हें दोबारा उच्च सदन के लिए नामित नहीं किया गया। ऐसे में संसद सदस्य के रूप में उनका कार्यकाल समाप्त होने के बाद उनके लिए केंद्रीय मंत्री के पद पर बने रहना संवैधानिक रूप से संभव नहीं था। इसी वजह से उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दिया।

Ravneet Singh: क्या कहता है संविधान का प्रावधान?

केंद्रीय मंत्री के इस्तीफे के पीछे भारतीय संविधान के प्रावधान महत्वपूर्ण हैं। संविधान के अनुच्छेद 75(2) के तहत केंद्रीय मंत्री राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत अपने पद पर रहते हैं और प्रधानमंत्री की सलाह पर राष्ट्रपति मंत्रियों की नियुक्ति और उनके इस्तीफे की प्रक्रिया पूरी करते हैं। संवैधानिक व्यवस्था के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति संसद के किसी भी सदन का सदस्य नहीं है, तो वह अधिकतम छह महीने तक मंत्री पद पर रह सकता है। इस अवधि के भीतर उसे लोकसभा या राज्यसभा का सदस्य बनना जरूरी होता है। यदि वह संसद का सदस्य नहीं बन पाता है, तो उसे मंत्री पद छोड़ना पड़ता है। बिट्टू के मामले में भी इसी संवैधानिक प्रक्रिया के तहत इस्तीफा स्वीकार किया गया है।

2024 में भाजपा में शामिल हुए थे बिट्टू

रवनीत सिंह बिट्टू पंजाब की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय रहे हैं। वह पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के पोते हैं। 2024 में उन्होंने कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थामा था। इसके बाद उन्हें केंद्र की मोदी सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली। लोकसभा चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा, जिसके बाद भाजपा ने उन्हें राज्यसभा के रास्ते संसद भेजा और केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल किया। मंत्री पद छोड़ने के बाद भी बिट्टू भाजपा की राजनीति में सक्रिय रह सकते हैं। उनकी राजनीतिक पृष्ठभूमि और पंजाब में प्रभाव को देखते हुए पार्टी उनके अनुभव का इस्तेमाल राज्य में संगठन को मजबूत करने के लिए कर सकती है।

Ravneet Singh: पंजाब की राजनीति पर बढ़ सकता है फोकस

मंत्री पद से मुक्त होने के बाद अब रवनीत सिंह बिट्टू का राजनीतिक फोकस पंजाब पर बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। अगले साल प्रस्तावित पंजाब विधानसभा चुनाव को देखते हुए भाजपा राज्य में अपनी संगठनात्मक पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है। ऐसे में पार्टी बिट्टू को चुनावी रणनीति, संगठन विस्तार और पार्टी के जनाधार को बढ़ाने से जुड़ी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दे सकती है। हालांकि, उनकी आगे की भूमिका को लेकर अंतिम फैसला भाजपा नेतृत्व को करना है।

ये भी पढ़ें…पेपर लीक पर सरकार का एक्शन शुरू, NTA में 47 अधिकारियों की नौकरी गई, अब पेपर लीक पर 10 साल तक सजा